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बयान: राहुल का पीएम को चैलेंज, बोले- हिम्मत है तो बिना पुलिस के किसी यूनिवर्सिटी में जाकर दिखाएं


हाईलाइट

  • राहुल ने पीएम मोदी पर युवाओं की आवाज दबाने आरोप लगाया
  • राहुल ने कहा- मोदी लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं
  • पीएम नरेंद्र मोदी में छात्रों के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। नागरिकता कानून को लेकर कांग्रेस के नेतृत्व में विपक्षी दलों की बैठक के बाद पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को चैलेंज दे डाला। उन्होंने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की छात्रों के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं है। मैं उन्हें किसी भी विश्वविद्यालय में जाने के लिए चुनौती देता हूं कि वे वहां बिना पुलिस के जाएं और लोगों को बताए कि वह इस देश के लिए क्या करने जा रहे हैं।

राहुल ने पीएम मोदी पर युवाओं की आवाज दबाने आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि युवाओं की समस्या का समाधान करने के बजाय नरेंद्र मोदी राष्ट्र को विचलित और लोगों को विभाजित करने की कोशिश कर रहे हैं। युवाओं की आवाज वैध है, इसे दबाया नहीं जाना चाहिए, सरकार को इसे सुनना चाहिए।

बैठक में कई मुद्दों पर हुई चर्चा
हाल ही में जवाहर लाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) और जामिया समेत कई विश्वविद्यालय में प्रदर्शन हुए हैं और इस दौरान हिंसा की भी बात सामने आई है। इसी को लेकर राहुल गांधी ने पीएम मोदी पर निशाना साधा। आज नई दिल्ली में पार्लियामेंट एनेक्सी में हुई विपक्षी दलों की बैठक में अर्थव्यवस्था, बेरोजगारी, कृषि संकट, सीएए, एनआरसी और यूनिवर्सिटी के हालातों पर चर्चा हुई।

ये रहे मौजूद
विपक्षी दलों की बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, एके एंटनी, केसी वेणुगोपाल, गुलाम नबी आजाद और रणदीप सुरजेवाला, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी राजा, झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, आरजेडी के मनोज झा, नेशनल कांफ्रेस के हसनैन मसूदी और आरएलडी के अजित सिंह मौजूद थे।

इसके साथ ही आईयूएमएल के पीके कुन्हालीकुट्टी, लोकतांत्रिक जनता दल के शरद यादव, पीडीपी के मीर मोहम्मद फैयाज, जद (एस) के डी कुपेंद्र रेड्डी, हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा के जीतन राम मांझी, रालोसपा के उपेंद्र कुशवाहा तथा कई अन्य दलों के नेता भी बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में बसपा, आम आदमी पार्टी और तृणमूल कांग्रेस शामिल नहीं हुईं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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