दैनिक भास्कर हिंदी: चिदंबरम को अब 3 अक्टूबर तक रहना होगा तिहाड़ जेल में, कोर्ट ने बढ़ाई कस्टडी

September 19th, 2019

हाईलाइट

  • INX मीडिया मामले में पी चिदंबरम की ज्यूडिशियल कस्टडी 3 अक्टूबर तक बढ़ गई
  • 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी खत्म होने के बाद चिदंबरम को कोर्ट में पेश किया गया था
  • चिदंबरम पर भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने गुरुवार को INX मीडिया मामले में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम की ज्यूडिशियल कस्टडी 3 अक्टूबर तक बढ़ा दी। तिहाड़ जेल में बंद चिदंबरम को आज 14 दिनों की ज्यूडिशियल कस्टडी खत्म होने के बाद अदालत में पेश किया गया था।

सीबीआई की ओर से पेश हुए सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने  चिदंबरम की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि जिस दिन उन्हें (चिदंबरम) पहली बार जेल भेजा गया था उस समय से परिस्थिति में कोई बदलाव नहीं आया है। बता दें कि भ्रष्टाचार और मनी लॉन्ड्रिंग करने का आरोप है। सीबीआई और ईडी दोनों जांच एजेंसियां इसकी जांच कर रही है।

73 साल के चिदंबरम को सीबीआई ने 21 अगस्त को उनके जोर बाग स्थित आवास से गिरफ्तार किया था। उन्हें 22 अगस्त को कोर्ट में पेश किया गया था और चार दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया था। बाद में उन्हें  5 सितंबर को14 दिनों के लिए न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल भेज दिया गया। इस दौरान पी चिदंबरम के वकीलों ने अदालत में एक अन्य आवेदन भी दिया था जिसमें कहा गया था कि चिदंबरम प्रवर्तन निदेशालय (ED) मामले में आत्मसमर्पण करना चाहते हैं। चिदंबरम के इस आवेदन पर 12 सितंबर को सुनवाई हुई थी। हालांकि अदालत ने चिंदबरम के इस आवेदन को खारिज कर दिया था।

इस दौरान ED की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने चिदंबरम के आवेदन का विरोध किया था। उन्होंने स्पेशल जज अजय कुमार कुहर से कहा था, 'हमने इस मामले के छह लोगों को तलब किया है। उनमें से तीन से पूछताछ की गई। हमें सभी छह व्यक्तियों से पूछताछ करना है ताकि हम आरोपी (चिदंबरम) का उनसे सामना करा सकें। वह (चिदंबरम) सबूतों से छेड़छाड़ करने की स्थिति में नहीं है क्योंकि वह पहले से ही न्यायिक हिरासत में है।' उन्होंने कहा 'उचित समय पर चिदंबरम को गिरफ्तार किया जाएगा।'

बता दें कि 2007 में जब UPA-1 में चिदंबरम वित्त मंत्री थे उस वक्त उन्होंने मुंबई की INX मीडिया कंपनी को फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (FIPB) की मंजूरी दिलाने में मदद की थी। उन्होंने अनियमितता बरतते हुए मीडिया समूह को FIPB क्लीयरेंस दे दिया। इसके बाद INX को 305 करोड़ रुपए मिले। इस मामले में CBI ने 15 मई, 2017 को एक एफआईआर दर्ज की थी। पिछले साल ED ने भी इस मामले में मनी-लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम भी मामले में आरोपी हैं।

INX मीडिया कंपनी के मालिक पीटर मुखर्जी और इंद्राणी मुखर्जी हैं, जो अपनी बेटी शीना बोरा के मर्डर के आरोप में जेल में बंद हैं।