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तकनीकि शिक्षा के 46 प्रोग्राम एक साथ ऑनलाइन, 70 हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग

November 24th, 2020 10:45 IST
तकनीकि शिक्षा के 46 प्रोग्राम एक साथ ऑनलाइन, 70 हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग

हाईलाइट

  • तकनीकि शिक्षा के 46 प्रोग्राम एक साथ ऑनलाइन, 70 हजार शिक्षकों को ट्रेनिंग

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के 46 डेवलपमेंट फैकल्टी प्रोग्राम (एफडीपी) को एक साथ ऑनलाइन जोड़ा गया है। एआईसीटीई ट्रेनिंग एंड लर्निग (अटल) अकादमी के इन डेवलपमेंट प्रोग्राम का उदघाटन केंद्रीय शिक्षा मंत्री डॉ. रमेश पोखरियाल निशंक ने किया। इसके साथ ही 500वीं अटल एफडीपी (फैकल्टी डिवेलपमेंट प्रोग्राम) की शुरूआत होगी।

कोरोना महामारी के इस चुनौतीपूर्ण समय में एआईसीटीई से जुड़े शिक्षकों के कौशल में सुधार के लिए अब तक 499 ऑनलाइन एफडीपी आयोजित किए जा चुके हैं। इसमें देश के उच्च तकनीकी शिक्षण संस्थानों के 70 हजार से ज्यादा शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा चुकी है। गौरतलब है कि 1000 ऑनलाइन एफडीपी की योजना बनाई गई है, जिससे एक लाख प्रतिभागियों को लाभ होगा। एआईसीटीई के अध्यक्ष प्रोफेसर अनिल सहस्रबुद्धे उपस्थित थे।

इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने कहा, मुझे खुशी है कि तकनीकि शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार को बढ़ावा देने के लिए अखिल भारतीय तकनीकि शिक्षा परिषद हमेशा तत्पर रहा है। फैकल्टी के समग्र विकास के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। पूरे देश में अटल अकादमी द्वारा स्वीकृत संस्थानों एवं अन्य प्रतिष्ठित संस्थानों के फैकल्टी मेंबरों को प्रेरित करने और प्रशिक्षित करने के लिए यह एक अनूठी पहल है। उन्होनें बताया कि यह सभी फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम देश भर में आईआईटी, एनआईटी, आईआईआईटी, एनआईटीटीटीआर और कुछ अन्य संस्थानों द्वारा संचालित किये जाएंगे।

इस कार्यक्रम की सफलता पर डॉ. निशंक ने कहा, अटल अकादमी का वर्तमान आकार देखकर बेहद खुशी हो रही है, क्योंकि सितंबर 2019 में 11 अटल अकादमियों की घोषणा की गई थी और इस वर्ष लगभग 1000 से अधिक ऑनलाइन अटल अकादमी एफडीपी की योजना है। 1 लाख प्रतिभागियों को प्रशिक्षित किया जाएगा। यह बेहद गर्व की बात है कि अटल अकादमी का नाम वल्र्ड बुक रिकार्डस में शामिल किया जाएगा। उन्होने कहा कि शिक्षा पर सीधा सीधा प्रभाव डालने वाली ऐसी किसी भी योजना से जुड़ना बेहद खुशी की बात है। इसके अलावा उन्होंने नई शिक्षा नीति में शिक्षकों के प्रशिक्षण के प्रावधानों के बारे में भी सबको अवगत करवाया।

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।