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दिल्ली के स्कूल की मनमानी, फीस नहीं दी तो 40 से ज्यादा बच्चियों को बनाया बंधक

July 11th, 2018 18:53 IST

हाईलाइट

  • राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल की फीस को लेकर मनमानी।
  • फीस जमा नहीं करने पर नर्सरी की 40 से ज्यादा बच्चियों को बेसमेंट में किया कैद।
  • पुलिस ने जुवेनाइल एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। दिल्ली के राबिया गर्ल्स पब्लिक स्कूल में बच्चों को बंधक बनाने का मामला सामने आया है। स्कूल प्रबंधन ने समय पर फीस जमा नहीं करने पर नर्सरी की 40 से ज्यादा मासूम बच्चियों को स्कूल के बेसमेंट में 5 घंटे तक कैद रखा। दरअसल बच्चों के परिजनों ने समय पर स्कूल की फीस नहीं भरी थी। इसलिए स्कूल बंधन ने मासूम बच्चियों को बंधक बनाया रखा। मामला सामने आने के बाद से स्कूल की प्रिंसिपल चुप्पी साधे हुए है। 

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हालांकि पूरा मामला मंगलवार का बताया जा रहा है जिसका खुलासा वीडियो वायरल होने के बाद आज हुआ है। जब परिजन अपनी बच्चियों को लेने के लिए स्कूल पहुंचे तो पता चला कि स्कूल प्रबंधन ने बच्चियों को बेसमेंट में बंद कर दिया है। इसके बाद अभिभावकों ने स्कूल परिसर में जमकर हंगामा शुरू कर दिया। अभिभावकों का आरोप है कि उनकी बच्चियों को सुबह 7.30 बजे से ही स्कूल के बेसमेंट में रखा गया था। छुट्टी के समय जब बच्चियां बाहर नहीं निकली तो अभिभावकों को इसकी जानकारी मिली। अभिभावक ने ये भी आरोप लगाया है कि बच्चों को 5 घंटे तक कुछ खाने-पीने को भी नहीं दिया गया। अभिवावकों के हंगामा करने के बाद उन्हें बताया गया कि बच्चों को बेसमेंट में बंद कर दिया गया है। और उनकी अनुपस्थिति मार्क कर दी गई है, क्योंकि स्कूल मैनेजमेंट को उनकी फीस प्राप्त नहीं हुई थी।

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वीडियो वायरल होने के बाद जब इस बात की सूचना स्थानीय प्रशासन व पुलिस को मिली तो चांदनी चौक क्षेत्र से आप विधायक इमरान हुसैन शिक्षा विभाग की टीम के साथ मौके पर स्कूल पहुंचे। फिलहाल इस मामले में पुलिस ने जुवेनाइल एक्ट व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्जकर जांच शुरू कर दी है। 

उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने घटना पर किया ट्वीट
इस मामले के सामने आने के बाद दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने ट्वीट कर स्कूल प्रशासन पर कड़ी कार्रवाई के आदेश दिए हैं। उन्होंने लिखा है कि स्कूल की इस हरकत से मैं खुद हैरान हूं।

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।