India US Trade Deal: अमेरिका के साथ प्रस्ताविक ट्रेड डील पर भारत सरकार का बड़ा बयान, फाइनल हस्ताक्षर को लेकर वाणिज्य सचिव ने किया स्पष्ट

अमेरिका के साथ प्रस्ताविक ट्रेड डील पर भारत सरकार का बड़ा बयान, फाइनल हस्ताक्षर को लेकर वाणिज्य सचिव ने किया स्पष्ट
अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बड़ी जानकारी निकलकर आई है।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अमेरिका और भारत के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील को लेकर बड़ी जानकारी निकलकर आई है। भारत सरकार ने सोमवार को बताया कि इस डील पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर तभी संभव हो पाएंगे, जब दोनों देशों के बीच नए टैरिफ को अंतिम रूप दिया जाएगा। इस मामले में भारतीय वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल का कहना है कि मौजूदा समय में इस डील को लेकर अमेरिका के साथ विवरण पर चर्चा कर रहे हैं।

उन्होंने आगे बताया, "टैरिफ का नया स्ट्रक्चर तय होने के बाद ही भारत-अमेरिका ट्रेड डील पर हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसमें कोई गतिरोध नहीं है और न ही ऐसा है कि समझौता नहीं है।"

मिडिल ईस्ट के संघर्ष पर गुड्स एक्सपोर्ट पर मामूली असर

केंद्र सरकार का यह बयान ऐसे समय पर आया है, जब फरवरी, 2026 में बताया गया था कि देश के गुड्स एक्सपोर्ट में मामूली रूप से 0.81 प्रतिशत की गिरवाट आई है। जो गिरकर 36.61 अरब अमेरिकी डॉलर पर चला गया है। हालांकि आयात में इसी महीने (मार्च) में 24.11 प्रतिशत की तेज बढ़ोतरी आई है, जो अब बढ़कर 63.71 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। यह एक साल पहले 51.33 अरब अमेरिकी डॉलर से ज्यादा है। वाणिज्य सचिव ने बताया कि मौजूदा समय में वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद भारत का निर्यात मजबूती से खड़ा है।

मिडिल ईस्ट में संघर्ष की वजह से बढ़ी परेशनियां

राजेश अग्रवाल ने कहा कि वित्त वर्ष 2025-26 के पहले 11 माह (अप्रैल से फरवरी) में भारत का निर्यात 1.84 प्रतिशत से बढ़कर 402.93 अरब अमेरिकी डॉलर पर पहुंच गया है। इस अवधि में आयात भी 8.53 प्रतिशत से बढ़कर 713.53 अरब अमेरिकी डॉलर पर है। उन्होंने आगे बताया कि आने वाले कुछ हफ्तों में निर्यात पर चुनौतियों की संभावना जाहिर की है। जिसकी वजह उन्होंने अमेरिका-इजरायल और ईरान युद्ध के चलते मिडिल ईस्ट में पनपे संघर्ष बताई है।

Created On :   16 March 2026 7:13 PM IST

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