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NCP ने फेरा शिवेसना की उम्मीदों पर पानी, पवार बोले-हम विपक्ष में ही बैठेंगे

November 02nd, 2019 14:01 IST
NCP ने फेरा शिवेसना की उम्मीदों पर पानी, पवार बोले-हम विपक्ष में ही बैठेंगे

हाईलाइट

  • एनसीपी ने दिया शिवसेना को झटका
  • शरद पवार बोले-जनता ने विपक्ष के लिए चुना, वहीं बैठेंगे

डिजिटल डेस्क, मुंबई। महाराष्ट्र में विधानसभा चुनाव के परिणाम आने के बाद सरकार बनाने को लेकर खींचतान जारी है। इसबीच एनसीपी ने शिवसेना के सरकार बनाने के उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने साफ कह दिया है कि उनकी पार्टी विपक्ष में बैठेगी। उन्होंने कहा कि जनता ने हमें विपक्ष के लिए चुना है। हम विपक्ष में बैठेंगे। पवार ने नासिक में पत्रकारों से बातचीत में सीएम पद के बंटवारे को लेकर भाजपा और शिवसेना के बीच चल रहे गतिरोध को बचकाना बताया। वहीं संजय राउत से मुलाकात पर उन्होंने कहा कि राउत मुझसे मिले थे, लेकिन शिवसेना के बारे में कोई बात नहीं हुई। 

होगा राष्ट्रपति शासन लागू

इधर राज्य के वित्तमंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, बीजेपी और शिवसेना के बीच गतिरोध फिलहाल खत्म होता नहीं दिखाई दे रहा। अगर ये गतिरोध ऐसा चलता रहा और तय समय पर सरकार का गठन नहीं किया गया तो महाराष्ट्र में राष्ट्रपति शासन लागू हो सकता है। 

एकनाथ शिंदे बने विधायक दल के नेता

गुरुवार को शिवसेना दल की बैठक हुई। बैठक में एकनाथ शिंदे को विधायक दल का नेता चुना गया। बैठक के बाद शिवसेना के नेताओं ने पहले राज्यपाल से मुलाकात की और बाद में संजय एनसीपी प्रमुख से मिलने पहुंच गए। जिसके बाद से सवाल उठने लगे है कि क्या शिवसेना अन्य विकल्प पर विचार कर रही है।

संपर्क में एनसीपी-कांग्रेस 

इसके पहले शिवसेना पक्ष प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि सरकार बनाने के लिए भाजपा की तरह राष्ट्रवादी कांग्रेस और कांग्रेस भी हमसे संपर्क में है। इसके बाद उद्धव ने पार्टी के नवनिर्वाचित विधायकों को संबोधित किया। सूत्रों के अनुसार उद्धव ने कहा कि प्रदेश में नई सरकार बनाने को लेकर भाजपा की तरफ से मेरे पास अभी तक कोई प्रस्ताव नहीं आया है। उद्धव ने पार्टी के विधायकों से कहा कि हम सरकार बनाएंगे लेकिन भाजपा के साथ जो तय हुआ था उससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है और हमें उससे ज्यादा और कुछ नहीं चाहिए। उद्धव ने मुख्यमंत्री ने जो बयान दिया उन्हें ऐसा नहीं बोलना चाहिए था। इससे सरकार बनाने की चर्चा बेपटरी हो गई। भागीदारी के 50-50 प्रतिशत भाजपा के फार्मूले को फिर दोहराया।

झगड़े में न पड़े

मुंबई कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष संजय निरुपम ने कांग्रेस पार्टी को सलाह दी है कि वह भाजपा-शिवसेना के झगड़े में न पड़े। उन्होंने कहा कि शिवसेना कभी भाजपा का साथ नहीं छोड़गी। यह लड़ाई सिर्फ हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए हो रही है। राज्य में सरकार गठन में हो रही देरी के बाद कांग्रेस के कुछ नेता शिवसेना को समर्थन देने के पक्ष में दिखाई दे रहे हैं। पूर्व सांसद निरुपम ने कहा कि कांग्रेस पहले से ही बुरे दौर में हैं। ऐसी स्थिति में यदि शिवसेना का साथ दिया तो पार्टी को और नुकसान उठाना पड़ेगा। कांग्रेस को अपनी विचारधारा का त्याग नहीं करना चाहिए। उन्होंने कहा कि शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे न जाने किन कारणों से इंदिरा गांधी की इमरजेंसी का समर्थन किया था लेकिन उस वक्त इसके लिए कांग्रेस ने अपनी विचारधारा का त्याग नहीं किया था। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।