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दिल्ली : 9 साल से कब्र में दफन कत्ल के राज को खोद लाई पुलिस

October 07th, 2019 18:00 IST
 दिल्ली : 9 साल से कब्र में दफन कत्ल के राज को खोद लाई पुलिस

नई दिल्ली, 7 अक्टूबर (आईएएनएस)। समाज की नजरों में उसने अग्नि को साक्षी मानकर जिंदगी भर पति का साथ निभाने का वायदा तो कर लिया था, लेकिन ऐसा करते वक्त वह भूल गई थी कि जब वह पहले वाले की ही सगी नहीं हुई, तो फिर वह दूसरे की भी भला सगी कैसे हो जाएगी! उसकी एक इसी छोटी-सी गलती ने दो खानदानों को बर्बाद कर दिया। इतना ही नहीं, उसके खुद के माथे पर भी एक उम्र के लिए हत्यारिन पतिहंता का कलंक भी लग गया। क्योंकि पुलिस इस बार भी कातिल से काबिल निकली, और खोद लाई सैकड़ों मील दूर कई फुट गहरी कब्र में दफन मौत के राज को, पूरे 9 साल बाद।

यह जानकारी दिल्ली पुलिस अपराध शाखा के उपायुक्त जॉय टिर्की ने सोमवार को आईएएनएस को दी। उन्होंने आईएएनएस को बताया, दरअसल, इस पूरी कहानी की फिल्म-सी दिखाई पड़ने वाली पटकथा, प्यार-अविश्वास और धोखे पर आधारित असली कहानी है। रूह कंपा देने वाली इस पटकथा के प्रमुख पांच किरदार निकल कर सामने आए। पहला रवि कुमार, जो अब इस दुनिया में नहीं है। रवि कुमार दिल्ली के समालखा का रहने वाला था। दूसरा जय भगवान यानी रवि का पिता। तीसरी महिला पात्र शकुंतला, चौथा पात्र कमल सिंगला और पांचवां व अंतिम पात्र गणेश कुमार।

डीसीपी जॉय टिर्की के अनुसार, 22 मार्च, 2011 को यानी अब से करीब नौ साल पहले एक दिन जय भगवान का 22 साल का पुत्र रवि कुमार पत्नी शकुंतला के साथ घर से निकल जाता है। समालखा में ही रहने वाले अपने साढ़ू (शकुंतला की बहन का पति) से मिलने। घर वापस अकेली शकुंतला लौटती है। वह बताती है कि उसका पति रवि कुमार पांच मिनट में किसी से मिलकर लौट आने की बात कहकर घर से बाहर गया था। तब से जब काफी इंतजार के बाद भी नहीं लौटा तो वह वापस ससुराल (पति रवि कुमार के घर) चली आई।

अगले दिन 23 मार्च, 2011 को जय भगवान बेटे रवि के गायब हो जाने का शिकायत दर्ज करवा देते हैं। उसके बाद जय भगवान कुछ वक्त इंतजार करके बेटे के अपहरण का मामला एफआईआर नंबर 64/11 दिनांक 16 अप्रैल, 2011 को थाना कापसहेड़ा में दर्ज करवा देते हैं।

अक्टूबर 2011 में मामले की जांच जिला पुलिस से छीनकर क्राइम ब्रांच को दे दी जाती है। अपराध शाखा ने जब फाइलें खंगाली तो शुरू से ही उसकी नजर में शकुंतला करकने लगी। अपराध शाखा की नजर में शकुंतला का भाई राजू, राजू का दोस्त कमल सिंगला (कमल सिंगला शकुंतला का बॉयफ्रेंड भी था) भी चढ़ा हुआ था।

डीसीपी टिर्की के मुताबिक, रवि कुमार का शव बरामद नहीं हुआ था। संदिग्ध तमाम कोशिशों के बाद भी अपराध कबूलने को राजी नहीं थे। लिहाजा संदिग्धों पर नजर रखने के लिए सहायक पुलिस आयुक्त (एसीपी) सुरेंद्र कुमार गुलिया के नेतृत्व में इंस्पेक्टर अमलेश्वर राय, सब इंस्पेक्टर करमवीर सिंह, एएसआई जयवीर सिंह, नरेश कुमार और सिपाही हरेंद्र की टीम बना दी गई।

डीसीपी ने बताया कि कानूनी तौर-तरीकों का ख्याल रखते हुए 2017 में राजू और उसके दोस्त कमल सिंगला (शकुंतला के बॉयफ्रेंड) का गुजरात स्थित प्रयोगशाला में ब्रेन-मैपिंग टेस्ट कराया। ब्रेन-मैपिंग टेस्ट की रिपोर्ट चौंकाने वाली थी।

ब्रेन मैपिंग रिपोर्ट से खुलासा हुआ कि अलवर में पड़ोस में रहने वाली शकुंतला को, कमल सिंगला ने ही कहा था कि वह रवि कुमार से शादी करने बाद भी शारीरिक संबंध उससे न बनाए। कमल ने ही शुकंतला को उसके पति रवि के साथ, कमलेश (शकुंतला की बहन) के घर भेजा था। ताकि रवि का अपहरण आसानी से हो जाए और किसी को भी शकुंतला पर शक न हो।

