आसमानी आफत: भारत के कई राज्यों में बाढ़ से मची हाहाकार, मौसम विभाग ने इन राज्यों के लिए जारी किया रेड अलर्ट, मध्यप्रदेश में हुई सामान्य से ज्यादा बारिश, तवा डैम के 9 गेट खुलने से नर्मदा का जलस्तर बढ़ा

July 15th, 2022

हाईलाइट

  • मौसम विभाग के मुताबिक, मध्यप्रदेश में अभी तक औसत से 16 प्रतिशत ज्यादा पानी बरस चुका है

डिजिटल डेस्क, भोपाल। देश के कई राज्यों में तेज बारिश हो रही है। गुजरात, ओडिशा, तेलंगाना, महाराष्ट्र, मध्यप्रदेश और राजस्थान के साथ हिमाचल, उत्तराखंड भी भारी बारिश की चपेट में हैं। बाढ़-बारिश से हुए हादसों की वजह से देश के अलग-अलग राज्यों में अब तक कई लोगों ने अपनी जान गंवा दी हैं। मौसम विभाग ने ओडिशा, गुजरात, महाराष्ट्र, एमपी, तेलंगाना, केरल, आंध्रप्रदेश और हिमाचल प्रदेश के कई इलाकों में आगामी कुछ दिनों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

महाराष्ट्र-गुजरात सबसे अधिक प्रभावित

बात करें महाराष्ट्र की तो यहां बारिश लोगों पर कहर बनकर टूटी है। बारिश की वजह से हुए हादसों में यहां अबतक 102 लोगों ने अपनी जान गंवा दी है। वहीं बीते 24 घंटे में तीन लोगों  की मौत मौत हो चुकी है। राज्य में राहत व बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात हैं। इनके द्वारा अबतक लगभग 8 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

राज्य के चंद्रपुर शहर में लगातार बारिश होने की वजह से यहां  बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। भारी बारिश की वजह से इराई बांध के गेट को खोला दिया गया है।

मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटो के लिए राज्य कई हिस्सों में बारिश का यलो व ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। 

 

उधर, गुजरात के कई इलाकों में बीते 24 घंटे के दौरान तेज बारिश हुई। तेज बारिश से सबसे ज्यादा प्रभावित यहां का नवसारी जिला रहा। जिले के कई नदी-नाले इस समय उफान पर हैं।

यहां की पूर्णा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है।

 

जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्र में एनडीआरएफ की टीम द्वारा बचाव अभियान चलाया गया।

वहीं राज्य के वलसाड में लगातार हो रही बारिश की वजह से बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। यहां बहने वाली औरंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच चुकी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, राज्य में आगामी 24 घंटे में भारी बारिश होने के आसार हैं। 

 

तेलंगाना के कई इलाके जलमग्न, 20 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा

भारी बारिश के चलते तेलंगाना के भद्राचलम शहर में गोदावरी नदी का जलस्तर बढ़ गया। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन ने राज्य के अलग-अलग स्थानों पर 20 से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में भेजा। लगातार बारिश की वजह से राज्य के कई इलाके जलमग्न हो गए हैं। 

इसके अतिरिक्त राजस्थान श्रीगंगानगर में तेज बारिश की वजह से जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई।

वहीं पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में कल लैंड स्लाइड की वजह से बद्रीनाथ हाइवे बंद हो गया था।

ओडिशा के कंधमाल और मलकानगिरी जिलों में भारी बारिश की वजह से जनजीवन अस्त-वयस्त हो गया है। यहां एक मकान ढहने से एक ही परिवार के तीन सदस्यों की मौत हो गयी है। मौसम विभाग ने आगामी 24 घंटे में यहां भारी से अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

 

मध्यप्रदेश में सामान्य से ज्यादा बारिश, भारी बारिश की वजह से इटारसी में बाढ़ जैसे हालात

मध्यप्रदेश में भारी बारिश की वजह से नदी नाले उफान पर हैं। बढ़ते जलस्तर के कारण नर्मदापुरम में तवा डैम के 9 गेट शुक्रवार सुबह खोलने पड़े। तवा डैम के गेट खुलने का मतलब नर्मदा नदी के जलस्तर में वृद्धि होना है। क्योंकि इसका पानी जाकर नर्मदा नदी में मिलता है। इसलिए प्रशासन ने खंडवा, हरदा, देवास, सीहोर, रायसेन जिलों में नर्मदा नदी के किनारे रहने वालो को अलर्ट करते हुए उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने के लिए कहा है। 

वहीं दूसरी तरफ इटारसी में कल रात से हो रही बारिश की वजह से यहां के नाला मोहल्ला, मालवीय गंज इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए। यहां पर 4 से 5 फीट तक पानी भर गया। एनडीआरएफ और क्विक रिस्पॉन्स टीम द्वारा इन इलाकों में फंसे लोगों को निकाला गया।

इसके अलावा इटारसी-नागपुर रेलवे रुट पर पानी भरने की वजह से कुछ ट्रेनों का रुट डायवर्ट करना पड़ा। प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार शाम से शुक्रवार शाम तक रुक-रुक कर मध्यम-तेज बारिश होती रही। 

 

प्रदेश में हो चुकी सामान्य से ज्यादा बारिश, आगामी 7 दिन होगी अच्छी बारिश

मध्यप्रदेश में अबतक सामान्य से ज्यादा बारिश हो चुकी है। मौसम विभाग के मुताबिक, प्रदेश में अभी तक औसत से 16 प्रतिशत ज्यादा पानी बरस चुका है। विभाग ने आने वाले 7 दिनों में प्रदेश में अच्छी बारिश होने की भविष्यवाणी की है। 
बाढ़ और जलभराव संबंधित जानकारी देने के लिए राज्य सरकार ने टोल फ्री नंबर 1070 और 1079 जारी किए हैं। इन नंबरों पर कॉल करके सहायता ली जा सकती है। इसके अलावा सभी जिला मुख्यालयों पर इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर स्थापित किए गए हैं। साथ ही 96 क्विक रिस्पॉन्स टीम कार्य कर रही है।