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अर्नब को एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से पता था, कांग्रेस ने पूछा- गोपनीय जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?

January 19th, 2021 21:24 IST
अर्नब को एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से पता था, कांग्रेस ने पूछा- गोपनीय जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?

हाईलाइट

  • रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की लीक हुई वॉट्सएप चैट से बड़ा खुलासा
  • अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से ही पता था
  • कांग्रेस ने पूछा- गोपनीय जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्नब गोस्वामी की लीक हुई वॉट्सएप चैट से बड़ा खुलासा हुआ है। इस वॉट्सएप चैट से पता चला है कि अर्नब गोस्वामी को बालाकोट एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से ही पता था। ऑल्ट न्यूज के को-फाउंडर प्रतीक सिन्हा ने इस वॉट्सएप चैट के स्क्रीनशॉट को शेयर किया है। अर्नब और BARC के पूर्व CEO पार्थो दासगुप्ता के बीच यह बातचीत 2019 में हुई थी। 

वॉट्सएप चैट के सामने आने के बाद कांग्रेस ने मोदी सरकार पर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस नेता पी चिदंबरम ने सवाल किया, क्या असल स्ट्राइक से तीन दिन पहले एक पत्रकार (और उसके दोस्त) को बालाकोट शिविर में जवाबी हमले के बारे में पता था? यदि हां, तो इस बात की क्या गारंटी है कि उनके स्रोतों ने पाकिस्तान के साथ काम करने वाले जासूसों या मुखबिरों सहित अन्य लोगों के साथ भी जानकारी साझा नहीं की होगी? राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी गोपनीय निर्णय की जानकारी सरकार-समर्थक पत्रकार को कैसे मिली?

वहीं पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता मनीष तिवारी ने कहा, 'अगर मीडिया के एक धड़े की रिपोर्टिंग सही है तो सवाल यह है कि बालाकोट स्ट्राइक और 2019 के आम चुनाव के बीच कोई संबंध है? क्या चुनाव में फायदे के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा को मुद्दा बनाया गया। इसकी संयुक्त संसदीय समिति (JPC) से जांच होनी चाहिए।'

सुप्रीम कोर्ट के वकील प्रशांत भूषण ने भी अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि जिस पुलवामा हमले में 40 जवान शहीद हुए, अर्नब ने उसका जश्न मनाया था। अर्नब को बालाकोट स्ट्राइक की जानकारी भी 3 दिन पहले मिल गई थी। अर्नब को कश्मीर में आर्टिकल 370 हटाए जाने के बारे में भी पहले से पता था।

क्या है वॉट्सएप चैट में?
प्रतीक सिन्हा ने 23 फरवरी 2019 के जो स्क्रीनशॉट शेयर किए हैं, उसमें अर्नब गोस्वामी कह रहे हैं, कुछ बड़ा होना है। यानी बालाकोट स्ट्राइक से 3 दिन पहले। इसी बातचीत में BARC के CEO पूछते हैं, क्या दाऊद? अर्नब कहते हैं- नहीं, पाकिस्तान। कुछ बड़ा होने वाला है। BARC के CEO पूछते हैं कि क्या स्ट्राइक होने वाली है या उससे बड़ा? चैट में अर्नब दावा करते हैं कि सरकार को भरोसा है कि स्ट्राइक जनता को खुश कर देगी।

एक और स्क्रीनशॉट 27 फरवरी 2019 का है। इसमें BARC के CEO कहते हैं कि कल की एयर स्ट्राइक वही है, जिसके बारे में आपने बताया था या फिर कुछ और होने वाला है। इसके जवाब में अर्नब कहते हैं कि और भी कुछ होने वाला है। 

14 फरवरी 2019 के एक और स्क्रीनशॉट में अर्नब कह रहे हैं,  इस हमले में हमारे चैनल की बड़ी जीत है। अर्नब कहते हैं, साल के सबसे बड़े आतंकी हमले की कवरेज में हम 20 मिनट आगे थे। अकले चैनल जो सबसे पहले ग्राउंड पर मौजूद था।

5 अगस्त 2019 को सरकार ने कश्मीर से आर्टिकल-370 हटाया था। तीन दिन पहले यानी 2 अगस्त को ही दासगुप्ता अर्नब से पूछते हैं कि क्या आर्टिकल-370 हटने वाला है। इसके जवाब में अर्नब कहते हैं मैंने ब्रेकिंग न्यूज में प्लेटिनम स्टैंडर्ड सेट किया है। ये हमारी खबर है। अर्नब चार अगस्त की चैट में कश्मीर में धारा-144 लगाए जाने की खबर भी सबसे पहले ब्रेक करने का दावा करते हैं।

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कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।