comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

कोविड-19: देश में एक दिन में 1.86 लाख लोगों को लगा कोरोना का टीका, अब तक 1.08 करोड़ लोगो लगी वैक्सीन

कोविड-19: देश में एक दिन में 1.86 लाख लोगों को लगा कोरोना का टीका, अब तक 1.08 करोड़ लोगो लगी वैक्सीन

हाईलाइट

  • वैक्सीन लगने के बाद पिछले 43 घंटों में 16 लोगों की मौत, कुल मौतें 37

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक वैक्सीनेशन अभियान के तहत 36वें दिन शनिवार को स्वास्थ्यकर्मियों और फ्रंट लाइन वर्कर्स सहित 1,86,081 लोगों काे कोरोना की वैक्सीन लगाई गई। अभियान 36 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में शाम 6 बजे तक चलाया गया। मंत्रालय ने बताया कि अब तक कुल 1,08,38,323 लोगों को कोरोना की वैक्सीन लगाई जा चुकी है।

जुटाए गए आंकड़ों में, 72,26,653 लाभार्थी स्वास्थ्य कर्मचारी हैं, जिनमें से 8,73,940 ने दूसरी खुराक ली। दूसरी खुराक देने का अभियान 13 फरवरी को शुरू हुआ। उस समय फ्रंटलाइन श्रमिकों की संख्या 36,11,670 थी। स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं के लिए प्रशासित पहली खुराक की संख्या 63,52,713 है। 18 फरवरी को चले टीकाकरण अभियान के दौरान सबसे अधिक एकल दिन का टीकाकरण किया गया था, जब 6,58,674 लाभार्थियों को टीका लगाया गया था।

वैक्सीन लगने के बाद पिछले 43 घंटों में 16 लोगों की मौत, कुल मौतें 37
मंत्रालय ने कहा कि पिछले 43 घंटों में दो सहित कुल 43 लाभार्थी अब तक अस्पताल में भर्ती हैं। इसमें से 26 को इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई, जबकि 16 लोगों के मरने की सूचना है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने यह भी कहा कि अब तक दर्ज की गई कुल मौतें 37 तक पहुंच गई हैं, जिसमें पिछले 24 घंटों में तीन नई मौतें शामिल हैं। इनमें से 16 मौतें विभिन्न अस्पतालों में हुईं, जबकि 21 अस्पतालों के बाहर दर्ज की गईं। हालांकि, इन घटनाओं और टीकाकरण के बीच कोई कारण लिंक अब तक स्थापित नहीं किया गया है, यह जोड़ा गया है।

स्वास्थ्य मंत्रालय में संयुक्त सचिव, मनदीप भंडारी ने बताया कि केरल की 51 वर्षीय एक महिला की टीकाकरण के चार दिन बाद मौत हो गई और उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अंत:स्रावी रक्तस्राव की पुष्टि हुई। एक अन्य मामला कर्नाटक के 51 वर्षीय एक पुरुष का है, जो मायोकार्डियल रोधगलन के कारण टीकाकरण के नौ दिन बाद मर गया। मनदीप भंडारी ने बताया कि मणिपुर की 44 वर्षीय एक महिला को टीकाकरण के एक सप्ताह बाद मृत घोषित कर दिया गया। उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।

कमेंट करें
IeLoO
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।