दैनिक भास्कर हिंदी: बीएल संतोष बने बीजेपी के संगठन महासचिव, संघ में हुई रामलाल की वापसी

July 15th, 2019

हाईलाइट

  • बीजेपी ने रामलाल की जगह बीएल संतोष को राष्ट्रीय संगठन महासचिव पद पर नियुक्त किया है
  • आरएसएस ने रामलाल को एक दिन पहले वापस बुला लिया था जिसके बाद ये नियुक्ति हुई है
  • रामलाल इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेता हैं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने रविवार को रामलाल की जगह बीएल संतोष को राष्ट्रीय संगठन महासचिव पद पर नियुक्त किया है। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने रामलाल को एक दिन पहले वापस बुला लिया था जिसके बाद यह नियुक्ति की गई है। रामलाल पिछले 12 वर्षों से भाजपा के संगठन महासचिव थे। वह इस पद पर सबसे लंबे समय तक रहने वाले नेता हैं।

महासचिव का पद भाजपा के लिए काफी महत्वपूर्ण है। यह पद दो संगठनों - भाजपा और आरएसएस के बीच एक सेतु का काम करता है। भाजपा अपने राष्ट्रीय और राज्यों में संगठन महासचिव की नियुक्ति संघ से करती है। संतोष प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के विश्वस्त भी माने जाते हैं। उनके विचारों ने अक्सर दक्षिणी राज्यों, विशेष रूप से कर्नाटक से संबंधित पार्टी के निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

संतोष एक मुखर नेता हैं, जो पार्टी की हिंदुत्व विचारधारा को प्रभावी ढंग से लागू कर सकते हैं। पार्टी में दूसरे सबसे शक्तिशाली पद पर उनकी नियुक्ति एक ऐसे समय में हुई है जब पार्टी संगठनात्मक परिवर्तन करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों से पहले, उन्होंने पार्टी के वरिष्ठ नेता अनंत कुमार की विधवा तेजस्विनी अनंत कुमार को उनके पति की बेंगलुरु दक्षिण की पॉकेट बोरो सीट से टिकट नहीं देने के भाजपा के आश्चर्यजनक फैसले का बचाव किया था।

संतोष ने कहा था, पार्टी डीएनए और जीन के आधार पर चुनाव का टिकट नहीं दे सकती थी। भाजपा ने उनके नेतृत्व में तेलंगाना और कर्नाटक जैसे दक्षिणी राज्यों में आम चुनाव में भी अपने प्रदर्शन में सुधार किया। जैसा कि आने वाले दिनों में भाजपा में संगठनात्मक चुनाव होने जा रहे हैं, अटकले लगाई जा रही है कि शाह, जो गृह मंत्री भी हैं, अपनी पार्टी के पद को त्याग सकते हैं। ऐसे में संगठन में बदलाव लाने और आगे विधानसभा चुनाव की तैयारी करने के लिए संतोष की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।

कर्नाटक के शिवमोगा जिले से नाता रखने वाले बी एल संतोष पेशे से केमिकल इंजीनियर रहे हैं। संतोष ने कर्नाटक सहित दक्षिण भारत के आधे दर्जन राज्यों में संघ और अनुषांगिक संगठनों में भूमिकाएं निभाई है। संतोष के चुनाव करने का निर्णय आरएसएस की प्रांत प्रचारक बैठक में लिया गया, जिसका समापन शनिवार को विजयवाड़ा में हुआ। शीर्ष पद के लिए जिन अन्य नामों पर विचार किया गया, उनमें शिवप्रकाश और वी सतीश, भाजपा के दोनों राष्ट्रीय सचिव और सौदान सिंह शामिल थे।

रामलाल को कल पार्टी महासचिव के पद से आरएसएस के वापस बुलाए जाने के बाद, संतोष ने ट्वीट कर कहा था: '2006 से 12 सालों तक रामलाल जी के साथ सीखने का मौका मिला... शांत रहने और डिटेल्स पर ध्यान देना उनकी पहचान थी। वे मेरे जैसे कई लोगों के पिता थे। आपको शुभकामनाएं। हम आपको याद करेंगे।'
 

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