दैनिक भास्कर हिंदी: झारखंड में राज्यसभा चुनाव में जीत को लेकर भाजपा आश्वस्त

June 16th, 2020

हाईलाइट

  • झारखंड में राज्यसभा चुनाव में जीत को लेकर भाजपा आश्वस्त

नई दिल्ली, 16 जून (आईएएनएस)। झारखंड में राज्यसभा चुनाव को लेकर भाजपा और झामुमो में शह मात का खेल जारी है। जीत को पक्का करने के लिए भाजपा अपन समीकरण दुरुस्त करने में जुटी है। भाजपा हाईकमान की हर बनते-बिगड़ते समीकरण पर नजर है।

सूत्रों के अनुसार, भाजपा महासचिव अरुण सिंह लगातार प्रदेश के वरिष्ठ नेताओं के साथ ही भाजपा विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी के संपर्क में है।

हालांकि इस बीच, भाजपा को एक झटका लगा है। भाजपा विधायक ढुल्लू महतो की धनबाद कोर्ट से जमानत याचिका खारिज हो गई है। इससे पार्टी की मुश्किलें थोड़ी बढ़ी हैं। फिर भी भाजपा अश्वस्त है।

भाजपा को राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए 27 वोट चाहिए। भाजपा के 25 विधायक हैं। बाबूलाल मरांडी के शामिल होने के बाद यह संख्या बढ़कर 26 हो गई है। निर्दलीय विधायक सरयू राय का समर्थन मिलने के बाद भाजपा की जीत पक्की हो गई है। अगर भाजपा को आजसू के दो विधायकों का समर्थन रहा, तो भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी दीपक प्रकाश की जीत सुनिश्चित हो जाएगी।

इस बीच भाजपा के राज्यसभा प्रत्याशी और झारखंड भाजपा के अध्यक्ष दीपक प्रकाश ने आईएएनएस से कहा कि वह जीत के प्रति पूरी तरह आशान्वित हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके पक्ष में 30 वोट गिरेंगे। उनका कहना है कि जरूरी संख्या जुटा ली गई है और किसी भी सूरत में राज्यसभा चुनाव में भाजपा के पक्ष में वोट कम नही होंगे।

भाजपा सांसद सुनील सिंह का भी कहना है कि राज्यसभा चुनाव में पार्टी उम्मीदवार की जीत होगी, और इसके लिए जरूरी बहुमत भाजपा के साथ है।

गौरतलब है कि झारखंड की दो राज्यसभा सीटों के लिए मैदान में तीन उम्मीदवार हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा से शिबू सोरेन हैं, तो भाजपा ने अपने प्रदेश अध्यक्ष दीपक प्रकाश को मैदान में उतारा है। जबकि कांग्रेस की तरफ से शहजादा अनवर प्रत्याशी हैं।

विधायकों के आंकड़े के लिहाज से झामुमो सुप्रीमो शिबू सोरेन की राह आसान है। उनकी राज्यसभा में जीत पक्की मानी जा रही है। वहीं दूसरी ओर निर्दलीय विधायक सरयू राय और दूसरे निर्दलीय विधायक अमित कुमार भी खुलकर भाजपा को समर्थन देने की घोषणा कर चुके हैं। इससे दीपक प्रकाश की राज्यसभा की राह आसान दिखती है।

इस समीकरण में कांग्रेस की जीत की राह थोड़ी कठिन दिख रही है। कांग्रेस के समर्थन में विधायकों की संख्या 22 ही हो रही है। कांग्रेस को जीत के लिए पांच और विधायकों की जरूरत पड़ेगी।