comScore

© Copyright 2019-20 : Bhaskarhindi.com. All Rights Reserved.

बोहरा समाज से बोले पीएम मोदी, कहा- मेरा आपसे पुराना रिश्ता

September 14th, 2018 15:40 IST

हाईलाइट

  • बोहरा समाज के वाअज़ में शमिल हुए पीएम मोदी
  • शिया मस्जिद में बोहरा समाज के लोगों को किया संबोधित
  • दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला से की मुलाकात

डिजिटल डेस्क, भोपाल। इंदौर पहुंचे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शिया मस्जिद में बोहरा समाज के लोगों को संबोधित किया। यह दूसरा मौका है, जब मोदी मोहर्रम की वाअज यानी प्रवचन में शामिल हुए। इससे पहले गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए वे सूरत में हुई मोहर्रम की वाअज में शामिल हुए थे। पीएम मोदी ने दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौलाना से मुलाकात की है। इस दौरान धर्मगुरू ने पीएम मोदी को जन्मदिन की अग्रिम बधाई दी। पीएम मोदी वाअज में शामिल होने के बाद सांघी मैदान के लिए रवाना हो चुके हैं। इसके बाद वे वापस दिल्ली के लिए रवाना हो जाएंगे। 

पीएम मोदी ने कहा...
मैं जब गुजरात का प्रधानमंत्री था तब मुझे बोहरा समाज का कदम-कदम पर साथ मिला। पीएम मोदी ने कहा कि आप सभी के बीच में आना हमेशा मुझे प्रेरणा देता है, एक नया अनुभव देता है। अशरा मुबारक, के इस पवित्र अवसर पर आपने मुझे बुलाया इसलिए आपका आभारी हूं।उन्होंने कहा कि बोहरा समाज हमेशा से शांति का पैगाम देता रहा है। प्रधानमंत्री ने कहा कि इमाम हुसैन अमन और इंसाफ के लिए शहीद हो गए। बोहरा समाज दुनिया को हमारे देश की ताकत बता रहा है। हमें अपने अतीत पर गर्व है, वर्तमान पर विश्वास है। बोहरा समाज ने शांति के लिए जो योगदान दिया है, उसकी बात हमेशा मैं दुनिया के सामने करता हूं। बोहरा समाज की भूमिका राष्ट्रभक्ति के प्रति सबसे अहम रही है।धर्मगुरु अपने प्रवचन के माध्यम से अपनी मिट्टी से मोहब्बत की बातें कहते हैं।

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा...
बोहरा समाज के वाअज में शामिल हुए सीएम शिवराज सिंह चौहान ने कहा, बोहरा समाज एक ऐसा समाज है जिसने हमेशा देश की मदद की है। देश से मोहब्बत की है। बोहरा समाज सबसे अनुशासित समाज रहा है। 

बता दें कि दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना आलीकदर मुफद्दल सैफुद्दीन मौला बुधवार से सैफी नगर मस्जिद में 9 दिनी वाअज फरमा रहे है। वाअज सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक होगी। यह पहला मौका था जब कोई प्रधानमंत्री बोहरा समाज की वाअज में शामिल हुए। कार्यक्रम में सैयदना 15 मिनट हिंदी में बोलेंगे। इसके बाद 15 मिनट प्रधानमंत्री और 10 मिनट मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान संबोधित किया। गौरतलब है कि वाअज में सैयदना गुजराती, उर्दू और अरबी का इस्तेमाल करते हैं।

पीएम मोदी के इंदौर आगमन के राजनीतिक मायने भी लगाए जा रहे है। चूंकि बोहरा समाज के 35 हजार लोग शहर में रहते हैं, जबकि साढ़े चार लाख आबादी प्रदेश में, वहीं देश में 20 लाख बोहरा समाजजन हैं। इसी साल प्रदेश और पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के साथ ही राजस्थान और तेलंगाना में विधानसभा चुनाव होना है। यही वजह है कि चुनावी राज्य के इस शहर में हो रहे इस आयोजन में प्रधानमंत्री की उपस्थिति को राजनीतिक फायदे और चुनावी कैंपेन की अप्रत्यक्ष शुरुआत से जोड़कर देखा जा रहा है। 

