दैनिक भास्कर हिंदी: चिराग ने राहुल गांधी को सराहा, बोले- बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को मजबूती से उठाया

December 20th, 2018

हाईलाइट

  • बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) NDA से अलग हो सकती है।
  • लगातार दो दिनों से चिराग पासवान के जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं वह इसी ओर इशारा कर रहे हैं।
  • बुधवार को चिराग पासवान ने कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी की जमकर तारीफ की।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। बिहार में लोक जनशक्ति पार्टी (LJP) NDA से अलग हो सकती है। लगातार दो दिनों से चिराग पासवान के जिस तरह के बयान सामने आ रहे हैं वह इसी ओर इशारा कर रहे हैं। बुधवार को चिराग पासवान ने कांग्रेस प्रेसिडेंट राहुल गांधी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के अंदर सकारात्मक बदलाव आए हैं। पासवान के इस बयान के सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि पासवान पलटी मार सकते हैं।

चिराग ने कहा, 'राहुल गांधी में सकारात्मक बदलाव आया है। कांग्रेस ने लंबे समय बाद जीत हासिल की है। अगर आप किसी की आलोचना करते हैं तो आपको उनके अच्छे प्रदर्शन पर उनकी तारीफ भी करनी चाहिए।' उन्होंने कहा, 'राहुल गांधी ने जिस तरह से बेरोजगारी और किसानों के मुद्दों को उठाया वह अच्छा था। जबकि हम धर्म और मंदिर की बातों में उलझे रहे। मैं सरकार से निवेदन करता हूं कि हम लोगों को फिर से अपना फोकस पूरी तरह विकास पर करना चाहिए।'

इससे पहले चिराग पासवान ने मंगलवार को ट्वीट करते हुए कहा था कि टीडीपी और आरएलएसपी के एनडीए गठबंधन से अलग हो जाने के बाद गठबंधन नाजुक दौर से गुजर रहा है। ऐसे समय में भारतीय जनता पार्टी गठबंधन में फ़िलहाल बचे हुए साथियों की चिंताओं को समय रहते सम्मान पूर्वक तरीक़े से दूर करें। उन्होंने आगे कहा, गठबंधन की सीटों को लेकर कई बार भारतीय जनता पार्टी के नेताओ से मुलाक़ात हुई परंतु अभी तक कुछ ठोस बात आगे नहीं बढ़ पायी है। इस विषय पर समय रहते बात नहीं बनी तो इससे नुक़सान भी हो सकता है।

इस साल अक्टूबर में बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने घोषणा की थी कि वे और बीजेपी 50-50 फॉर्मूले पर चुनाव लड़ेंगी। इस ऐलान के बाद जमुई से सांसद और रामविलास पासवान के बेटे चिराग पासवान ने तेजस्वी के साथ फोन पर 10 मिनट बात की थी। हालांकि बाद में सफाई देते हुए इसे महज एक मुलाकात करार दिया गया था। उन्होंने कहा था कि बीजेपी NDA के साथ ही रहेगी। हम एक साथ काम करेंगे और हमें उम्मीद है कि चुनाव लड़ने के लिए सम्मानजनक सीटें मिलेंगी।

वहीं, 10 दिसंबर को मंत्रिमंडल से इस्तीफा देने के बाद उपेन्द्र कुशवाहा ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा था। उन्होंने कहा कि पीएम ने बिहार को विशेष पैकेज का वादा किया था लेकिन वह नहीं मिला। कुशवाहा ने आरोप लगाया कि केंद्र की एनडीए सरकार से बिहार को जो आस थी वह पूरी नहीं हुई।