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अगले 24 घंटे में केरल पहुंचेगा मानसून, 4 जिलों में रेड अलर्ट

अगले 24 घंटे में केरल पहुंचेगा मानसून, 4 जिलों में रेड अलर्ट

हाईलाइट

  • दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 24 घंटों में दस्तक देने जा रहा है
  • केरल के चार जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट घोषित किया है
  • 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट भी घोषित किया गया है

डिजिटल डेस्क, तिरुवनंतपुरम। दक्षिण पश्चिम मानसून अगले 24 घंटों में दस्तक देने जा रहा है जिसके मद्देनजर शुक्रवार को केरल के चार जिलों में मौसम विभाग ने रेड अलर्ट घोषित किया है। इसके अलावा 8 जिलों में ऑरेंज अलर्ट घोषित किया गया है। इससे पहले गुरुवार को केरल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (केएसडीएमए) ने घोषणा की थी कि वह मानसून से संबंधित मुद्दों से निपटने के लिए पूरी तरह से तैयार है।

10 जून को त्रिशूर जिले में और 11 जून को एर्नाकुलम, मलप्पुरम और कोझिकोड जिलों में रेड अलर्ट जारी किया गया है। इन तिथियों पर सभी चार जिलों में 'भारी से बहुत भारी वर्षा' का अनुमान है। जिन आठ जिलों में ऑरेजं अलर्ट घोषित किया गया है उनमें तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलाप्पुझा, कोट्टायम, एर्नाकुलम, त्रिशूर, मलप्पुरम और कोझीकोड शामिल है। ये जिले 9 जून से शुरू होने वाली 'भारी से बहुत भारी' बारिश का भी अनुभव करेंगे। मछुआरों को भी सलाह दी गई है कि वे 7-11 जून तक समुद्र में मझली पकड़ने के लिए ना जाए।

प्राइवेट वेदर एजेंसी स्कायमेट ने कहा कि, मानसून 2019 के आने का समय आ गया है, क्योंकि सभी क्राइटेरिया पूरे हो चुके हैं। तीन क्राइटेरिया हैं जो मानसून की शुरुआत की घोषणा के लिए होते हैं जिसमें ओएलआर (आउटगोइंग लॉन्गवेव रेडिएशन), विंड फील्ड और वर्षा शामिल हैं। स्कायमेट ने कहा, मॉनसून 2019 कम से कम एक सप्ताह पीछे चल रहा है। मानसून की सुस्त चाल के पीछे का कारण बंगाल की खाड़ी के साथ-साथ अरब सागर में किसी भी वेदर सिस्टम की अनुपस्थिति को माना जा सकता है।

पिछले साल केरल के जलप्रलय में लगभग 400 लोगों की जान चली गई थी। हालांकि इस बार मौसम विभाग ने सामान्य मानसून की भविष्यवाणी की है। 9 जून के आसपास दक्षिण पूर्व और पूर्वी अरब सागर से सटे केरल-कर्नाटक तट पर एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इसके उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और धीरे-धीरे तेज होने की भी संभावना है। अगले 48 घंटों के दौरान पूर्वोत्तर राज्यों के कुछ हिस्सों में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने के लिए परिस्थितियां अनुकूल होने की संभावना है।
 

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डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।