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J&K से 370 हटने के बाद 765 पत्थरबाज गिरफ्तार, 950 बार संघर्षविराम उल्लंघन

J&K से 370 हटने के बाद 765 पत्थरबाज गिरफ्तार, 950 बार संघर्षविराम उल्लंघन

हाईलाइट

  • जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद 765 पत्थरबाज गिराफ्तार
  • 1 जनवरी 2019 से 4 अगस्त 2019 तक 361 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे
  • संघर्ष विराम उल्लंघन की 950 घटनाएं अगस्त से अक्टूबर 2019 के दौरान दर्ज की गई

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर से आर्टिकल 370 हटाए जाने के बाद पत्थरबाजी की घटनाओं में शामिल होने के आरोप में 765 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ने मंगलवार को लोकसभा में इसकी जानकारी दी।

मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित प्रश्न का उत्तर देते हुए कहा, '5 अगस्त 2019 से 15 नवंबर 2019 तक, पत्थरबाजी/कानून और व्यवस्था से संबंधित 190 मामलों में 765 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। 1 जनवरी 2019 से 4 अगस्त 2019 तक 361 ऐसे मामले दर्ज किए गए थे।'

एक अलग सवाल के जवाब में, रेड्डी ने यह भी कहा कि पाकिस्तान ने अगस्त और अक्टूबर के महीनों के बीच 950 बार संघर्षविराम उल्लंघन किए हैं।

उन्होंने कहा, 'जम्मू और कश्मीर में सीमा पार से एलओसी पर संघर्ष विराम उल्लंघन की 950 घटनाएं अगस्त 2019 से अक्टूबर 2019 के दौरान दर्ज की गई थीं।'

5 अगस्त को, केंद्र सरकार ने जम्मू और कश्मीर को संविधान के अनुच्छेद 370 के तहत दिए गए विशेष राज्य के दर्जा को समाप्त करने और राज्य को दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजन की घोषणा की थी।

रेड्डी ने यह भी कहा कि सुरक्षा बलों ने जम्मू-कश्मीर में बड़ी संख्या में भड़काने वाले और भीड़ जुटाने वाले लोगों की पहचान की है और उनके खिलाफ उठाए गए हैं। इसमें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत गिरफ्तारियां भी शामिल हैं।

उन्होंने कहा, 'जांच से पता चला है कि विभिन्न अलगाववादी संगठन और कार्यकर्ता, जो हुर्रियत का हिस्सा हैं, कश्मीर घाटी में पत्थरबाजी की घटनाओं के पीछे रहे हैं। एनआईए ने अब तक 18 लोगों के खिलाफ आतंकी फंडिंग के मामलों में आरोपपत्र सौंपा है।'

एक अन्य प्रश्न के उत्तर में, रेड्डी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने सूचित किया था कि 12,934 विदेशियों सहित कुल 34,10,219 पर्यटकों ने पिछले छह महीनों में जम्मू और कश्मीर का दौरा किया और पर्यटन के माध्यम से 25.12 करोड़ रुपये की आय अर्जित की गई।

मंत्री ने कहा कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद शुरू में जम्मू और कश्मीर के स्कूलों में छात्रों की उपस्थिति काफी कम थी, जो धीरे-धीरे बढ़कर वर्तमान में चल रही परीक्षा के दौरान 99.7 प्रतिशत हो गई।

5 अगस्त से पेलेट गन के इस्तेमाल से जुड़े एक सवाल पर, मंत्री ने कहा कि गंभीर कानून-व्यवस्था की समस्याओं से निपटने और नागरिकों को हताहत होने से बचाने के लिए प्रचुर सावधानी के साथ कुछ जगहों पर पेलेट गन का इस्तेमाल किया गया।

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