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Explained: कोरोनावायरस से हुई दाऊद की मौत का क्या है सच? सुनिए छोटा शकील की ये कॉल रिकॉर्डिंग


हाईलाइट

  • इंडिया के मोस्ट वांटेड दाऊद इब्राहिम की मौत की खबर फिर से सुर्खियों में
  • इस बार कोरोना से दाऊद की मौत की खबर
  • क्या दाऊद की मरने की खबरें जानभूझकर उड़ाई जाती है?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। अंडरवर्ल्ड के सबसे बड़े और इंडिया के मोस्ट वांटेड डॉन दाऊद इब्राहिम की मौत की खबर फिर से सुर्खियों में है। कई मर्तबा पहले भी उसके मरने की खबरें उड़ी हैं। सबसे पहले बताया गया था कि उसके नेटवर्क के लोगों के हाथों ही दाऊद मारा गया। उसके बाद गैंगरीन से मौत होना बताया गया। एक बार हार्ट अटैक से और फिर एड्स से दाऊद इब्राहिम की मौत की खबर उड़ी थी। अब कोरोना संक्रमण होने से दाऊद को मरा बताया जा रहा है, पर क्या ये सच है? इसकी सच्चाई एक कॉल रिकॉर्डिंग से काफी हद तक साफ हो जाती है।

ये कॉल रिकॉर्डिंग है इंडिया टुडे ग्रुप के रिपोर्टर अरविंद ओझा और दाऊद के करीबी छोटा शकील की। फोन पर हुईं बातचीत में छोटा शकील कह रहा है कि दाऊद जिंदा है और पूरी तरह स्वस्थ है। इससे पहले दाऊद के भाई अनीस इब्राहिम के साथ वरिष्ठ पत्रकार दीपक शर्मा की बातचीत की एक रिकॉर्डिंग भी सामने आई थी। इसमें अनीस इब्राहिम ने दाऊद के कोरोना संक्रमित नहीं होने की पुष्टि की थी। ऐसे में सवाल उठता है कि दाऊद की मरने की खबरें क्या जानभूझकर उड़ाई जाती है? क्या दाऊद खुद दुनिया की नजरों में धूल झोंकने के लिए ऐसा करता है या इंटेलिजेंस किसी मकसद से ऐसा करती है? ये भी बताएंगे की कैसे डोंगरी का एक लड़का इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड बन गया?

इस बार कहा से उड़ी दाऊद की मौत की खबर
सबसे पहले जान लेते हैं इस बार कहा से दाऊद की मौत की खबर उड़ी। दरअसल, दाऊद का एक रिश्तेदार दुबई में रहता है जिसका नाम है हामिद। दाऊद की पत्नी महजबीन उर्फ जुबीना जरीन की तरफ से ये रिश्तेदारी है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक महजबीन कुछ दिन पहले हामिद से मिलने के लिए दुबई गई थी। जिसके बाद करीब 10 दिन पहले हामिद कोरोना पॉजिटिव पाया गया। हामिद के कोरोना पॉजिटिव होने के बाद दाऊद इब्राहिम और उसकी पत्नी का कोरोना टेस्ट कराया गया। 

बताया गया कि इस टेस्ट में दोनों पॉजिटिव पाए गए और उन्हें पाकिस्तान के कराची में आर्मी हॉस्पिटल में आइसोलेशन में रखा गया है। इंडियन इंटेलिजेंस से भी जब इस बात को लेकर पूछा गया तो उन्होंने इससे इनकार नहीं किया। बस यहीं से दाऊद के कोरोना पॉजिटव होने की खबर सोशल मीडिया पर फैली और बीते शुक्रवार को एक न्यूज चैनल ने दाऊद की कोरोना से मौत होने की खबर तक चला दी। साल 2016 में दाऊद की  गैंगरीन से मौत होने की खबर उड़ी थी। उसके अगले ही साल दाऊद के एड्स से मरने की खबर भी उड़ाई गई, लेकिन वह भी खबर अफवाह बनकर रह गई।

