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कश्मीर को लेकर यूके की लेबर पार्टी से मिली कांग्रेस, बीजेपी ने बताया शर्मनाक

कश्मीर को लेकर यूके की लेबर पार्टी से मिली कांग्रेस, बीजेपी ने बताया शर्मनाक

हाईलाइट

  • ब्रिटेन के लेबर पार्टी के साथ कांग्रेस के यूके प्रतिनिधियों की बैठक पर बीजेपी ने निशाना साधा है
  • इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर चर्चा की गई थी
  • विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस ने स्पष्टीकरण जारी कर भाजपा के लगाए आरोपों से इनकार किया

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। ब्रिटेन के लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कॉर्बिन के साथ कांग्रेस के यूके प्रतिनिधियों की बैठक पर बीजेपी ने निशाना साधते हुए इसे शर्मनाक बताया है। इस बैठक में जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर चर्चा की गई थी। विवाद बढ़ने के बाद भारतीय प्रवासी कांग्रेस ने एक स्पष्टीकरण जारी कर भाजपा के लगाए आरोपों से इनकार किया।

कांग्रेस पर हमला बोलते हुए, भाजपा ने कहा कि 'कांग्रेस को देश की जनता को यह बताना होगा कि उसके नेता विदेश जाकर विदेशी नेताओं से भारत के बारे में क्या बात करते हैं?' बीजेपी ने कहा, 'ऐसे शर्मनाक काम के लिए देश की जनता कांग्रेस पार्टी को करारा जबाव देगी।' कांग्रेस पर निशाना साधते हुए, भाजपा के विदेश मामलों के विभाग प्रभारी विजय चौथेवाले ने कहा, 'यह कांग्रेस यूके लेबर लीडर से सलाह ले रही है - वे सीधे पाकिस्तान में अपने आकाओं के पास जा सकते हैं।'

इस विवाद के बढ़ने के बाद इंडियन ओवरसीज कांग्रेस ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा कि 'यह बैठक लेबर पार्टी के पारित कश्मीर प्रस्ताव की निंदा करने के लिए आयोजित की गई थी। बैठक में दोहराया गया कि जम्मू-कश्मीर भारत का आंतरिक मामला है और बाहरी हस्तक्षेप स्वीकार नहीं किया जाएगा।' बता दें कि ब्रिटेन की विपक्षी लेबर पार्टी ने पिछले महीने कश्मीर को लेकर एक आपात प्रस्ताव पारित किया था।

कांग्रेस नेता आनंद शर्मा ने भी कहा कि 'जेरेमी कॉर्बिन की इस गलत बयानी से हम स्तब्ध हैं। जम्मू-कश्मीर से संबंधित कोई भी मुद्दा विशुद्ध रूप से भारत का आंतरिक मामला है।'

इंडियन ओवरसीज कांग्रेस के प्रतिनिधियों के साथ बैठक के बाद जेरेमी कॉर्बिन ने ट्वीट कर कहा था, 'भारतीय कांग्रेस पार्टी के यूके के प्रतिनिधियों के साथ एक बहुत ही प्रोडेक्टिव मीटिंग हुई। मीटिंग में हमने कश्मीर में मानव अधिकारों की स्थिति पर चर्चा की। कश्मीर में तनाव घटना चाहिए और भय और हिंसा का दौर भी थमना चाहिए।'

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।