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मस्जिद, हज हाउस, स्कूल, टोल प्लाजा के बाद भगवा हुए पुलिस लाइन क्वार्टर

July 18th, 2018 18:43 IST
मस्जिद, हज हाउस, स्कूल, टोल प्लाजा के बाद भगवा हुए पुलिस लाइन क्वार्टर

हाईलाइट

  • मुजफ्फरनगर में पुलिस लाइन क्वार्टर को भगवा रंग में रंग दिया गया।
  • पुलिस ने की मामले को टालने की कोशिश।
  • 17 जून को मुजफ्फरनगर के टोल प्लाजा को भी भगवा कर दिया गया था।

डिजिटल डेस्क, लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में पुलिस लाइन क्वार्टर को भगवा रंग में रंग दिया गया है। सरकारी स्कूल और कार्यालयों के बाद अब पश्चिमी यूपी के मुजफ्फरनगर में पुलिसकर्मियों के लिए बनाए गए घरों पर भगवा रंग किया गया है। हालांकि यह क्वार्टर हाल ही में बनाए गए हैं। मामला समाने आने के बाद पुलिस से जब इस रंग के बारे में पूछा गया तो सब टालने की कोशिश करते दिखे। इससे पहले कई सरकारी कार्यालयों पर भगवा रंग करने और मदरसे की दीवारों पर भगवा रंग करने से योगी सरकार विवादों में घिर गई थी और विवाद बढ़ गया था।



गौरतलब है कि 17 जून को मुजफ्फरनगर के टोल प्लाजा को भी भगवा कर दिया गया था। जबकि मुजफ्फरनगर-सहारनपुर हाईवे पर बने फोर लेन टोल प्‍लाजा को ट्रायल के लिए खोले जाने पर प्रदेश सरकार की तरफ से थ्री नोटिफिकेशन का इंतजार कर रही थी। इससे पहले लखनऊ स्थित सीएम योगी आदित्‍यनाथ के ऑफिस को भगवा रंग में रंगा गया था। जिस पर काफी राजनीति भी हुई। वहीं उत्‍तर प्रदेश परिवहन निगम की रोडवेज बसों को भी भगवा रंग में रंगा जा चुका है। 

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सीएम योगी आदित्‍यनाथ के हरदोई दौरे के पहले वहां के कार्यक्रम स्‍थल के टॉयलेट के टाइल्‍स को भी भगवा रंग में रंगा गया था, हालांकि इस मामले को लेकर विवाद बढ़ने के बाद भगवा कलर की टाइल्‍स को हटा दिया गया था। हज हाउस को भी भगवा रंग में रंगा गया, लेकिन बाद में उसका रंग बदल दिया गया था। 100 प्राइमरी स्कूलों को भी भगवा रंग में रंगवा दिया गया था। गौरतलब है कि यूपी में योगी आदित्यनाथ के सीएम बनने के बाद से सब कुछ भगवा रंग में रंगा जा रहा है। सीएम योगी खुद भगवा रंग के कपड़े पहनते हैं। उनके लिए भगवा कलर की कुर्सी और सोफे लगाए जाते हैं। टेबल पर उनकी नेम प्लेट तक भगवा होती है। 

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।