दैनिक भास्कर हिंदी: मप्र : उपचुनाव के लिए काबिल उम्मीदवार तलाशने में जुटी कांग्रेस

June 18th, 2020

हाईलाइट

  • मप्र : उपचुनाव के लिए काबिल उम्मीदवार तलाशने में जुटी कांग्रेस

भोपाल 18 जून (आईएएनएस)। मध्यप्रदेश में विधानसभा की 24 सीटों के लिए होने वाले उपचुनाव को लेकर कांग्रेस ने काबिल उम्मीदवारों की तलाश तेज कर दी है। इसके लिए पार्टी विधानसभा स्तर पर सर्वे भी करा रही है।

पूर्व केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के नेतृत्व में कांग्रेस कांग्रेस के 22 विधायकों ने पार्टी और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था और वे भारतीय जनता पार्टी(भाजपा) में शामिल हो गए थे। इसके अलावा दो विधायकों का निधन हो गया था। इस तरह कुल 24 स्थान रिक्त हैं। यहां निकट भविष्य में उप चुनाव होना है। कांग्रेस के सामने इन स्थानों पर नए चेहरों की तलाश चुनौती बनी हुई है। कांग्रेस, भाजपा के बागियों पर नजर गड़ाए हुए है और बगावत का इंतजार कर रही है।

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि जिन 24 स्थानों पर चुनाव होने हैं, वहां से पांच और उससे अधिक लोगों ने दावेदारी पेश की है। जो भी आवेदन आए हैं, उनमें से जनाधार वाले नेता की तलाश के लिए सर्वे कराने का फैसला पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने किया है। आने वाले समय में इन सर्वे रिपोर्ट के आधार पर ही उम्मीदवारी तय की जाएगी।

कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता अजय यादव का कहना है कि आगामी समय में होने वाले 24 विधानसभा क्षेत्रों के उपचुनाव कांग्रेस के लिए महत्वपूर्ण है और पार्टी इन सीटों पर जीत दर्ज करेगी। उम्मीदवार जनाधार वाला हो और सक्षम हो, इसके लिए प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथ ने तीन चरणों में अब तक सर्वे करा लिए हैं और उनसे जो नाम निकल कर आएंगे, उनके जनाधार के परीक्षण के लिए फिर सर्वे कराया जाएगा, और उसके बाद ही उम्मीदवारी तय होगी।

राज्य में कांग्रेस के लिए नए चेहरे की तलाश एक बड़ी चुनौती इसलिए भी बनी हुई है, क्योंकि जो 22 स्थान रिक्त हुए हैं, वहां पूर्व में निर्वाचित विधायकों में कई ऐसे थे, जो एक से ज्यादा बार निर्वाचित हुए हैं। इन नेताओं ने नए लोगों को उभरने नहीं दिया, और यही कारण है कि कांग्रेस को उपचुनाव के लिए उम्मीदवार खोजना पड़ रहा है।

राजनीतिक विश्लेषक साजी थॉमस का कहना है कि उपचुनाव दोनों ही दलों के लिए महत्वपूर्ण है। इसमें भाजपा के लिए उम्मीदवारी चयन के मामले में थोड़ी बढ़त है, वहीं कांग्रेस को नए सिरे से उम्मीदवार खोजने हैं। इसका चुनाव पर असर भी पड़ सकता है, क्योंकि उम्मीदवार के चयन पर परिणाम निर्भर करेंगे। यही कारण है कि कांग्रेस फूंक-फूंक कर कदम बढ़ा रही है।