दैनिक भास्कर हिंदी: India-China: भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताई पैंगोंग में चीन के दुस्साहस के कहानी, कहा- अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे  

September 1st, 2020

हाईलाइट

  • चीनी पक्ष ने 29-30 अगस्त को पैंगोंग झील के दक्षिणी तट पर की उत्तेजक कार्रवाई
  • चीन अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे: भारतीय विदेश मंत्रालय
  • राजनयिक और सैन्य दोनों ही स्तरों पर चीनी पक्ष के साथ उठाई चीनी सैनियों के दुस्साहस की बात: MEA

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल (LAC) पर चीन अपनी हरकतों से बाज आने का नाम नहीं ले रहा है। 29-30 अगस्त की रात को घुसपैठ की कोशिश नाकाम किए जाने के बाद चीन की सेना ने सोमवार रात एक बार फिर भारत के क्षेत्र में घुसने की कोशिश की। इस बार चीन के सैनिकों ने काला टॉप और हेलमेट टॉप में घुसपैठ की कोशिश की। चीनी सैनिक अंधेरे का फायदा उठाकर भारतीय क्षेत्र में घुस रहे थे, लेकिन भारतीय सेना के जवानों ने उसकी साजिश को नाकाम कर दिया। वहीं विदेश मंत्रालय ने चीन को दो टूक कहा है कि चीन अपने सैनिकों को अनुशासन और नियंत्रण में रखे।  

बता दें कि भारत और चीन के बीच मई के शुरुआती दिनों से ही तनाव की स्थिति है। 15 जून को हुए झड़प में भारत के 20 जवानों की जान चली गई थी, लेकिन अब अगस्त में एक बार फिर नई जगह पर विवाद शुरू हुआ है। पहले जहां पर विवाद था, अब उससे अलग हटकर पैंगोंग झील की दक्षिणी तरफ आ गया है। भारतीय सेना की ओर से यहां पर लगातार नजर रखी जा रही थी। यही कारण रहा कि चीन की सेना ने 29-30 अगस्त की रात को घुसपैठ नहीं कर पाई और बीती रात को उसने एक बार फिर कोशिश की थी और इस बार भी उसकी कोशिश को भारतीय जवानों ने नाकाम कर दिया।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारतीय पक्ष ने चीन की उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब दिया और उचित रक्षात्मक कदम उठाए। मंत्रालय ने कहा कि साल की शुरुआत से ही वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी पक्ष का व्यवहार और कार्रवाई स्पष्ट रूप से द्विपक्षीय समझौतों का उल्लंघन है। 

चीनी पक्ष के साथ उठाई बात: भारत
विदेश मंत्रालय ने कहा कि हमने राजनयिक और सैन्य दोनों ही स्तरों पर चीनी पक्ष के साथ हाल की उत्तेजक और आक्रामक कार्रवाइयों की बात उठाई है। मंत्रालय ने कहा है कि हमने उनसे इस तरह की उत्तेजक कार्रवाई को लेकर अपने सैनिकों को अनुशासित और नियंत्रित करने का आग्रह किया है। मंत्रालय ने कहा कि सीमा पर हालात बेहतर करने के लिए भारत और चीन पिछले तीन महीनों से राजनयिक और सैन्य स्तर पर लगातार बातचीत कर रहे हैं। ऐसे में चीनी पक्ष की ओर से इस तरह की उत्तेजक कार्रवाई गलत है।

चीनी सेना ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पैंगोंग झील के दक्षिण में की थी घुसपेठ
बता दें कि चीनी सेना ने 29 और 30 अगस्त की दरम्यानी रात पूर्वी लद्दाख में उकसावे की कार्रवाई करते हुए पैंगोंग झील के दक्षिण में एकतरफा तरीके से यथास्थिति बदलने की कोशिश की थी, लेकिन भारतीय सैनिकों ने उसे नाकाम कर दिया। गलवान घाटी में 15 जून को हुई झड़प के बाद यह पहली बड़ी घटना है। गलवान घाटी में हुई झड़प में भारत के 20 सैनिक वीरगति को प्राप्त हो गए थे। इस झड़प में चीन के सैनिक भी मारे गए, लेकिन उसने इस संबंध में अब तक जानकारी साझा नहीं की है। अमेरिका की एक खुफिया रिपोर्ट के मुताबिक गलवान घाटी में भारतीय सैनिकों के साथ झड़प में चीन के 35 सैनिक मारे गए थे।

सूत्रों ने बताया कि चीन ने राजनयिक और सैन्य, दोनों स्तरों पर विरोध दर्ज कराया है। चुशूल में ब्रिगेडियर कमांडर स्तर की बैठक में चीनी पक्ष ने आधिकारिक तौर पर विरोध जताया। उधर, चीन से जारी तनाव के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने उच्चस्तरीय बैठक की, जिसमें विदेश मंत्री एस जयशंकर, NSA अजित डोभाल, CDS जनरल बिपिन रावत और सेना प्रमुख शामिल हुए। ये बैठक करीब दो घंटे चली। 

 

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