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Jamia Firing: बल का प्रयोग कर धरने पर बैठे छात्रों को पुलिस ने हटाया, 60 को लिया हिरासत में

Jamia Firing: बल का प्रयोग कर धरने पर बैठे छात्रों को पुलिस ने हटाया, 60 को लिया हिरासत में

हाईलाइट

  • पुलिस ने पहले की थी फुटपाथ पर बैठने की अपील
  • सुबह होते तक मजबूरन बल के साथ धरने से हटाया
  • आरोपी को अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। जामिया यूनिवर्सिटी इलाके में हुई फायरिंग के खिलाफ ITO में ओल्ड पुलिस हेडक्वार्टर्स के बाहर प्रदर्शन कर रहे छात्रों को पुलिस ने बल का प्रयोग कर हटा दिया। पुलिस ने करीब 60 छात्रों को हिरासत में ले लिया है, जिन्हें राजेंद्र नगर पुलिस थाने पहुंचाया गया। गौरतलब है कि गुरुवार को CAA के खिलाफ जामिया छात्र विरोध कर रहे थे। इस दौरान एक शख्स ने छात्रों पर फायरिंग कर दी थी। इस फायरिंग में शादाब फारूख नाम का एक छात्र घायल हो गया था, जिसके बाद आरोपी पर कार्रवाई की मांग को लेकर छात्रों ने धरना दिया।

आरोपी पर केस दर्ज
पुलिस ने फायरिंग करने वाले आरोपी पर IPC की धारा 307 और ऑर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक उसका कहना है कि 'उसे अपने कृत्य पर कोई पछतावा नहीं है। वह 2018 में हुई कासगंज हिंसा के दौरान मारे गए चंदन गुप्ता नाम के एक शख्स की मौत का बदला लेना चाहता था।' सूत्रों ने यह भी बताया कि 'वह सोशल मीडिया पर जामिया यूनिवर्सिटी के विरोध प्रदर्शन के वीडियोज देखकर कट्टरपंथी बना। इसके अलावा उसने किसी भी संगठन से जुड़े होने से इनकार कर दिया है।'

आरोपी की पहचान गोपाल के रूप में की गई है, जो ग्रेटर नोएडा का निवासी है। फायरिंग के बाद एक चश्मदीद ने बताया था कि गोली चलाने से पहले आरोपी गोपाल ने कहा था कि 'मैं तुम्हें आजादी देता हूं।' गोपाल ने फायरिंग उस वक्त की थी, जब छात्रों का प्रदर्शन राजघाट की ओर बढ़ रहा था। बहरहाल पुलिस मामले में आगे की जांच कर रही है। इसके अलावा फायरिंग में घायल हुए छात्र शादाब फारूख का AIIMS के ट्रॉमा सेंटर में इलाज जारी है।

छात्रों से पुलिस की अपील
नाराज छात्रों ने रातभर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस ने छात्रों से बात करते हुए उनसे बार - बार सड़क से हटने और फुटपाथ पर बैठने की प्रेमपूर्वक अपील की। इसके बदले छात्र अपनी जिद पर अड़े रहे और सड़क जाम कर दी। इसके बाद सुबह होते - होते पुलिस ने मजबूरन बल का प्रयोग कर के उन्हें धरना स्थल से हटाया और हिरासत में लेकर थाने ले गई।

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