comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

विस्तारवादी चीन ने अब भूटान के साथ नया सीमा विवाद खड़ा किया

June 30th, 2020 18:30 IST
 विस्तारवादी चीन ने अब भूटान के साथ नया सीमा विवाद खड़ा किया

हाईलाइट

  • विस्तारवादी चीन ने अब भूटान के साथ नया सीमा विवाद खड़ा किया

नई दिल्ली, 30 जून (आईएएनएस)। चीन ने अपने विस्तारवादी एजेंडे के साथ आगे बढ़ते हुए अब भारत के पारंपरिक सहयोगी भूटान के साथ एक नया सीमा विवाद खड़ा कर दिया है।

चीन ने जून के पहले सप्ताह में ग्लोबल एनवायरमेंट फैसिलिटी (जीईएफ) की 58वीं वर्चुअल (वीडियो कांफ्रेंस) बैठक में भूटान के सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य (एसडब्ल्यूएस) की जमीन को विवादित बताया है। इसके साथ ही चीन ने इस परियोजना के लिए होने वाली फंडिंग का भी विरोध किया।

दुनिया भर के विभिन्न देश कोरोनावायरस महामारी से जूझ रहे हैं, जिसका उद्गम चीन के हुबेई प्रांत के वुहान शहर में हुआ था। विश्व के सामने खड़े इतने बड़े स्वास्थ्य संकट के बीच बीजिंग का विस्तारवादी और आक्रामक रवैया कम होने के बजाए बढ़ता ही जा रहा है। ड्रैगन पूर्वी चीन सागर, दक्षिण चीन सागर और भारत के अरुणाचल प्रदेश व लद्दाख में यथास्थिति बदलने के प्रयासों में लगा हुआ है।

स्ट्रैट न्यूज ग्लोबल के अनुसार, जीईएफ काउंसिल दुनिया भर में विभिन्न पर्यावरणीय परियोजनाओं के लिए फंडिंग का फैसला करने के लिए इकट्ठा हुई थी। वह भी चीन की इस आपत्ति से चौंक गई और उसके दावे को उखाड़ फेंका। जीईएफ परिषद के अधिकांश सदस्यों ने भूटान के विचार का समर्थन किया और मसौदे को परिषद द्वारा मंजूर किया गया। चीनी परिषद के सदस्य की आपत्ति के बावजूद कार्यक्रम को आगे बढ़ाया गया था।

परिषद ने आपत्ति के लिए चीन के कारण को दर्ज करने से इनकार कर दिया। उसने यह कहा कि फुटनोट केवल यह रिकॉर्ड करेगा कि चीन ने परियोजना पर आपत्ति जताई। हालांकि, चीनी काउंसिल के सदस्य ने कहा कि उन्हें इस मामले पर विचार करने के लिए अपने उच्च अधिकारियों के साथ परामर्श करने के लिए समय की आवश्यकता होगी।

कारणों को चर्चा के मुख्य आकर्षण में शामिल किया गया था, जो कम औपचारिक रिकॉर्ड है। स्ट्रैट न्यूज ने बताया कि फुटनोट में उल्लिखित मसौदे का सारांश है, चीन इस परियोजना पर परिषद के फैसले में शामिल नहीं है।

इसके बाद भूटान सरकार ने जीईएफ परिषद को एक औपचारिक पत्र जारी किया, जिसमें भूटान की संप्रभुता और सकतेंग वन्यजीव अभयारण्य पर सवाल उठाने वाले संदर्भों का जोरदार विरोध किया है। भूटान ने जीईएफ परिषद से परिषद के दस्तावेजों से चीन के आधारहीन दावों के सभी संदर्भों को शुद्ध करने का आग्रह किया है।

भूटान और चीन के बीच 1984 से सीमा विवाद है। थिम्पू और बीजिंग के बीच बातचीत विवाद के तीन क्षेत्रों (उत्तरी भूटान में दो - जकार्लुंग और पसमलंग क्षेत्रों में - और एक पश्चिम भूटान में सीमित है) तक सीमित है। सकतेंग तीन विवादित क्षेत्रों में से किसी का हिस्सा नहीं है।

कमेंट करें
G7zEW
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।