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निर्मला के बयान पर चिदंबरम बोले- जो सरकार कम प्याज खाने को कहती है, उसे चले जाना चाहिए


हाईलाइट

  • प्याज की बढ़ती कीमतों के खिलाफ कांग्रेस का प्रदर्शन
  • प्रदर्शन में शामिल कांग्रेस नेता चिदंबरम ने सरकार को घेरा
  • 20 रुपये से 150 रुपए तक पहुंचा प्याज का भाव

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। देश में प्याज के बढ़ते दामों को लेकर कांग्रेस नेता संसद भवन परिसर में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस प्रदर्शन में जेल से बिहार आए पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम भी शमिल हुए हैं। प्याज की कीमतों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के बयान पर चिदंबरम ने मोदी सरकार को जमकर घेरा है। वित्त मंत्री सीतारमण ने बयान दिया था कि वह प्याज़ नहीं खाती हैं इसलिए उन्हें फर्क नहीं पड़ता है। चिदंबरम का कहना है कि जो सरकार कम प्याज खाने को कहती है, उसे चले जाना चाहिए। वैसे भी अर्थव्यवस्था के मामले में ये सरकार पूरी तरह से फेल हुई है।

विपक्ष लगातार आर्थिक मंदी और बढ़ती महंगाई को लेकर सरकार पर निशाना साध रहा है। कांग्रेस सदन के भीतर देश की आर्थिक स्थिति पर सरकार को घेर रही है। आज कांग्रेस सदन में भी प्याज का मुद्दा उठा सकती है। कांग्रेस का आरोप है कि पहले मंदी और अब महंगाई ने जनता की कमर तोड़ दी है। हालत ये है कि लोगों ने प्याज खरीदना छोड़ दिया है। प्याज की बढ़ती कीमतों को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार ने देश में प्याज की कीमतों को नियंत्रित करने के लिये कई कदम उठाये हैं जिनमें इसके भंडारण से जुड़े ढांचागत मुद्दों का समाधान निकालने के उपायम शामिल हैं।

गौरतलब है कि प्याज के बढ़ते दामों को लेकर देश में हाहाकार है। पिछले चार महीनों में प्याज के दाम 20 रुपए से 150 रुपए तक पहुंच गए हैं। दिल्ली-एनसीआर के बाजारों में खुदरा प्याज 80-120 रुपये किलो मिल रहा है। कई दिनों से देश के अलग-अलग हिस्सों में प्याज को लेकर प्रदर्शन भी हो रहे हैं। 

केंद्र सरकार ने जमाखोरी रोकने की कोशिश में तीन दिसंबर को खुदरा विक्रेताओं और थोक विक्रेताओं के लिए प्याज की स्टॉक सीमा घटाकर क्रमशः 5 टन और 25 टन कर दी थी। हालांकि, आयात किए गए प्याज पर यह स्टॉक सीमा लागू नहीं होगी। मंत्रिमंडल ने घरेलू आपूर्ति में सुधार और कीमतों को नियंत्रित करने के लिए 1.2 लाख टन प्याज के आयात को मंजूरी दी है। 

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