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आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार मामले में उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना भी लगाया

आसाराम के बेटे नारायण साईं को बलात्कार मामले में उम्रकैद, एक लाख का जुर्माना भी लगाया

हाईलाइट

  • 53 गवाहों के साथ कोर्ट में पेश किए थे सबूत
  • गुजरात के सूरत सेशन कोर्ट ने रेप केस दोषी ठहराया
  • आश्रम की युवती के साथ कई बार किया बलात्कार

डिजिटल डेस्क, सूरत। आसाराम के बेटे और बलात्कार के मामले में दोषी नारायण साईं को उम्र कैद की सजा सुनाई गई है, कोर्ट ने नारायण साईं पर एक लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। सेशन कोर्ट ने 26 अप्रैल को 5 आरोपियों को दोषी करार दिया था। नारायण साईं को रेप के मामले में सूरत की सेशन कोर्ट ने दोषी माना था। पीड़िता ने नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में 53 गवाहों के साथ सभी जरुरी सबूत पेश किए थे। पीड़िता ने कोर्ट में बताया था कि नारायण साईं ने उसके साथ एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार अपनी हवस का शिकार बनाया था। इस काम में नारायण साईं के आश्रम में रहने वाले सभी साधक-साधिकाओं ने भी मदद की थी।

बता दें कि आसाराम के बेटे नारायण साईं के खिलाफ अक्‍टूबर, 2013 में पीड़िता के पिता ने शिकायज दर्ज कराई थी। पीड़ित बहनों में से छोटी बहन ने शिकायत में कहा था कि 2002 से 2005 के दौरान नारायण साईं ने कई बार उसका यौन उत्पीड़न किया। जबकि बड़ी बहन ने आसाराम के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। उसकी शिकायत के अनुसार, 1997 से 2006 तक अहमदाबाद के आश्रम में आसाराम ने बार-बार उसका यौन उत्पीड़न किया था। इस मामले में जो मेडिकल साक्ष्य कोर्ट में पेश हुए, उसके आधार पर ये भी साबित हो गया कि नारायण साईं ने संबंध स्थापित किए थे। इस मामले में नारायण साईं के खिलाफ कोर्ट में 52 से ज्यादा गवाहों ने बयान दर्ज कराए थे। 

एफआईआर दर्ज होने के बाद नारायण अंडरग्राउंड हो गया था और पुलिस से बचने के लिए बार-बार अपनी लोकेशन बदल रहा था। दिसंबर, 2013 में नारायण को हरियाणा-दिल्ली सीमा के पास से गिरफ्तार किया गया था। नारायण साईं के खिलाफ आश्रम की एक युवती ने 6 अक्‍टूबर 2013 को बलात्‍कार का मामला दर्ज कराया था। इसके बाद नारायण साईं ने इस मामले को दबाने के लिए थाना प्रमुख को 13 करोड़ रुपये की रिश्‍वत भी दी थी। बाद में उस पुलिस अधिकारी से 5 करोड़ रुपये नकद और प्रॉपर्टी के कागजात बरामद करने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया था। 

जब नारायण साईं की हरकतों का खुलासा हुआ तो उसकी पत्‍नी जानकी ने पति और ससुर के खिलाफ प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए। साईं की पत्नी जानकी ने शिकायत में कहा था कि नारायण हरपलानी से उसकी शादी 22 मई 1997 को हुई थी, लेकिन शादी के इस बंधन में बंधने के बाद भी उसके पति ने उसकी निगाहों के सामने कई महिलाओं से नाजायज संबंध कायम किए। इससे उसे मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी। यही नहीं जानकी ने ये आरोप भी लगाया था,नारायण साईं धर्म के नाम पर ढोंग करता है, उसने आश्रम की एक साधिका से अवैध संबंध बनाए। जब यह साधिका गर्भवती हो गई तो उसने मुझसे कहा कि वो दूसरी शादी करना चाहता है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।