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फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी रिहा, प्रदर्शन के दौरान लिया गया था हिरासत में

फारूक अब्दुल्ला की बहन और बेटी रिहा, प्रदर्शन के दौरान लिया गया था हिरासत में

हाईलाइट

  • फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को जमानत पर रिहा कर दिया गया
  • आर्टिकल 370 को निरस्त करने के विरोध प्रदर्शन के दौरान उन्हें हिरासत में लिया गया था
  • सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत उन्हें हिरासत में लिया गया था

डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की बहन सुरैया और बेटी साफिया को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। आर्टिकल 370 को निरस्त करने के विरोध प्रदर्शन के दौरान मंगलवार को उन्हें श्रीनगर से हिरासत में लिया गया था। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि उन्हें सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम (पीएसए) के तहत हिरासत में लिया गया है।

सुरैया, साफिया और 11 अन्य महिलाओं ने आपराधिक दंड संहिता की धारा 107 के तहत 10,000 रुपये का निजी मुचलका और 40,000 रुपये की जमानत भरते हुए आश्वासन दिया कि वे शांति बनाए रखेंगे। श्रीनगर केंद्रीय कारागार में बंद महिलाओं को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के जमानत दिए जाने के बाद बुधवार शाम को करीब छह बजे रिहा किया गया।

सुरैया और साफिया के नेतृत्व में काली पट्टी बांधकर और तख्तियां लिए हुए महिला प्रदर्शनकारियों का एक समूह बिना अनुमति के प्रदर्शन कर रहा था। पुलिस के मना करने के बावजूद इन प्रदर्शनकारियों ने धरना देने की कोशिश की जिसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की महिला कर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को घेर लिया और फिर उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों को मीडिया से भी बात करने से रोका गया था।

बता दें कि फारूक अब्दुल्ला और उनके बेटे उमर अब्दुल्ला उन सैकड़ों नेताओं में शामिल हैं, जो 5 अगस्त को केंद्र की राज्य की विशेष स्थिति को भंग करने और इसे दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित करने के बाद घर में नजरबंद है। 

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। टोक्यो ओलंपिक का काउंटडाउन शुरु हो चुका हैं। 23 जुलाई से शुरु होने जा रहे एथलेटिक्स त्यौहार में भारतीय दल इस बार 120 खिलाड़ियों के साथ 18 खेलों में दावेदारी पेश करेगा। बता दें 81 खिलाड़ियों के लिए यह पहला ओलंपिक होगा। 120 सदस्यों के इस दल में मात्र दो ही खिलाड़ी ओलंपिक पदक विजेता हैं। पी.वी सिंधू ने 2016 रियो ओलंपिक में सिल्वर तो वहीं मैराकॉम ने 2012 लंदन ओलंपिक में ब्रॉन्ज मेडल अपने नाम किया था।

भारत पहली बार फेंनसिग में चुनौता पेश करेगा। चेन्नई की भवानी देवी पदक की दावेदारी पेश करेंगी। भारत 20 साल के बाद घुड़सवारी में वापसी कर रहा है, बेंगलुरु के फवाद मिर्जा तीसरे ऐसे घुड़सवार हैं जो ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे। 

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युवा कंधो पर दारोमदार

टोक्यो ओलंपिक में भाग लेने जा रहे भारतीय दल में अधिकतर खिलाड़ी युवा हैं। 120 खिलाड़ियों में से 103 खिलाड़ी 30 से भी कम आयु के हैं। मात्र 17 खिलाड़ी ही 30 से ज्यादा उम्र के होंगे। 

भारतीय दल में 18-25 के बीच 55, 26-30 के बीच 48, 31-35 के बीच 10 तो वहीं 35+ उम्र के 7 खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इस लिस्ट में सबसे युवा 18 साल के दिव्यांश सिंह पंवार हैं, जो शूटिंग में चुनौता पेश करेंगे, तो वहीं सबसे उम्रदराज 45 साल के मेराज अहमद खान होंगे जो शूटिंग में ही पदक के लिए भी दावेदार हैं।