दैनिक भास्कर हिंदी: मसूद, हाफिज नए कानून के तहत आतंकी घोषित, भारत में कई हमलों को दे चुके हैं अंजाम

September 5th, 2019

हाईलाइट

  • मसूद अजहर, हाफिज सईद नए कानून के तहत आतंकी घोषित
  • दोनों ही आतंकी भारत की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल है
  • दाऊद इब्राहिम और जाकिर-उर-रहमान को भी आतंकवादी घोषित किया है

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख मसूद अजहर और लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक हाफिज मुहम्मद सईद को बुधवार को एक नए आतंकवाद निरोधी कानून के तहत सरकार ने आतंकवादी घोषित किया है।

संसद के द अनलॉफुल एक्टिविटीज (प्रिवेंशन) अमेंडमेंट एक्ट, 1967 में एक महत्वपूर्ण संशोधन को मंजूरी दिए जाने के लगभग एक महीने बाद सरकार ने ये फैसला लिया है।

बता दें कि दोनों ही आतंकी भारत की मोस्ट वॉन्टेड लिस्ट में शामिल है। मसूद अजहर ने जहां भारत में पुलवामा जैसे हमले को अंजाम दिया था वहीं हाफिज सईद मुंबई हमले का मास्टर माइंड है।

हाफिज सईद और मसूद अजहर के अलावा सरकार ने दाऊद इब्राहिम और जाकिर-उर-रहमान लखवी कौ भी नए कानून के तहत आतंकवादी घोषित किया है। इन सभी के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी किया गया है।

बता दें कि यूएपीए बिल के तहत केंद्र सरकार किसी भी संगठन को आतंकी संगठन घोषित कर सकती है। इसके अलावा यह विधेयक सरकार को यह अधिकार भी देता है कि इसके आधार पर किसी को भी व्यक्तिगत तौर पर आतंकवादी घोषित कर सकती है। हालांकि सरकार ऐसा तब ही कर सकती है जब..

व्यक्ति या संगठन का आतंक से जुड़े किसी भी मामले में सहभागिता या किसी तरह का कोई कमिटमेंट पाया गया हो। आतंकवाद की तैयारी या आतंकवाद को बढ़ावा दिया जा रहा हो।आतंकी गतिविधियों में किसी अन्य तरह की संलिप्तता हो।

यूएपीए कानून राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को भी असीमित अधिकार देता है।

गृह मंत्री अमित शाह ने संशोधन बिल का समर्थन करते हुए कहा था कि आतंकवाद पर करारा प्रहार करने के लिए कड़े और बेहद कड़े कानून की जरूरत है। उन्होंने कहा था कि कांग्रेस कानून में संशोधन का विरोध कर रही है जबकि 1967 में इंदिरा गांधी की सरकार ही यह कानून लेकर आई थी।

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