मीडिया को प्रवेश नहीं
शहर का हर वो हिस्सा जहां वाअज रिले की जाएगी वहां सैफी एम्बुलेंस खड़ी की गई थी। पीएम मोदी के दौरे के चलते इंदौर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किये गए थे। पुलिस के 3500 जवान सुरक्षा व्यवस्था में तैनात रहे। शहर के 500 डॉक्टर्स मेडिकल इमरजेंसी के लिए उपलब्ध रहे। साथ ही इस कार्यक्रम की सुरक्षा के लिए सैयदना साहब के 15 हजार सुरक्षा कर्मी भी तैनात किए गए थे। शहर में स्वच्छता बनी रहे, इसके लिए नजाफत कमेटी बनाई गई, जिसमें 800 लोग हैं। ये चप्पे-चप्पे पर खड़े हैं, ताकि वाअज़ के दौरान देश के सबसे स्वच्छ शहर में एक भी जगह कचरा न दिखाई दे। 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इंदौर एयरपोर्ट पर आने के बाद सड़क मार्ग के जरिये सैफी मस्जिद पहुंचे। उनका काफिला एयरपोर्ट से कालानी नगर, रामचंद्र नगर चौराहा, बड़ा गणपति, राज मोहल्ला चौराहा, गंगवाल बस स्टैंड, महू नाका, कलेक्ट्रेट, फल्सीकर, मणिकबाज ब्रिज होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तिराहा से होते हुए सैफी नगर मस्जिद पहुंचा।


 

कमेंट करें
cE23H
कमेंट पढ़े
jpg September 15th, 2018 09:16 IST

सब धर्म सम भाव ! जब तक हम सभी (धर्म) अपने देश को अपना नहीं समझेंगे तब तक हम स्वयं का भी ओर देश का विकास नहीं कर सकते ! हम संपन हमारा देश संंपन !

Praful dusane September 14th, 2018 11:19 IST

मे दैनिक भासकंर के माधयम से माननीय पृधानमत्री जी एवम आदरणीय मुखयमंत्री जी को ये सनदेंश दे रहा हू कि ये कहते है कि बेटी बचाओ और बेटी पढाऔ पर केसे पढाये सरकारी शाला की भी फीस साल की (40000)हो गई हेै। जो कि पहले साल की (2000) हुआ करती थी ईतने जलदी तो सैलरी भी नही बढती है अब आप बताए की महीने की(9700रू)की सैलरी लेने वाला ये फीस केसे भरेगा। सूचनारथ

NEXT STORY

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

जानिए भास्कर प्रॉपर्टी के बारे में:
भास्कर प्रॉपर्टी ऑनलाइन रियल एस्टेट स्पेस में तेजी से आगे बढ़ने वाली कंपनी हैं, जो आपके सपनों के घर की तलाश को आसान बनाती है। एक बेहतर अनुभव देने और आपको फर्जी लिस्टिंग और अंतहीन साइट विजिट से मुक्त कराने के मकसद से ही इस प्लेटफॉर्म को डेवलप किया गया है। हमारी बेहतरीन टीम की रिसर्च और मेहनत से हमने कई सारे प्रॉपर्टी से जुड़े रिकॉर्ड को इकट्ठा किया है। आपकी सुविधाओं को ध्यान में रखकर बनाए गए इस प्लेटफॉर्म से आपके समय की भी बचत होगी। यहां आपको सभी रेंज की प्रॉपर्टी लिस्टिंग मिलेगी, खास तौर पर जबलपुर की प्रॉपर्टीज से जुड़ी लिस्टिंग्स। ऐसे में अगर आप जबलपुर में प्रॉपर्टी खरीदने का प्लान बना रहे हैं और सही और सटीक जानकारी चाहते हैं तो भास्कर प्रॉपर्टी की वेबसाइट पर विजिट कर सकते हैं।

ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।