दैनिक भास्कर हिंदी: MP : कमलनाथ बने रहेंगे PCC चीफ, दिग्गी-सिंघार विवाद भी फिलहाल थमा

September 4th, 2019

हाईलाइट

  • कमलनाथ की समझाइश के बाद मीडिया के सामने आए उमंग सिंघार
  • कहा, जो कहना था कह चुका, अब नहीं करूंगा टिप्पणी
  • प्रदेश में सरकार और संगठन मजबूत है, किसी तरह का संवैधानिक संकट नहीं : सिंघार

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश कांग्रेस में आए सियासी भूचाल के बीच अब डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं। मंत्री उमंग सिंघार के दिग्विजय सिंह पर हमले पर संगीन आरोपों के बीच कमलनाथ ने मंगलवार शाम को सिंघार को समझाइश दी। जिसके बाद सिंघार बुधवार को मीडिया के सामने आए और कहा कि उन्हें जो कहना था वो कह चुके, अब किसी तरह की टिप्पणी नहीं करेंगे। सिंघार ने कहा कि प्रदेश में सरकार और संगठन मजबूत है, किसी तरह का संवैधानिक संकट नहीं है। 

5 सितंबर को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने मंत्रियों की बैठक बुलाई है, माना जा रहा है कि इस बैठक में सीएम मंत्रियों को बयानबाजी पर लगाम लगाने के निर्देश दे सकते हैं। मंत्री उमंग सिंघार और दिग्विजय सिंह के बीच पनपे विवाद की गूंज दिल्ली तक पहुंची, लिहाजा सीएम की कोशिश होगी कि इस तरह हालात दोबारा ना बने, जिससे सरकार और पार्टी की छवि पर विपरीत असर पड़े। 

सीएम की समझाइश के बाद क्या कहा मंत्री सिंघार ने ?

मध्य प्रदेश की सियासत में भूचाल लाने वाले उमंग सिंघार बुधवार को जब मीडिया के सामने आए तो उनके तेवर थोड़े नरम थे। कमलनाथ की समझाइश का असर भी उनकी बातों में दिखा और उन्होंने कहा कि जो बात कहनी थी वो उन्होंने पार्टी संगठन के सामने कह दी है। अब इसके आगे वो कोई टिप्पणी नहीं करेंगे। बुधवार को सिंघार के बंगले के बाद दिग्विजय समर्थकों ने प्रदर्शन किया और पुतला फूंका।

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सिंघार ने लगाए थे दिग्विजय पर गंभीर आरोप

दिग्विजय सिंह के मंत्रियों को पत्र लिखे जाने से खफा उमंग सिंघार ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर इसकी शिकायत की थी। पत्र में उन्होंने आरोप लगाया था कि दिग्विजय कमलनाथ सरकार को अस्थिर कर खुद को पावर सेंटर के रूप में स्थापित करना चाहते हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दिग्विजय सिंह को ब्लैकमेलर बताते हुए रेत और शराब का अवैध कारोबार करने का भी आरोप लगाया था। 

सिंधिया बोले, सिंघार ने जो मुद्दे उठाए उन्हें सुना जाना चाहिए

पूर्व सांसद ज्योतिरादित्य ने ग्वालियर में उमंग सिंघार के पक्ष में कहा कि सिंघार ने जो मुद्दे उठाए हैं, उन्हें सुनना चाहिए। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री को इस बारे में दोनों पक्षों को बैठाकर हल निकालना चाहिए।

विवाद के बीच अटकी पीसीसी चीफ की नियुक्ति

मध्य प्रदेश कांग्रेस में हालिया उपजे घटनाक्रम के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की नियुक्ति फिलहाल टल गई है। यानी जब तक विवाद पूरी तरह थम नहीं जाता, कमलनाथ ही अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालेंगे। दरअसल, प्रदेश अध्यक्ष के लिए सबसे पहले ज्योतिरादित्य सिंधिया के समर्थकों ने उनके पक्ष में लामबंदी की। बयानबाजी का दौर शुरू हुआ और सिंधिया के अलावा अजय सिंह, दिग्विजय सिंह और उमंग सिंघार के नाम प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए उछले। लेकिन उमंग के दिग्विजय पर हमले और अरुण यादव के खुद की अनदेखी को लेकर किए ट्वीट ने प्रदेश कांग्रेस में मचे घमासान को उजागर कर दिया। मध्य प्रदेश कांग्रेस का विवाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी तक भी पहुंच चुका है। लिहाजा खबरें हैं कि सोनिया गांधी विवाद पूरी तरह थमने के बाद ही नए अध्यक्ष की नियुक्ति पर विचार करेंगी।