मौका मिलने पर रवि को उसके साढ़ू के घर में कमल सिंगला ने नशीली चाय पिला दी। जब रवि पूरी तरह बेसुध हो गया तब उसका गला कमल सिंगला ने दबा दिया। रवि की लाश को राजस्थान के अलवर में ले जाकर साढ़े पांच फुट गहरी कब्र में दफना दिया गया था। जहां लाश दफनाई गई, वहीं बराबर में मुख्य हत्यारोपी कमल सिंगला की दुकान है।

डीसीपी टिर्की के अनुसार, जांच में सबसे काम की चीज पुलिस को तब मिली जब, ब्रेन मैपिंग के बाद से ही शकुंतला और कमल सिंगला गायब हो गए। 27 सिंतबर, 2019 को मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर कमल, शालीमार कॉलोनी, अलवर, राजस्थान से पकड़ा गया। तीन अक्टूबर को क्राइम ब्रांच ने कमल सिंगला के चालक गणेश को भी समस्तीपुर बिहार से पकड़ लिया।।

पांच अक्टूबर को कमल सिंगला और गणेश ने दिल्ली से सैकड़ों मील दूर अलवर में कब्र में नौ साल से दफन रवि कुमार की लाश बरामद करा दी। एसडीएम की मौजूदगी में पुलिस ने जब कब्र खुदवाई तो वहां लाश के नाम पर 25 हड्डियां बरामद हुईं। कब्र खोदने की दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने वीडियो भी बनवाई है। कमल सिंगला के अलवर स्थित मकान के पास ही शादी से पहले शकुंतला रहती थी। तभी से दोनों में अवैध संबंध थे।

-- आईएएनएस

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Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

Paytm Money: अब पेटीएम मनी ऐप से हर कोई कर सकता है स्टॉक मार्किट में  निवेश, कंपनी का 10 लाख निवेशकों को जोड़ने का लक्ष्य

डिजिटल डेस्क, दिल्ली। भारत के घरेलु वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम ने आज घोषणा की है कि इसकी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी पेटीएम मनी ने देश में सभी के लिए स्टॉकब्रोकिंग की सुविधा शुरू कर दी है। कंपनी का लक्ष्य इस वित्त वर्ष में 10 लाख से अधिक निवेशकों को जोड़ना है, जिसमें अधिकतर छोटे शहरों और कस्बों से आने वाले फर्स्ट टाइम यूजर्स होंगे। इस प्रयास का उद्देश्य उत्पाद के आसान उपयोग, कम मूल्य निर्धारण (डिलीवरी ऑर्डर पर जीरो ब्रोकरेज, इंट्राडे के लिए 10 रुपये) और डिजिटल केवाईसी के साथ पेपरलेस खाता खोलने के साथ निवेश को प्रोत्साहित करना तथा अधिक-से-अधिक लोगों तक पहुंचना है। कंपनी भारत में सबसे व्यापक ऑनलाइन वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनने के लिए प्रयासरत है, जो वित्तीय समावेशन के लक्ष्य के तहत आम लोगों तक आसानी से पहुंच सके।

पेटीएम मनी को अपने शुरुआती प्रयास में ही लोगों से भारी प्रतिक्रिया मिली और उसने 2.2 लाख से अधिक निवेशकों को अपने साथ जोड़ लिया। इनमें से, 65% उपयोगकर्ता 18 से 30 वर्ष के आयु वर्ग में हैं, जो दर्शाता है कि नई पीढ़ी अपनी वेल्थ पोर्टफोलियो का निर्माण कर रही है। टियर-1 शहरों जैसे मुंबई, बैंगलोर, हैदराबाद, जयपुर और अहमदाबाद में इस प्लेटफार्म को बड़े स्तर पर अपनाया गया है। ठाणे, गुंटूर, बर्धमान, कृष्णा, और आगरा जैसे छोटे शहरों में भी लोगों का भारी झुकाव देखने को मिला है। यह सेवा सुपर-फास्ट लोडिंग स्टॉक चार्ट्स, ट्रैक मार्केट मूवर्स एंड कंपनी फंडामेंटल्स सुविधाओं के साथ अब आईओएस, एंड्रॉइड और वेब पर उपलब्ध है। पेटीएम मनी ऐप शेयरों पर निवेश, व्यापार और सर्च के लिए प्राइस अलर्ट और एसआईपी सेट करने के लिए आसान इंटरफ़ेस प्रदान करता है।

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पेटीएम मनी के बारे में
पेटीएम मनी वन97 कम्युनिकेशंस की पूर्ण स्वामित्व वाली एक सहायक कंपनी है। वन97 कम्युनिकेशंस भारत की घरेलू वित्तीय सेवा प्रदाता पेटीएम का स्वामित्व भी रखता है। यह देश का सबसे बड़ा ऑनलाइन इंवेस्टमेंट प्लेटफार्म है, और अब इसने उपयोगकर्ताओं के लिए डायरेक्ट म्यूचुअल फंड्स और एनपीएस के अपने वर्तमान आॅफर में स्टॉक्स को भी जोड़ दिया है। पेटीएम मनी का लक्ष्य एक पूर्ण-स्टैक इंवेस्टमेंट और वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफार्म बनना और लाखों भारतीयों तक धन सृजन के अवसरों को पहुंचाना है। बेंगलुरु स्थित मुख्यालय से संचालित इस कंपनी की टीम में 300 से अधिक सदस्य हैं।