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किसान आंदोलन: किसानों से बातचीत से पहले आज पंजाब के CM से मिलेंगे गृहमंत्री शाह, किसानों बोले- देशभर में होगा आंदोलन

किसान आंदोलन: किसानों से बातचीत से पहले आज पंजाब के CM से मिलेंगे गृहमंत्री शाह, किसानों बोले- देशभर में होगा आंदोलन

हाईलाइट

  • हम सड़क पर नहीं बैठे हैं- भारतीय किसान यूनियन
  • तोमर और गोयल ने शाह को अपडेट दी
  • किसानों से सरकार की बातचीत रही बेनतीजा

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर पर किसानों का आंदोलन बुधवार को 7वें दिन भी जारी रहा। किसानों ने शाम करीब सवा पांच बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की। क्रांतिकारी किसान यूनियन के अध्यक्ष दर्शन पाल ने कहा कि सरकार कानूनों को खत्म करने के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाए। उन्होंने कहा कि 5 दिसंबर को मोदी सरकार और कॉरपोरेट घराने के खिलाफ पूरे देश में प्रदर्शन किए जाएंगे। 

बता दें कि केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का हल्लाबोल जारी है। गुरुवार को केंद्र की बातचीत होनी है। इससे पहले कृषि कानूनों और किसान आंदोलन के मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह गुरुवार को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करेंगे। सीएम अमरिंदर सिंह और अमित शाह की मुलाकात सुबह 9.30 बजे से 10 बजे के बीच होगी। कैप्टन अमरिंदर सिंह सुबह 8 बजे चंडीगढ़ से दिल्ली के लिए रवाना होंगे। 

हम सड़क पर नहीं बैठे हैं- भारतीय किसान यूनियन
भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष स्वराज सिंह ने कहा कि हम सड़क पर नहीं बैठे हैं। प्रशासन ने बैरिकेड्स और जवान खड़े करके हमारा रास्ता रोका है और इसीलिए हम यहां रुके हैं। हमें यह जगह अस्थाई जेल जैसी लगती है और हमें रोका जाना गिरफ्तारी की तरह है। हम जैसे ही यहां से छूटे तो सीधा दिल्ली जाएंगे।

तोमर और गोयल ने शाह को अपडेट दी
कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर और रेल मंत्री पीयूष गोयल, जो मंगलवार को किसानों को मनाने में नाकाम रहे थे, वो बुधवार को गृह मंत्री अमित शाह से उनके घर पर मिले। दोनों मंत्रियों ने मंगलवार को किसानों से हुई बातचीत का अपडेट शाह को दिया।

किसानों से सरकार की बातचीत रही बेनतीजा
इससे पहले मंगलवार की बैठक में किसानों से बातचीत के दौरान सरकार ने कृषि कानूनों पर चर्चा के लिए समिति बनाने का सुझाव रखा, लेकिन किसानों ने इस प्रस्‍ताव को ठुकरा दिया। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने किसान संगठनों से कहा कि 4 से 5 नाम अपने संगठन से दें। एक समिति बना देते है जिसमें सरकार के लोग भी होंगे, कृषि एक्सपर्ट भी होंगे, नए कृषि कानून पर चर्चा करेंगे।

अकाली दल का आरोप- सरकार किसानों को थकाना चाहती है
कृषि बिलों के विरोध में NDA से अलग हुए शिरोमणि अकाली दल ने किसानों से बातचीत बेनतीजा रहने के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया। अकाली दल ने कहा कि सरकार बातचीत को इसलिए लंबा खींच रही है, ताकि किसान थक जाएं।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।