comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

पीएम मोदी ने दी इमरान को बधाई, कहा- पाक में अब लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी

July 31st, 2018 11:29 IST

हाईलाइट

  • पाकिस्तान के पीएम बनने जा रहे पूर्व क्रिकेटर इमरान खान को पीएम नरेंद्र मोदी ने फोन कर बधाई दी है।
  • पूर्व पाक क्रिकेटर इमरान खान ने हाल ही में हुए पाकिस्तान आम चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है।
  • बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने शांति और विकास का मुद्दा भी छेड़ा।

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। पूर्व पाक क्रिकेटर इमरान खान ने हाल ही में हुए पाकिस्तान आम चुनाव में शानदार जीत दर्ज की है। हालांकि वे बहुमत से थोड़ी कम सीटें लाएं हैं, मगर इमरान का पाकिस्तान का वज़ीर-ए-आज़म बनना तय है। इस शानदार जीत के लिए भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फोन कर उन्हें बधाई दी है। बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने दोनों देशों के बीच शांति और परस्पर विकास के बारे में भी चर्चा की।

तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के चेयरपर्सन इमरान खान से पीएम मोदी ने फोन पर बात करते हुए आस-पड़ोस में शांति और विकास के अपने दृष्टिकोण को दोहराया। प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा जारी किए गए एक बयान के अनुसार पीएम मोदी ने आशा व्यक्त की है कि इस बदलाव के साथ ही पाकिस्तान में लोकतंत्र की जड़ें मजबूत होंगी।

राजनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि पीएम मोदी ने इमरान को बधाई देते हुए भारत की ओर से एक सकारात्मक संदेश देने की कोशिश की है। इससे पहले आम चुनाव में शानदार जीत के बाद अपने पहले संबोधन में इमरान खान ने भारत के साथ बेहतर रिश्ते बनाने की बात कही थी। इमरान ने कहा था कि वह भारत के साथ बेहतर रिश्ते चाहते हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि इस दिशा में भारत अगर एक कदम चलेगा तो वह दो कदम चलने के लिए तैयार हैं।

गौरतलब है कि पाकिस्तान के आम चुनावों में इमरान की PTI को 272 सीटों वाली नेशनल असेंबली में 116 सीटें मिली हैं। जबकि सरकार बनाने के लिए 137 सीटों की जरूरत होती है। हालांकि उनकी पार्टी अब भी सरकार बनाने के लिए जरूरी बहुमत जुटाने में लगी है। इसी बीच इमरान खान ने भी एक बयान जारी कर ऐलान कर दिया है कि वह 11 अगस्त को पाकिस्तान के नए प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ग्रहण करेंगे। बता दें कि 14 अगस्त को पाकिस्तान अपनी आज़ादी का दिन मनाता है। ज़ाहिर है इमरान खान इस दिन बतौर पाकिस्तान प्रधानमंत्री देश का झंडा फहराना चाहेंगे।

कमेंट करें
9db7i
NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।