दैनिक भास्कर हिंदी: नाराजगी भुलाकर दावत में शामिल हुए शिवपाल, अखिलेश से मिले राजा भैया

March 22nd, 2018

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। सपा-बसपा के गठबंधन के बाद राज्यसभा चुनाव के बहाने अब अखिलेश यादव और चाचा शिवपाल सिंह यादव के बीच रिश्तों की कड़वाहट कुछ कम हो रही है। बुधवार को सपा विधायकों के लिए आयोजित डिनर पार्टी में शिवपाल पहुंचे तो होटल के पोर्ट में दो सपा विधायकों ने गुलदस्ता देकर उनका स्वागत किया। हालांकि इसके पहले सपा विधायकों की बुधवार दोपहर हुई बैठक में शिवपाल शामिल नहीं हुए थे। जिससे कयास लगाए जा रहे थे कि क्या शिवापाल डिनर पार्टी में शामिल होंगे, लेकिन जैसे ही शिवपाल डिनर पार्टी में पहुंचे सपा विधायकों ने उनका फूलों से स्वागत किया। वहीं सबसे ज्यादा जिस पर लोगों की नजरें गईं वह थे प्रतापगढ़ के बाहुबली निर्दलीय विधायक राजा भैया। राजा भैया के डिनर पार्टी में शामिल होने से कई कयास भी लगाए जा रहे हैं कि क्या वह सपा या बसपा दोनों में किसी का हाथ थामने जा रहे हैं, क्योंकि राजा भैया के बीजेपी में शामिल होने की खबर भी जोरों पर है। 

 

 

इस डिनर में राज्यसभा प्रत्याशी जया बच्चन, विनोद सरोज भी शामिल हुए। अखिलेश यादव ने डिम्पल यादव के साथ सभी लोगों का स्वागत किया। पार्टी में अखिलेश ने राजा भैया से सपा प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करने का आग्रह किया। वहीं शिवपाल चाचा ने सपा-बसपा के गठबंधन की संभावना पर सकारात्मक रुख दिखाया। राज्यसभा के लिए अगले महीने होने वाले चुनावों से पहले समाजवादी पार्टी बिखरे कुनबे को संभालने की कोशिश में है। समाजवादी पार्टी की ओर से बुधवार को लखनऊ के एक पांच सितारा होटल में डिनर का इंतजाम किया गया था। जिसमें पार्टी की ओर से करीब 250 लोगों को न्योता दिया गया था। राज्यसभा इलेक्शन से पहले इस डिनर डिप्लोमेसी को सपा की ओर से नाराज सदस्यों से मनमुटाव खत्म करने और अपनी वोटों को बिखरने से रोकने की कोशिश माना जा रहा है।

 

 

सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने की मेजबानी

इस डिनर की मेजबानी गौरीगंज से सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह ने की। डिनर पार्टी को लेकर उनका कहना था कि ये समाजवादी परिवार को गेट-टुगेदर था और इसके राजनीतिक मायने ना निकाले जाएं। गोरखपुर और फूलपुर की जीत के जश्न में पार्टी राकेश प्रताप सिंह ने कहा कि ये पार्टी हाल ही में हुए उपचुनाव में सपा की जीत के जश्न में रखी गई है। सपा के सभी राज्यसभा और लोकसभा के सदस्यों को न्योता दिया गया था। पूर्व मंत्रियों और विधायकों को भी बुलाया गया था। डिनर पार्टी के दौरान राज भैया ने कहा कि "हम अखिलेश यादव के साथ थे, हैं और हमेशा रहेंगे। डिनर के बाद अखिलेश, डिंपल, जया बच्चन व राजा भैया एक ही लाईन में बैठे दिखे। उनके पीछे पार्टी के सभी विधायक व नेता एक साथ खड़े दिखे।

 

