India on Hormuz Route: भारत सरकार का होर्मुज समुद्री मार्ग की सुरक्षा पर बड़ा बयान, ट्रंप की अपील और ईरान के साथ बातचीत को लेकर MEA का स्पष्ट रुख

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आह्वान पर भारत सरकार का बड़ा बयान सामने आया है। ट्रंप ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वाले समुद्री रास्ते की सुरक्षा को लेकर कई देशों से अपने युद्धपोत भेजने का आह्वान किया था। इसको लेकर भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल की प्रतिक्रिया सामने आई है। उनका कहना है कि भारत ने होर्मुज मार्ग के सुरक्षित आवागमन सुनिश्चिक करने के लिए नौ सैनिक जहाजों की तैनाती पर अमेरिका के साथ द्विपक्षीय बातचीत नहीं की है।
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अमेरिका ने जताई उम्मीद
मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच ईरान ने इस समुद्री रास्ते पर सख्त रवैया अपनाया है। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने इसे सुरक्षित करने के लिए अपने सहयोगी देशों से वॉरशिप भेजने की अपील की है। जिसमें चीन, फ्रांस, जापान, दक्षिण कोरिया और ब्रिटेन का नाम शामिल है। इन देशों से अमेरिका ने उम्मीद जाताई थी कि वह मदद के लिए पहुंचेंगे। हालांकि, ट्रंप की इस प्रतिक्रिया पर इन देशों में से किसी का भी इस संबंध में बयान सामने नहीं आया है।
क्या अमेरिका ने भारत से किया संपर्क
मीडिया ने विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता से सवाल किया क्या भारत से अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के रास्ते पर वॉरशिप भेजने के लिए चर्चा की है? इसके जवाब में उनका कहना है, "हम इस मामले में कई देशों की ओर से की जा रही चर्चा से अवगत हैं। अभी तक हमने इस मुद्दे को लेकर द्विपक्षीय स्तर पर चर्चा नहीं की है।" उन्होंने यह भी कहा कि भारत इस संबंध में कई हितधारकों से बातचीत करना जारी रखेगा।
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ईरान से नहीं हुई कोई बातचीत
फाइनेंशियल टाइम्स से बातचीत करते हुए भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि ईरान के साथ होर्मुज से गुजरने वाले भारतीय झंडे वाले शिप को लेकर कोई भी समझौता नहीं हुआ है। लेकिन इस मार्ग से जहाजों को लेने के लिए तेहरान से चर्चा जारी है और उसके अच्छ परिणाम निकलकर आ रहे हैं। रणधीर जायसवाल ने बताया कि इस रास्ते से भारतीय जहाजों को सुरक्षित लाने के लिए कोई भी बातचीत नहीं की गई है, बल्कि यह हमारे अच्छे संबंधों की वजह से संभव हो पाया है।
Created On :   16 March 2026 8:55 PM IST













