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महाराष्ट्र में बीजेपी नहीं बनाएगी सरकार, कहा- शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया

महाराष्ट्र में बीजेपी नहीं बनाएगी सरकार, कहा- शिवसेना ने जनादेश का अपमान किया

हाईलाइट

  • महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने से मना कर दिया है
  • चंद्रकांत पाटिल ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की
  • पाटिल ने कहा, 'हम राज्य में सरकार नहीं बनाएंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी ने सरकार बनाने से मना कर दिया है। रविवार को बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस, महाराष्ट्र भाजपा के अध्यक्ष चंद्रकांत पाटिल और अन्य नेताओं ने राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मुलाकात की जिसके बाद इसका ऐलान किया। बीजेपी के इनकार के बाद अब राज्यपाल दूसरे बड़े दल शिवसेना को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित कर सकते हैं। शिवसेना राज्य में कांग्रेस और राकांपा के साथ मिलकर सरकार बना सकती है।

पाटिल ने कहा, 'हम राज्य में सरकार नहीं बनाएंगे।' उन्होंने कहा, 'जनादेश हमें (भाजपा-शिवसेना) को एक साथ काम करने के लिए दिया गया था अगर शिवसेना इसका अनादर करना चाहती है और कांग्रेस-राकांपा के साथ सरकार बनाना चाहती है तो हमारी शुभकामनाएं उनके साथ हैं।'

बता दें कि महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने शनिवार को चुनावों में सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाली भारतीय जनता पार्टी को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था। भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस को 11 नवंबर को रात 8 बजे तक विधानसभा में बहुमत साबित करना था। दरअसल, महाराष्ट्र विधानसभा के पिछले कार्यकाल का शनिवार को आखिरी दिन था। जिसके बाद आधी रात को विधानसभा भंग हो गई। शिवसेना और बीजेपी में मुख्यमंत्री पद को लेकर खींचतान के चलते अब तक राज्य में सरकार का गठन नहीं हो पाया है।

24 अक्टूबर को विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित किए जाने के बाद से सरकार बनाने को लेकर माथापच्ची की जा रही है। चुनाव में भाजपा ने 105 सीटें, शिवसेना ने 56, शरद पवार की राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) ने 54 और कांग्रेस ने 44 सीटें जीतीं।

शिवसेना और भाजपा ने 288 सदस्यीय विधानसभा की 161 सीटों पर जीत हासिल कर 145 के बहुमत के आंकड़े को आसानी से पार कर लिया है, लेकिन दोनों के बीच सीएम पद को लेकर सहमति नहीं बन पाई है।

बीजेपी नेता देवेन्द्र फडणवीस ने शुक्रवार को राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी से मिलकर अपना इस्तीफा सौंप दिया था। इस्तीफा सौंपने के बाद फडणवीस ने दावा किया था कि शिवसेना को कभी भी ढाई साल के लिए सीएम पद देने का वादा नहीं किया गया। वहीं शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरने ने फडणवीस के बयान को झूठा बताया था। ठाकरे ने कहा था, सबको पता है झूठ कौन बोल रहा है। 

शिवसेना का दावा है कि महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से पहले उनके और भाजपा के बीच आपसी सहमति से 50-50 फॉर्मूला तय किया गया था। जिसके मुताबिक दोनों पार्टियों को प्रदेश में ढाई-ढाई साल तक अपनी सरकार चलानी थी। शिवसेना का आरोप है कि भाजपा दोनों पार्टियों के बीच हुए इस फैसले से मुकर रही है।

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