comScore

महाराष्ट्र, केरल और कर्नाटक में बारिश का तांडव, इन राज्यों में भी बाढ़ जैसे हालात


हाईलाइट

  • कर्नाटक CM येदियुरप्‍पा ने किया बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई दौरा
  • केरल में तेज बारिश से कई जिलों में बाढ़ से 22 हजार लोगों को निकाला
  • महाराष्ट्र में अब तक बाढ़ की वजह से 27 लोगों की मौत हो गई है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में मानसून सक्रिय है और काली घटाएं जमकर बरस रही हैं। तेज बारिश के चलते कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए हैं। केरल और महाराष्ट्र में इस बारिश ने कई लोगों की जान ले ली है। तेज बारिश से हुए जल भराव के चलते कई क्षेत्रों में सड़कें और गलियां नदी में तब्दील हो गई हैं। यहं निचले इलाके में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। दूसरी ओर भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात और कर्नाटक समेत 10 राज्यों में अगले दो दिन में भीषण बारिश होने का अनुमान है। आइए जानते हैं देश में बाढ़ग्रस्त राज्यों के हालात...

महाराष्ट्र 
महाराष्ट्र के कई जिलों में बाढ़ से बुरे हालात हो गए हैं, यहां बाढ़ की वजह से अब तक 27 लोगों की मौत हो गई है। कोल्हापुर, सतारा और सांगली में बाढ़ है तो वहीं हजारों गांव बाढ़ में डूब चुके हैं। यहां से करीब 2 लाख लोगों को सुरक्षित निकाल कर राहत शिविरों में पहुंचाया गया है। इतना ही नहीं बाढ़ वाले इलाकों से करीब 30 हजार मवेशियों को भी सुरक्षित निकाला गया है। हालांकि भारी बारिश से राहत अभी भी नहीं है। मौसम विभाग के अनुसार मुंबई और आस-पास के इलाकों में आज भी भारी बारिश के आसार हैं। 

जानकारी के अनुसार बाढ़ से प्रभावित कोल्हापुर में 22 रेस्क्यू टीमें तैनात हैं जिसमें एनडीआरएफ की 5 और भारतीय नौसेना की 14 टीमें शामिल हैं। इसके अलावा कोस्टगार्ड, आर्मी और एसडीआरएफ की एक-एक टीम कोल्हापुर में लगाई गई है। सांगली में 11 टीमें तैनात हैं जिसमें 6 एनडीआरएफ, दो कोस्टगार्ड और एक आर्मी की टीम शामिल है। 

बाढ़ से सबसे ज्यादा प्रभावित सांगली, कोल्हापुर, सोलापुर, पुणे और सतारा में फंसे अब तक 2,05,591 लोगों को सुरक्षित स्थानों में पहुंचाया जा चुका है। वहीं कोल्हापुर में 97,102 लोगों को शिफ्ट किया जा चुका है जबकि सांगली में 80,319, पुणे में 13,336, सोलापुर से 7,749 और सतारा से 7,085 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। तेज बारिश के चलते सांगली में 11 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कोल्हापुर में 2, सतारा में 7, पुणे में 6 और सोलापुर में 1 की मौत हुई है। 

केरल
केरले में बारिश का तांडव जारी है, यहां एर्नाकुलम, त्रिशूर, पठानमथिट्टा, मलप्पुरम जिलों में बीती रात जबरदस्त बारिश के चलते घरों में पानी भर गया, वहीं सड़कों पर भी जल भराव की स्थिति होने से कई मार्गों को बंद कर दिया गया है। बता दें कि यहां बाढ़ से अब तक 22 की मौत हो चुकी है। वहीं 22,165 से अधिक लोगों को राहत शिविर में पहुंचाया गया है। कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे के पार्किंग क्षेत्र में पानी भर जाने के कारण रविवार दोपहर तीन बजे तक विमान परिचालन बंद कर दिया गया है।

मौसम विभाग ने केरल के इडुक्की, मलप्पुरम, कोझिकोड के में बारिश का रेड अलर्ट, जबकि त्रिशूर, पलक्कड, वायनाड, कन्नूर और कासरगोड में बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। केरल के तट से सटे इलाकों में पश्चिम दिशा की ओर से 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान जताया है। इस कारण मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी गई है।

कर्नाटक
कर्नाटक में भारी बारिश और बाढ़ से अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है। राज्‍य में बाढ़ प्रभावित इलाकों से अब तक 16,875 लोगों और 3010 जानवरों को 272 राहत कैंपों में पहुंचाया गया है। बाढ़ के चलते इन इलाकों में फंसे लोगों को निकालने और उन तक मदद पहुंचाने के लिए सेना को लगाया गया है। शुक्रवार को कर्नाटक के मुख्‍यमंत्री बीएस येदियुरप्‍पा ने बाढ़ प्रभावित घाटप्रभा और मालप्रभा इलाकों का हवाई दौरा किया। यहां बाढ़ प्रभावित इलाकों से लोगों को बचाने में सेना और एनडीआरएफ की टीमें जुटी हुई हैं। 

मध्य प्रदेश
मध्य प्रदेश के कई इलाकों में हो रही लगातार बारिश से नदी नाले उफान पर हैं। नर्मदा नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। बड़वानी नर्मदा नदी का पानी खतरे के निशान से ऊपर बह रहा है। इसके आस पास बसे गांव के लोग घर छोड़ने को मजबूर हो गए हैं। एहतियात के तौर पर प्रशासन ने नर्मदा किनारे के 34 गांवों को खाली कराने का काम शुरू कर दिया है। सुरक्षा की दृष्टि से नर्मदा के किनारे बसे रिहाइशी इलाकों में एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और जिला प्रशासन तैनात है। वहीं मध्यप्रदेश के मंदसौर में पिछले 3 दिनों से लगातार हो रही बारिश से ग्रामीण अंचल में लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।  

छत्तीसगढ़
छग के नारायण पुर और सुकमा में बाढ जैसे हालात बनते नजर आ रहे हें। सुकमा में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, मौसम विभाग के अनुसर बारिश् जारी रही तो जिले के हालात बिढ़ सकते हैं। यहां निचले इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।  

कमेंट करें
Av0EC