दैनिक भास्कर हिंदी: महाराष्ट्र: ऊबर ड्राइवर को BJP ने किया सम्मानित, CAA विरोधी प्रदर्शनकारी को किया था पुलिस के हवाले

February 8th, 2020

हाईलाइट

  • मुंबई भाजपा ने शनिवार को ऊबर कैब ड्राइवर को सम्मानित किया
  • ड्राइवर CAA एक्टिविस्ट बप्पादित्य सरकार को सांताक्रूज पुलिस स्टेशन लेकर गया था
  • मुंबई भाजपा अध्यक्ष ने ऊबर कैब ड्राइवर रोहित सिंह को अलर्ट सिटीजन अवॉर्ड से नवाजा

डिजिटल डेस्क, मुंबई। मुंबई भाजपा ने शनिवार को उस ऊबर कैब ड्राइवर को सम्मानित किया जो जयपुर के एक कवि और एक्टिविस्ट बप्पादित्य सरकार को सांताक्रूज पुलिस स्टेशन लेकर गया था। भाजपा के अध्यक्ष मंगल प्रभात लोढ़ा ने ऊबर कैब ड्राइवर रोहित सिंह को अलर्ट सिटीजन अवॉर्ड से नवाजा है। लोढ़ा ने ट्वीट कर कहा, 'रोहित गौर.... नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ राष्ट्र विरोधी षड्यंत्र कर रहे ऊबर टैक्सी यात्री को जिन्होंने पुलिस को सौंपा।

प्रदर्शन में शामिल होने गए थे सरकार
दरअसल, एक्टिविस्ट बप्पादित्य सरकार मुंबई में नागरिकता संशोधन एक्ट (CAA) के खिलाफ एक प्रदर्शन में शामिल होने गए थे। बुधवार रात करीब 11 बजे जुहू सिल्वर बीच से कुर्ला के लिए एक ऊबर कैब बुक की और रास्ते में अपने दोस्त से सीएए के विरोध में शाहीन बाग सहित देश भर में हो रहे विरोध प्रदर्शन को लेकर बात करने लगे। चर्चा के दौरान वह सीएए के विरोधी प्रदर्शनों को कैसे प्रभावी बना सकते हैं, इसपर चर्चा करने लगे। रोहित ने इस बातचीत को रिकॉर्ड कर लिया और एटीएम से पैसे निकालने का बहाना करके वह कैब को सांताक्रूज पुलिस स्टेशन ले गया। 

सरकार फोन पर देश जलाने की बात कह रहे थे
थोड़ी देर बाद रोहित दो सिपाहियों को लेकर अपनी कैब में वापस आया। रोहित ने पुलिस को बताया कि बप्पादित्य सरकार कम्यूनिस्ट है। रोहित ने कहा, उसकी कैब में बातचीत के दौरान बप्पादित्य सरकार फोन पर देश जलाने की बात कह रहे थे और कह रहे थे कि पूरे देश को शाहीन बाग बना देंगे। वहीं सरकार ने पुलिसकर्मियों से कहा कि वे रिकॉर्डिंग को सुनें और अगर उन्हें कही ये सुनाई दें कि मैं देश को जलाने की बात कर रहा हूं तो वह उन्हें गिरफ्तार करें। पुलिस ने दोनों का बयान रिकॉर्ड करके कुछ भी आपत्तिजनक न पाए जाने पर सरकार को जाने दिया।  

शुक्र मनाओ पुलिस स्टेशन लेकर आया हूं
सरकार ने कहा कि जब उन्होंने सिंह से पूछा कि वह उन्हें पुलिस स्टेशन क्यों लाए हैं, तो सिंह ने कहा, 'तुम देश बरबाद कर दोगे और देखते रहेंगे? मैं कही और ले जा सकता था तुझे, शुक्र मनाओ पुलिस स्टेशन लेकर आया हूं। सरकार ने कहा: 'यह मेरे लिए एक डरावना क्षण था। उन्होंने कहा कि अगले दो-ढाई घंटे तक पुलिस ने उनसे उन किताबों पर सवाल-जवाब किए जो उन्होंने पढ़ीं, कविताएं लिखीं, साम्यवाद पर उनके विचार। पुलिस ने उनसे सीएए, 'मुंबई बाग' और शाहीन बाग प्रोटेस्ट को लेकर भी सवाल किए। उन्होंने कहा, पुलिस ने उनसे ये भी पूछा कि प्रदर्शन में शामिल होने के दौरान वह पैसे कैसे कमाते हैं।

हम एक फासीवादी राज्य में हैं
सरकार ने कहा कि उन्हें लगभग 1.30 बजे पुलिस स्टेशन छोड़ने की अनुमति दी गई थी, जबकि सिंह उनसे पहले ही चले गए थे। उन्होंने कहा, इस घटना से पता चलता है कि हम एक फासीवादी राज्य में हैं। पुलिस विनम्र थी लेकिन वह अयोग्य थी। मैं सिर्फ एकजुटता दिखाने के लिए अधिक से अधिक विरोध प्रदर्शन का हिस्सा बनना चाहता था। सीएए गरीबों के खिलाफ एक कानून है। अगले दिन, सरकार ने मुंबई बाग प्रोटेस्ट में शामिल होने के लिए नागपाड़ा तक कैब के बजाए ट्रेन से यात्रा करने का फैसला किया।

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