क्या है मौत की झूठी खबरों की वजह?
दाऊद की मौत की झूठी खबरों के पीछे दो तरह की बातें कही जाती है। एक बात ये कि एजेंसियों का ध्यान भटकाने के लिए दाऊद खुद ही अपनी मौत की खबरें उड़वाता है। दूसरी बात, एजेंसियां भी दाऊद से जुड़ी जानकारियों को जुटाने के लिए ऐसा करती है। इंटेलिजेंस के रिटायर्ड अफसर बताते हैं कि कई बार जब लंबे समय तक जांच एजेंसियों को दाऊद से जुड़ी जानकारी नहीं मिलती तो वह हड़कंप मचाने के लिए ऐसा करते हैं। 

ऐसा करने से टेलीकम्युनिकेशन और अन्य चीजें बढ़ जाती है और उनके लिए जानकारी जुटाना आसान हो जाता है। ऐसा करीब 5 से 6 बार हो चुका है जब दाऊद की मौत की खबर आई है। इस बार जब ये खबर आई तो सोशल मीडिया पर लोगों ने इसका खूब मजाक बनाया। लोग दाऊद की तुलना WWE सुपरस्टार अंडरटेकर से करने लगे। डब्‍ल्‍यूडब्‍ल्‍यूई की दुनिया में द अंडरटेकर सात बार मर चुके हैं। वहीं लोगों ने बगदादी और उत्तर कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन से भी दाउद की तुलना की जिसकी कई बार मौत की खबरें आई।

कहा है दाऊद इब्राहिम का ठिकाना?
भारत की खुफिया एजेंसिया अच्छी तरह से जानती है दाऊद का ठिकाना पाकिस्तान के कराची में है। दाऊद आराम से कराची के आर्मी बेस इलाके में पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के सुरक्षा चक्र में रहता है। इस इलाके में सिर्फ डिप्लोमेट्स, ब्यूरोक्रेट्स या राजनेताओं के घर हैं। यहां मोबाइल से फोटो लेना भी मना है। हालांकि भारत की ओर से पुख्ता सबूत दिए जाने के बावजूद पाकिस्तान हमेशा इस बात से इनकार करता रहा है।

भारत सरकार ने पाकिस्तान को एक डोजि‍यर सौंपा था, जिसमें उसके तमाम ठिकानों का जिक्र था। डोजियर में पहला पता- 6ए, खयाबान-ए-तन्जीम, फेज 5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची। जबकि दूसरा पता- डी13, ब्लॉक 4, सेक्टर 5, कराची डेवलेप्मेंट अथॉरिटी, क्लिफटन, कराची बताया गया था। ओसामा बिन लादेन पर भी पाकिस्तान ने ऐसा ही टालमटोल रवैया अपनाया था। आखिरकार अमेरिका ने खुद से ओसामा को इस्लामाबाद के पास स्थित एबटाबाद में खोजकर मार गिराया।

सट्टेबाजी, ड्रग्स, हथियार से लेकर कई अवैध कारोबार
दाऊद की डी-कंपनी रियल एस्टेट, माइनिंग, मूवी बिजनेस, सट्टेबाजी, शॉपिंग मॉल, होटल इंडस्ट्री, एयरलाइंस, शिपिंग सहित कई लीगल और इल्लीगल बिजनेस से पैसा कमाती है। डी कंपनी ने शिपिंग और एयरलाइंस सेक्टर में एशिया, यूरोप और अफ्रीका में पैसा लगा रखा है। डी कंपनी की गैरकानूनी आर्थिक गतिविधियां दूसरी जगहों पर भले ही बहुत कम हों, लेकिन भारत में यह बड़े पैमाने पर हैं। दाऊद भारत में सोने की तस्करी, फेक करंसी और हथियार और ड्रग्स की तस्करी जैसे गैरकानूनी काम करता है। 

कहा जाता है कि तमाम अपराधिक गतिविधियों के साथ ही दाऊद ने बॉलीवुड की कई फिल्मों में पैसा लगाया। वहीं 2017 में ठाणे क्राइम ब्रांच की गिरफ्त में आए दाऊद इब्राहिम के भाई इकबाल कासकर ने खुलासा किया था कि अंडरवर्ल्ड डॉन और उसकी डी कंपनी अब डॉलर या पाउंड में नहीं बल्कि सबसे महंगी वर्चुअल और डिजिटल करेंसी बिटकॉइन में डील करती है।