ये है आंकड़ा


अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने भी अब साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में वो अखिलेश के साथ हैं। शिवपाल यादव ने कहा कि वो और समाजवादी पार्टी के सभी विधायक 23 मार्च को वोट डालने जाएंगे। देश की कुल 58 राज्यसभा सीटों के लिए चुनाव होना है। इनमें से दस सीटें उत्तर प्रदेश से हैं। बीएसपी को 37 वोटों की जरूरत है। अभी बीएसपी के 19, समाजवादी पार्टी के 9, कांग्रेस के 7 और आरएलडी के एक विधायक को मिलाकर 36 वोट हो रहे थे यानी 37 से 1 कम लेकिन अब 2 विधायकों के जुड़ने से बीएसपी के उम्मीदवार के पक्ष में 38 वोट पड़ने की उम्मीद जताई जा रही यानी बीएसपी की जीत तय मानी जा सकती है।


एसपी-बीएसपी के समर्थन में 74 वोट हैं। जिसके बदौलत एसपी और बीएसपी की दोनों सीटें निकल सकती हैं, पार्टियों के विधायकों की संख्या ये है-

एसपी -47
बीएसपी-19
कांग्रेस -7
आरएलडी-1


हालांकि बीजेपी ने चुनाव से कुछ ही दिनों पहले ऐसा दांव खेला कि यूपी में बीजेपी के खिलाफ तैयार हो रहे विपक्षी गठबंधन की एक सीट फंस गई, जिसके लिए बीएसपी के भीमराव अंम्बेडकर लड़ रहे है। वहीं रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया शुरू से निर्दलीय चुनाव लड़ते है और जीतते हैं। ये बीजेपी और एसपी दोनों ही सरकारों में मंत्री रह चुकें है। लिहाजा दोनों से ही संबंध है, सूत्रों के मुताबिक, इनका चार से पांच विधायकों पर प्रभाव है, जिसमें विमल कुमार और अमनमणि है। बता दें कि मायावती ने तो 2002 में राजाभैया के पिता सहित उनके कई रिश्तेदारों पर अपराधिक मामले दर्ज करा दिये थे।

 

 

भतीजे अखिलेश का साथ देंगे चाचा शिवपाल

 

अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल यादव ने भी अब साफ कर दिया है कि राज्यसभा चुनाव में वो अखिलेश के साथ हैं। शिवपाल यादव ने कहा कि वो और समाजवादी पार्टी के सभी विधायक 23 मार्च को वोट डालने जाएंगे। बता दें कि यूपी राज्यसभा चुनाव में बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी को कांग्रेस के वोट दिलवाने के लिए पार्टी के चार बड़े नेता राजधानी में मौजूद रहेंगे। कांग्रेस सांसद प्रमोद तिवारी ने कहा कि वरिष्ठ नेता पीएल पुनिया, संजय सिंह, राज बब्बर और तिवारी खुद राजधानी में मौजूद रहेंगे। सात विधायकों वाली कांग्रेस ने पहले ही बीएसपी प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर को समर्थन देने का फैसला कर लिया है।


वहीं बीजेपी के कुछ नेताओं का दावा है कि नरेश अग्रवाल के करीबी एसपी के कुछ विधायक क्रास वोटिंग कर सकते हैं, जबकि एसपी का खेमा अपनी प्रत्याशी जया बच्चन और बीएसपी प्रत्याशी भीमराव आंबेडकर की जीत के प्रति आश्वस्त है।

 


 

डिनर पार्टी में ये लोग भी रहे शामिल
 

नेता प्रतिपक्ष रामगोविंद चौधरी, सांसद धर्मेंद्र यादव, एमएलसी उदयवीर सिंह, सुनील साजन, रामवृक्ष यादव, एमएलए मनोज पांडेय, अरविंद सिंह, विधान परिषद में विपक्षी दल के नेता अहमद हसन और अबरार अहमद, एमएलसी आनंद भदौरिया और आशु मलिक भी डिनर पार्टी में पहुंचे। उधर सपा की ही तरह उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी बीजेपी की तरफ से मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने अपने सरकारी आवास पर बुधवार शाम बीजेपी और सहयोगी दलों के विधायकों की बैठक बुलाई। जिसमें पार्टी की ओर से सीनियर पदाधिकारियों और सरकार की ओर से मंत्रियों को विधायकों के संपर्क में रहने को कहा गया। चुनावी प्रबंधन के लिए संगठन ने विशेष रणनीतिकारों को जिम्मेदारी दी गई।