दैनिक भास्कर हिंदी: 2+2 Dialoge: भारत, अमेरिका के बीच BECA मिलिट्री पर साइन होंगे, मिलेगा सैटेलाइट पैक्ट इमेजरी का रियल टाइम एक्सेस

October 26th, 2020

हाईलाइट

  • भारत को अब अमेरिका से एडवांस सैटेलाइट इमेजरी का रियल टाइम एक्सेस मिलने वाला है
  • मंगलवार को 2+2 डायलॉग में भारत और अमेरिका मिलिट्री पैक्ट BECA पर साइन करेंगे

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। भारत को अब अमेरिका से एडवांस सैटेलाइट इमेजरी, टोपोग्राफिकल और एयरोनॉटिकल डिजिटल डेटा का रियल टाइम एक्सेस मिलने वाला है। इसकी मदद से भारत अपनी मिसाइलों और आर्म्ड ड्रोन्स और मिलिट्री एयरक्राफ्ट की लंबी दूरी के नेविगेशन की सटीकता को बढ़ा सकेगा। हाई क्वालिटी वाले जियोस्पेशियल डेटा तक पहुंच भारत और अमेरिका के बीच मंगलवार को 2+2 डायलॉग में चौथी और फाइनल फाउंडेशनल मिलिट्री पैक्ट BECA के बाद संभव हो जाएगा। दोनों नौसेनाओं के बीच सहयोग बढ़ाने के लिए मरीनटाइम इन्फोर्मेशन शेयरिंग टेक्निकल अरेंजमेंट (MISTA) पर भी हस्ताक्षर किए जाएंगे। अमेरिकी चुनाव से कुछ ही दिन पहले बेसिक एक्सचेंज एंड कोऑपरेशन एग्रीमेंट (BECA) पर साइन करना ट्रम्प प्रशासन के साथ भारत सरकार के घनिष्ठ सहयोग को दर्शाता है।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार दोपहर को अपने अमेरिकी समकक्ष मार्क एसपर के साथ डेलिगेशन लेवल की मीटिंग के बाद BECA पर साइन करने की घोषणा की। बता दें कि चीन के साथ तनातनी के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोम्पिओ और रक्षा सचिव मार्क टी एस्पर 2+2 मिनिस्ट्रियल डायलॉग के तीसरे एडिशन के लिए सोमवार को भारत पहुंचे। इसका उद्देश्य पूरे क्षेत्र में बढ़ते चीनी प्रभाव के सामने रणनीतिक संबंधों को मजबूत करना है। मार्क एस्पर और माइक पोम्पिओ अपने भारतीय समकक्षों राजनाथ सिंह और एस. जयशंकर के बीच यह बैठक मंगलवार को नई दिल्ली में होगी। ट्रंप प्रशासन के दोनों प्रमुख अधिकारी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से भी मिलेंगे। पूर्वी लद्दाख में लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल पर चीन के साथ जारी विवाद और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में बढ़ते चीनी सैन्य दबदबे के बीच यह उच्च स्तरीय वार्ता हो रही है। इस बैठक में दोनों ही मुद्दों पर चर्चा होने की उम्मीद है।

भारत-अमेरिका के रक्षा संबंध पिछले कुछ वर्षों में तेजी से बढ़ रहे हैं। जून 2016 में, अमेरिका ने भारत को एक 'मेजर डिफेंस पार्टनर' डेसिगनेट किया था। दोनों देशों ने 2016 में लॉजिस्टिक एक्सचेंज मेमोरेंडम ऑफ एग्रीमेंट (LEMOA) को साइन किया। ये एग्रीमेंट दोनों देशों के सैन्य दलों को सप्लाई के रिपयेर और रिप्लेनिशमेंट के लिए एक दूसरे के ठिकानों का उपयोग करने के साथ-साथ गहन सहयोग प्रदान करने की अनुमति देता है। दोनों देशों ने 2018 में COMCASA (कम्युनिकेशन्स कम्पेटिबिलिटी एंड सिक्योरिटी एग्रीमेंट) पैक्ट साइन किया था। कम्युनिकेशन कॉम्पेटिबिलिटी एंड सिक्यॉरिटी अग्रीमेंट चार आधारभूत समझौतों में से एक है जो अमेरिका अपने सहयोगियों और करीबी साझेदारों के साथ करता है। 

इसका मकसद मिलिट्री के अंतर को मिटाया जाना और एक दूसरे के ज्यादा करीब आना है। COMCASA कम्युनिकेशन ऐंड इन्फॉर्मेशन ऑन सिक्यॉरिटी मेमोरैंडम ऑफ अग्रीमेंट (CISMOA) का भारतीय वर्जन है। COMCASA समझौते के बाद अब अमेरिका अपनी संवेदनशील सुरक्षा तकनीकों को भी भारत को बेच सकेगा। बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा मैक्निज्म को मंजूरी दिए जाने के बाद 2+2 डायलॉग का पहला संस्करण सितंबर 2018 में दिल्ली में आयोजित किया गया था।

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