कैसे डोंगरी का एक लड़का इंडिया का मोस्ट वॉन्टेड बन गया?
27 दिसंबर, 1955 को महाराष्ट्र के रत्नागिरी में जन्में दाऊद का पूरा नाम शेख दाउद इब्राहिम कास्कर है। उसके पिता शेख इब्राहिम अली कास्कर मुंबई पुलिस में हवलदार थे। स्कूल में पढ़ाई के दौरान बुरी सोहबत में पड़े दाऊद ने चोरी, डकैती और तस्करी शुरू कर दी। इससे परेशान होकर घरवालों ने उसकी शादी बीना जरीना नाम की लड़की से कर दी, लेकिन वह जुर्म की दुनिया में आगे बढ़ता रहा। डोंगरी इलाके में चोरी, डकैती, लूटपाट जैसी वारदातों को अंजाम देने के बाद 1984 में दाऊद ने अंडरवर्ल्ड में कदम रखा। मुंबई अंडरवर्ल्ड में शुरुआती दौर में उसे 'मुच्छड़' के नाम से जाना जाता था। 

दरअसल, मुंबई में उन दिनों अंडरवर्ल्ड डॉन करीम लाला गैंग का राज हुआ करता था। दाऊद भी इस गैंग के लिए काम करने लगा। देखते ही देखते क्राइम की दुनिया में दाऊद एक बड़ा नाम बन गया। इसी दौरान उसकी मुलाकात छोटा राजन से हुई। दोनों मिलकर भारत के बाहर भी काम करने लगे। लेकिन 1993 में हुए धमाकों ने उनकी दोस्ती में दरार डाल दी और छोटा राजन ने अपना अलग गैंग बना दिया। दोनों देश छोड़कर भी चले गए। दाऊद ने पहले गल्फ देशों में और फिर पाकिस्तान में जाकर पनाह ली। 

पंद्रह साल पहले मारा जा सकता था दाऊद
भारत के वर्तमान राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकर अजील डोभाल के नेतृत्व में भारतीय खुफिया एजेंसियों ने दाऊद इब्राहिम को 2005 में मारने का प्लान बनाया था, लेकिन ये प्लान फेल हो गया। दरअसल, 9 जुलाई, 2005 को मक्का में दाऊद की बेटी माहरुख की शादी पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर जावेद मियांदाद के बेटे जुनैद से हुई थी। 23 जुलाई, 2005 को दुबई के होटल ग्रैंड हयात में शादी का रिसेप्शन था। इसी रिसेप्शन में दाऊद को मारने का प्लान भारतीय खुफिया एजेंसियों ने तैयार किया था। नई दिल्ली सीधे तौर पर ऑपरेशन दाऊद से जुड़ना नहीं चाहती थी, इसलिए ऑपरेशन के लिए कमांडोज भेजने की बजाए छोटा राजन की गैंग के दो शार्प शूटर्स विक्की मल्होत्रा और फरीद तनाशा को ट्रेनिंग दी गई। 

सब कुछ तय प्लान के मुताबिक चल रहा था। दोनों शार्प शूटर्स के फर्जी दस्तावेज भी तैयार कर लिए गए थे। लेकिन मुंबई पुलिस की वजह से ये प्लान कामयाब नहीं हो पाया। बताया जाता है कि मुंबई पुलिस के इंस्पेक्टर असलम मोमिन के दाऊद से संबंध थे। इसी वजह से मोमिन ने दाऊद को मारने के प्लान को फेल करने के लिए दोनों शार्प शूटर्स को दिल्ली में गिरफ्तार कर लिया। बाद में मोमिन को सस्पेंड कर दिया गया था जब क्राइम ब्रांच ने दाऊद के भाई इकबाल कास्कर के साथ उसकी बातचीत के रिकॉर्ड का टेप उजागर किया था।

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