दैनिक भास्कर हिंदी: सीएम योगी से सांकेतिक शादी रचाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता पहुंचीं जेल

December 10th, 2017

डिजिटल डेस्क, सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर में कुछ दिनों पहले सीएम योगी से सांकेतिक शादी रचाने वाली आंगनबाड़ी कार्यकर्ता को रोजद्रोह के आरोप में जेल पहुंचा दिया गया है। आंगनबाड़ी महिला कर्मचारी संघ की जिलाध्यक्ष नीतू सिंह को अन्य आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं समेत शनिवार को जेल भेजा गया है। उन पर यूपी सीएम योगी आदित्यनाथ के काफिले को रोकने का आरोप है।

नीतू सिंह ने मंजू बंसवार, सविता वर्मा और संतोष कुमारी समेत 70 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर शुक्रवार को नैमिषारण्य में सीएम योगी आदित्यनाथ का काफिला रोकने का प्रयास किया था, जिसके बाद पुलिस ने इन्हें गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में पुलिस ने इन सभी 70 आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं पर राजद्रोह का मामला दर्ज किया गया। शनिवार को सभी को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से इन्हें जेल भेज दिया गया।। इस मामले की अगली सुनवाई 11 दिसंबर को होगी।

बता दें कि अपनी मांगें पूरी न होने पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नीतू सिंह ने सीएम योगी के फोटो से शादी रचाई थी। नीतू सिंह ने यह शादी पिछले मंगलवार को रचाई थी। दरअसल, अपनी मांगों के ना माने जाने से यहा आंगनबाड़ी कार्यकर्ता नाराज चल रहे थे। आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की कई लंबित मांगों पर सीएम का ध्यान आकर्षित कराने के लिए ही कार्यकर्ताओं को यह अनोखा तरीका अपनाना पड़ा था। मंगलवार को हुई इस शादी की सभी रस्में जिले के विकास भवन परिसर में पूरी की गईं थी। शादी की दिलचस्प बात यह रही कि यह विवाह पूरे रस्मों-रिवाज के साथ संपन्न हुआ था। जिलाध्यक्ष नीतू ने वैदिक मंत्रों के उच्चारण पर सीएम योगी के फोटो के साथ सात फेरे लिए थे।

विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद नीतू सिंह ने योगी के फोटो के साथ स्थानीय मंदिर में दर्शन भी किया था। सीएम योगी के साथ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की इस शादी में बड़ी संख्या में लोग शरीक हुए थे। गौरतलब है कि यूपी के कई शहरों में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। कहीं महिलाएं कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठी हुई हैं, तो कहीं थालियां बजाकर विरोध प्रदर्शन किया जा रहा है।

यह हैं मांगे

  • भाजपा सरकार ने अपने घोषणा पत्र में जो आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का मानदेय बढ़ाने की बात कही थी, उसे पूरा करे।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिकाओं का मानदेय न रोकें। समय पर मानदेय दें।
  • आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को राज्य कर्मचारी का दर्जा मिले।
  • चार हजार रुपए प्रतिमाह मिलने वाले वेतन को 18,000 किया जाए।