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प्रधानमंत्री स्पष्ट करें, क्या वह चीन के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं : कांग्रेस

June 21st, 2020 20:01 IST
 प्रधानमंत्री स्पष्ट करें, क्या वह चीन के दृष्टिकोण का समर्थन करते हैं : कांग्रेस

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नई दिल्ली, 21 जून (आईएएनएस)। कांग्रेस ने रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सर्वदलीय बैठक में दिए गए बयान पर पलटवार करते हुए उनसे स्पष्टीकरण की मांग की है।

कांग्रेस ने कहा है कि सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री मोदी के इस बयान से कि कोई घुसैपठिया की भारतीय सीमा में नहीं घुसा और न हमारी चौकियों पर किसी ने कब्जा किया से कई प्रश्न खड़े होते हैं और मोदी को इन सवालों का जवाब देना चाहिए।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने एक प्रेस कांफ्रेंस में पूछा, क्या प्रधानमंत्री ने एक तरह से चीन के इस दृष्टिकोण का समर्थन नहीं किया है कि उसने कभी भी हमारे क्षेत्रों में घुसपैठ नहीं की है? प्रधानमंत्री को स्पष्ट करना चाहिए।

सिब्बल ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री कहते हैं कि भारतीय सीमा में चीन ने घुसपैठ नहीं की है। मोदी की तरह ही चीन भी कहता है कि वह भारत में नहीं घुसा है, क्योंकि पूरी गलवान घाटी उसकी है और उसके जवान अपने क्षेत्र में हैं।

उन्होंने कहा कि मोदी कह रहे हैं कि हमारी सीमा में कोई नहीं आया है। इसी बयानबाजी का फायदा चीन उठा रहा है और वह डंके की चोट पर कहता है कि उसने किसी सीमा का उल्लंघन नहीं किया है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री ने अपने ही मंत्रियों की बात का खंडन किया है। सिब्बल ने कहा, यह स्पष्ट है कि प्रधानमंत्री का 19 जून, 2020 का बयान रक्षा मंत्री, विदेश मंत्री और सेना प्रमुख के बयानों के विपरीत है।

इस दौरान सिब्बल ने सरकार से पांच सवाल किए। उन्होंने कहा कि क्या प्रधानमंत्री मोदी का बयान कर्नल संतोष बाबू और 19 जवानों की वीरता और सर्वोच्च बलिदान का अपमान नहीं है, जिन्होंने गलवान घाटी से चीनी सैनिकों को खदेड़ने के लिए जान की बाजी लगा दी? क्या सरकार का यह कहना है कि इनका बलिदान व्यर्थ था?

उन्होंने दूसरा सवाल उठाते हुए कहा कि क्या यह सही नहीं है कि चीन ने गलवान घाटी पर कभी दावा नहीं किया था? क्या यह भी सही नहीं है कि चीन ने गलवान घाटी पर अब अतिक्रमण किया है?

कांग्रेस नेता ने तीसरा सवाल पूछते हुए कहा कि रक्षा विशेषज्ञों, सेना के अधिकारियों और सैटेलाइट तस्वीरों से साफ होता है कि चीन ने घुसपैठ की है, फिर सरकार इससे क्यों इनकार कर रही है?

इसके बाद सिब्बल ने चौथे सवाल में पूछा कि आखिर सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने क्यों कहा कि हमारे क्षेत्र में किसी ने घुसपैठ नहीं की है? फिर प्रधानमंत्री कार्यालय ने इन शब्दों को अपने आधिकारिक बयान से क्यों हटा दिया? अगर हमारे क्षेत्र में किसी ने घुसपैठ नहीं की, तो 20 जवान कैसे शहीद हो गए, 85 गंभीर रूप से घायल हो गए और 10 अधिकारियों व जवानों को चीन ने पकड़ लिया था? उन्होंने पूछा कि विदेश मंत्रालय और मोदी के बयान विरोधाभाषी क्यों हैं?

सिब्बल ने पांचवां सवाल पूछते हुए कहा कि गलवान घाटी में चीन के निर्माण को लेकर विदेश मंत्रालय व रक्षा मंत्रालय के बयानों को प्रधानमंत्री मोदी खारिज क्यों कर रहे हैं, इसका जवाब दिया जाना चाहिए।

कांग्रेस यह भी कहा कि पूरा देश सशस्त्र बलों और सरकार के हर कदम पर डटकर साथ खड़ा है।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।