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एनकाउंटर पर सियासी सवाल: अखिलेश बोले- गाड़ी नहीं पलटी, सरकार पलटने से बचाई गई, प्रियंका ने कहा- अपराधी को संरक्षण देने वालों का क्या?

एनकाउंटर पर सियासी सवाल: अखिलेश बोले- गाड़ी नहीं पलटी, सरकार पलटने से बचाई गई, प्रियंका ने कहा- अपराधी को संरक्षण देने वालों का क्या?

हाईलाइट

  • गैंगस्टर विकास दुबे के एनकाउंटर पर राजनेताओं ने उठाए सवाल
  • अखिलेश ने कहा- कार नहीं पलटी, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गई
  • मायावती बोलीं- मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में हो निष्पक्ष जांच

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। उत्तर प्रदेश के कानपुर में आठ पुलिसकर्मियों की हत्या के मुख्य आरोपी विकास दुबे ने गुरुवार को मध्य प्रदेश के उज्जैन में सरेंडर किया। जिसके बाद पुलिस उसे पकड़ कर थाने ले गई। शुक्रवार सुबह दुबे को कानपुर ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में ही उसने भागने की कोशिश की और पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। एक तरफ इतने बड़े अपराधी के पकड़े और मारे जाने को पुलिस महकमे की सफलता माना जा रहा है वहीं दूसरी ओर राजनीतिक गलियारों में यह एक्शन सवालों के घेरे में है। कांग्रेस से लेकर तमाम विपक्षी दलों के नेताओं ने गैंगस्टर के एनकाउंटर पर सवाल उठाए हैं।

राहुल का योगी सरकार पर तंज
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने विकास दुबे के एनकाउंटर को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। उन्होंने शायराना अंदाज में कहा- कई जवाबों से अच्छी है ख़ामोशी उसकी, न जाने कितने सवालों की आबरू रख ली।

कांग्रेस पार्टी की महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने ट्वीट कर कहा,अपराधी का अंत हो गया, अपराध और उसको सरंक्षण देने वाले लोगों का क्या?

इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा है कि, उप्र की कानून-व्यवस्था बदतर हो चुकी है। राजनेता-अपराधी गठजोड़ यूपी पर हावी है। कानपुर कांड में इस गठजोड़ की सांठगांठ खुलकर सामने आई। कौन-कौन लोग इस तरह के अपराधी की परवरिश में शामिल हैं? पूरे कांड की न्यायिक जांच होनी चाहिए

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा है, दरअसल ये कार नहीं पलटी है, राज खुलने से सरकार पलटने से बचाई गयी है।

बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा, विकास दुबे को मध्य प्रदेश से कानपुर लाते समय पुलिस की गाड़ी पलटने और उसके भागने पर यूपी पुलिस द्वारा उसे मार गिराए जाने के पूरे मामलों की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

मध्य प्रदेश में कांग्रेस के दिग्गज नेता दिग्विजय सिंह ने ट्वीट कर कहा, जिसका शक था वही हुआ। विकास दुबे का किन किन राजनैतिक लोगों, पुलिस व अन्य शासकीय अधिकारियों से संपर्क था, अब उजागर नहीं हो पाएगा। 

एक अन्य ट्वीट में सिंह ने कहा है, यह पता लगाना आवश्यक है विकास दुबे ने मध्यप्रदेश के उज्जैन महाकाल मंदिर को सरेंडर के लिए क्यों चुना? मध्यप्रदेश के कौन से प्रभावशाली व्यक्ति के भरोसे वो यहाँ उत्तर प्रदेश पुलिस के एनकाउंटर से बचने आया था?

उत्तर प्रदेश कांग्रेस ने उठाए ये सवाल...

वहीं मध्य प्रदेश के गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने कहा, कानून ने अपना काम किया है। यह उन लोगों के लिए खेद और निराशा का विषय हो सकता है जिन्होंने विकास दुबे की गिरफ्तारी और अब मौत पर सवाल उठाए। मप्र पुलिस ने अपना काम किया, उसे गिरफ्तार किया और यूपी पुलिस को सौंप दिया। 

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