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COVID-19 India: देश में अबतक 24,506 कोरोना के मरीज, 775 की मौत, 80 जिलों में 14 दिन से कोई नया केस नहीं


हाईलाइट

  • देश में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 1752 नए मरीज, 37 लोगों की मौत

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। देश में कोरोना के कुल मामलों की संख्या 24,506 हो गई है। इनमें से 775 की मरीजों की जान जा चुकी है और 18,668 मरीजों का इलाज चल रहा है। वहीं देश में ठीक होने वाले कोरोना मरीजों की संख्या बढ़कर 5063 हो गई है। राहत की खबर यह है कि, पिछले 28 दिनों से 15 जिलों में कोरोना का कोई नया केस सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 

80 जिलों में 14 दिनों से कोई मामला नहीं 
देश में कोरोनावायरस लगातार अपने पैर पसारता जा रहा है। इसलिए संक्रमण के प्रसार को रोकने व लॉकडाउन के क्रियान्वयन के लिए सरकार ने पांच और केंद्रीय टीमों का गठन किया है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने जानकारी दी है कि, पिछले 14 दिनों से 80 जिलों में कोरोनावायरस का कोई नया मामला सामने नहीं आया है। देश में अब तक कोरोना संक्रमण की वजह से 724 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 17915 ऐक्टिव केस हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, कोरोना के मामले में हमारा रिकवरी रेट 20.57 प्रतिशत रहा है।

9.45 लाख कोविड-19 संदिग्ध निगरानी में
केंद्रीय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने शुक्रवार को कहा कि, उसकी मजबूत निगरानी प्रणाली देशभर में लगभग 9.45 लाख कोविड-19 संदिग्धों की बारीकी से निगरानी कर रही है। विदेश से संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रोकना शुरू कर दिया गया है। वहीं राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन सहित कोरोनावायरस के संचरण की आंतरिक श्रृंखला को रोकने के लिए चरणबद्ध कदम उठाए जा रहे हैं। नेशनल सेंटर फॉर डिसीज कंट्रोल (एनसीडीसी) के एक अधिकारी ने कहा है कि 9.45 लाख संदिग्ध मामले या तो क्वारंटीन में हैं या घर में ही आइसोलेशन में रह रहे हैं और उन पर कड़ी नजर रखी जा रही है। मौजूदा समय में लगभग 9.45 लाख लोग निगरानी नेटवर्क के तहत निगरानी में हैं। शीघ्र ही इन लोगों के नमूने लेने का काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि निगरानी नेटवर्क जिला स्तर पर भी स्थापित किए गए हैं, ताकि क्लस्टर सर्वेक्षण योजना के तहत घरेलू सर्वेक्षण, संगरोध और अलगाव किया जाए। भारत में पहले कोविड -19 मामले के सामने आने से पहले ही हमारे निगरानी तंत्र को काम में लगा दिया गया था। इसने संक्रमण को फैलाने से रोकने में हमारी मदद करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

सही समय पर लागू किया गया लॉकडाउन
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा, देशव्यापी लॉकडाउन लागू करने का निर्णय सही समय पर लिया गया था, जो कोरोनावायरस के प्रसार को नियंत्रित करने में प्रभावी रहा है। एम्पॉवर्ड ग्रुप 1 के अध्यक्ष वी.के.पॉल कहा है कि यदि लॉकडाउन नहीं लगाया जाता तो कोविड-19 के मामलों की अनुमानित संख्या 1 लाख होती।

पॉल ने कहा, कोरोनोवायरस मामलों की दोगुनी दर अब 10 दिनों के करीब है (मार्च में यह 3 दिन थी) और ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि देश ने इस बीमारी को नियंत्रित करने के लिए अपने व्यवहार में बदलाव लाया है। हमारे विश्लेषण से पता चलता है कि लॉकडाउन कोविड-19 की दोहरी दर को धीमा करने में प्रभावी रहा है, जिससे कई लोगों की जान बच गई।

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