दैनिक भास्कर हिंदी: महारैली पर बोली बीजेपी- मोदी को हटाने के लिए इकट्ठा हुए विपक्षी, देश के लिए कोई रोडमैप नहीं

January 20th, 2019

हाईलाइट

  • कोलकाता महारैली में एकजुट हुए मोदी विरोधी दलों पर बीजेपी ने पलटवार किया है।
  • बीजेपी का कहना है कि ये सभी दल नरेन्द्र मोदी को पीएम पद से हटाने के लिए एक हो रहे हैं।
  • केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, इनके पास देश के भविष्य का कोई रोड मैप नहीं है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कोलकाता महारैली में एकजुट हुए मोदी विरोधी दलों पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी का कहना है कि ये सभी दल नरेन्द्र मोदी को पीएम पद से हटाने के लिए एक हो रहे हैं, इनके पास देश के भविष्य का कोई रोड मैप नहीं है। केन्द्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा, 'जो लोग कभी एक दूसरे की आंख से आंख नहीं मिला सकते थे वे आज एक हो रहे हैं। इन लोगों के भाषण सुनकर साफ-साफ लगता है कि इन सभी का एक ही एजेंडा है- पीएम मोदी को हटाना। इन दलों के पास देश के भविष्य के लिए कोई रोडमैप नहीं है।'


रविशंकर ने कहा, 'कोलकाता रैली में किसी नेता ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में कहा कि हमारा नेता भारत की जनता की ओर से चुना जाएगा। उन्हें यह तो बताना ही चाहिए कि उनके किस नेता को देश की जनता चुनेगी। वहां तो राहुल गांधी, मायावती, ममता बनर्जी और कई अन्य क्षेत्रीय दलों के नेता सभी प्रधानमंत्री बनना चाहते हैं।'

 

गौरतलब है कि कोलकात महारैली में शनिवार को 22 विपक्षी दल आगामी आम चुनाव में बीजेपी को मात देने के लिए एकजुट हुए। तेलंगाना के मुख्यमंत्री चंद्रशेखर राव को छोड़कर ममता की रैली में विपक्ष के लगभग सभी नेता पहुंचे। एनसीपी, आरजेडी, एसपी, बीएसपी, टीडीपी, जेडीएस, एनसीपी, नेशनल कांफ्रेंस और आम आदमी पार्टी के दिग्गज नेता इसमें शामिल हुए।

 

इस दौरान सभी राजनैतिक दलों के नेताओं ने केन्द्र की मोदी सरकार पर जमकर हल्ला बोला। ममता बनर्जी ने कहा, 'पीएम मोदी ने अखिलेश को नहीं छोड़ा, मायावती को नहीं छोड़ा, लालू जी को नहीं छोड़ा और हमको भी नहीं छोड़ा। किसी को भी नहीं छोड़ा। हम भी उन्हें नहीं छोड़ेंगे।' वहीं वरिष्ठ कांग्रेसी नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि मोदी सरकार समाज को तोड़ रही है, इसलिए हमें इसके खिलाफ खड़ा होना होगा।एनसीपी चीफ शरद पवार भी केन्द्र पर बरसे। उन्होंने कहा कि इस देश की प्रमुख संस्थाओं पर इस सरकार में हमला हो रहा है। जीएसटी और नोटबंदी जैसे कदमों के कारण देश की जनता परेशान हुई है।