comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोयला घोटाला : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिलीप रे की सजा निलंबित की

October 27th, 2020 22:00 IST
 कोयला घोटाला : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिलीप रे की सजा निलंबित की

हाईलाइट

  • कोयला घोटाला : दिल्ली हाईकोर्ट ने दिलीप रे की सजा निलंबित की

नई दिल्ली, 27 अक्टूबर (आईएएनएस)। दिल्ली हाईकोर्ट ने कोयला ब्लॉक आवंटन केस से जुड़े एक मामले में को लेकर पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे की अपील को स्वीकार करते हुए उनकी सजा को निलंबित कर दिया। रे को ट्रायल कोर्ट ने सजा सुनाई थी, जिसके खिलाफ उन्होंने दिल्ली हाईकोर्ट में अपील की थी।

न्यायमूर्ति सुरेश कुमार कैत ने रे की अपील को स्वीकार किया और मामले में आगे की सुनवाई 25 नवंबर सूचीबद्ध कर दी।

दिल्ली हाईकोर्ट ने सोमवार को 1999 में अटल बिहारी वायपेयी सरकार के समय झारखंड में कोयला ब्लॉक के आवंटन में अनियमितताओं को लेकर अपना फैसला सुनाया था।

वकील चंद्र प्रकाश, भरत शर्मा और आकाश चटर्जी रे के लिए हाईकोर्ट में पेश हुए, जो 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में मंत्री थे, जबकि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) का प्रतिनिधित्व वकील मृदुल जैन ने किया।

अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार में कोयला राज्यमंत्री रहे रे को सीबीआई की एक विशेष अदालत ने सोमवार को कोयला ब्लॉक मामले में तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई थी।

मामला झारखंड के गिरिडीह में 1999 में ब्रह्मडीहा कोयला ब्लॉक के आवंटन से जुड़ा हुआ है।

रे के अलावा निचली अदालत ने उस समय मंत्रालय में वरिष्ठ अधिकारी रहे प्रदीप कुमार बनर्जी और नित्यानंद गौतम को भी तीन-तीन वर्ष कैद की सजा सुनाई।

अदालत ने उन्हें भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 120-बी (आपराधिक साजिश), 409 (आपराधिक विश्वासघात) और 420 (धोखाधड़ी) के साथ ही भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दोषी ठहराया।

इसके अलावा इसने कैस्ट्रन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड (सीटीएल) के निदेशक महेंद्र कुमार अग्रवाल को भी विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराया था।

बता दें कि निचली अदालत में सीबीआई की तरफ से पेश हुए लोक अभियोजक ए. पी. सिंह ने दोषियों के लिए अधिकतम सजा की मांग की थी।

एकेके/आरएचए

कमेंट करें
qB3z0
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।