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राजनाथ ने व्यापारिक वार्ता बाद मॉस्को में विजय दिवस परेड में हिस्सा लिया

June 24th, 2020 16:31 IST
 राजनाथ ने व्यापारिक वार्ता बाद मॉस्को में विजय दिवस परेड में हिस्सा लिया

हाईलाइट

  • राजनाथ ने व्यापारिक वार्ता बाद मॉस्को में विजय दिवस परेड में हिस्सा लिया

नई दिल्ली, 24 जून (आईएएनएस)। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और रक्षा सचिव अजय कुमार ने बुधवार को रणनीतिक व्यापारिक वार्ता के बाद मॉस्को के रेड स्क्वेयर पर विजय दिवस परेड में भाग लिया, जिसे द्वितीय विश्वयुद्ध में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ की जीत की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया।

राजनाथ सिंह रूस के तीन दिवसीय दौरे पर हैं। उन्होंने कहा, मुझे गर्व है कि भारतीय सशस्त्र बलों की तीनों सेनाओं की टुकड़ी भी इस परेड में भाग ले रही है।

मॉस्को की उनकी यात्रा बहुत महत्वपूर्ण है, क्योंकि पूर्वी लद्दाख में सीमा मुद्दे को लेकर चीन के साथ भारत के संबंध बिगड़ गए हैं। दोनों देशों की सेनाएं सीमा संबंधी मुद्दों पर आमने-सामने हैं। लद्दाख की गलवान घाटी में 15 जून की रात चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के साथ हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक शहीद हो गए थे। इस हिंसक झड़प में चीनी पक्ष की ओर से भी सैनिक हताहत हुए हैं, मगर उसका वास्तविक आंकड़ा अभी तक पता नहीं चल सका है।

सिंह ने मंगलवार को कहा कि भारत-रूस द्विपक्षीय संबंध एक विशेष रणनीतिक साझेदारी के तहत है, जिसका भविष्य मजबूत है।

सिंह रूसी रक्षा मंत्रालय के निमंत्रण पर मॉस्को गए हैं। उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के में नाजी जर्मनी पर सोवियत संघ यानी रूस की जीत की याद में मनाए जाने वाले विजय दिवस परेड में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया था।

भारत-रूस संबंधों पर रक्षा मंत्री ने कहा, हमारी एक विशेष रणनीतिक साझेदारी है। हमारे रक्षा संबंध इसके महत्वपूर्ण स्तंभों में से एक हैं।

सिंह ने रूस के उप प्रधानमंत्री यूरी बोरिसोव के साथ बैठक में भारत के रक्षा संबंधों की समीक्षा की। सिंह ने कहा कि यह चर्चा बहुत सकारात्मक और फलदायक रही। उन्होंने कहा कि रूस ने उन्हें आश्वासन दिया है कि मौजूदा रक्षा अनुबंधों को बनाए रखा जाएगा और न केवल इन्हें बनाए रखा जाएगा, बल्कि कई मामलों में उन्हें कम समय में ही आगे भी लेकर जाया जाएगा।

सिंह ने कहा कि भारत के सभी प्रस्तावों को रूसी पक्ष से सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है और वे चर्चा से पूरी तरह संतुष्ट हैं।

सिंह ने कहा, मैं विश्वास के साथ कह सकता हूं कि भारत और रूस के बीच पारंपरिक मित्रता मजबूत बनी हुई है। हमारे आपसी हित ठोस हैं और हम अपनी विशेष मित्रता की भावना से भविष्य में सहयोग करने के लिए तत्पर हैं।

सिंह ने द्वितीय विश्व युद्ध में जीत के लिए रूसी लोगों के असीम बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि रूस के लोगों ने दुनिया की सुरक्षा में योगदान दिया है।

रक्षा सचिव अजय कुमार ने अपने समकक्ष और रूसी उप रक्षा मंत्री अलेक्जेंडर फोमिन के साथ चर्चा की।

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छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद का खात्मा ठोस रणनीति से संभव - अभय तिवारी

डिजिटल डेस्क, भोपाल। 21वीं सदी में भारत की राजनीति में तेजी से बदल रही हैं। देश की राजनीति में युवाओं की बढ़ती रूचि और अपनी मौलिक प्रतिभा से कई आमूलचूल परिवर्तन देखने को मिल रहे हैं। बदलते और सशक्त होते भारत के लिए यह राजनीतिक बदलाव बेहद महत्वपूर्ण साबित होगा ऐसी उम्मीद हैं।

अलबत्ता हमारी खबरों की दुनिया लगातार कई चहरों से निरंतर संवाद करती हैं। जो सियासत में तरह तरह से काम करते हैं। उनको सार्वजनिक जीवन में हमेशा कसौटी पर कसने की कोशिश में मीडिया रहती हैं।

आज हम बात करने वाले हैं मध्यप्रदेश युवा कांग्रेस (सोशल मीडिया) प्रभारी व राष्ट्रीय समन्वयक, भारतीय युवा कांग्रेस अभय तिवारी से जो अपने गृह राज्य छत्तीसगढ़ से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से अपनी राय रखते हैं और छत्तीसगढ़ को बेहतर बनाने के प्रयास के लिए लामबंद हैं।

जैसे क्रिकेट की दुनिया में जो खिलाड़ी बॉलिंग फील्डिंग और बल्लेबाजी में बेहतर होता हैं। उसे ऑलराउंडर कहते हैं अभय तिवारी भी युवा तुर्क होने के साथ साथ अपने संगठन व राजनीती  के ऑल राउंडर हैं। अब आप यूं समझिए कि अभय तिवारी देश और प्रदेश के हर उस मुद्दे प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से लगातार अपना योगदान देते हैं। जिससे प्रदेश और देश में सकारात्मक बदलाव और विकास हो सके।

छत्तीसगढ़ में नक्सल समस्या बहुत पुरानी है. लाल आतंक को खत्म करने के लिए लगातार कोशिशें की जा रही है. बावजूद इसके नक्सल समस्या बरकरार है।  यह भी देखने आया की पूर्व की सरकार की कोशिशों से नक्सलवाद नहीं ख़त्म हुआ परन्तु कांग्रेस पार्टी की भूपेश सरकार के कदम का समर्थन करते हुए भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय कोऑर्डिनेटर अभय तिवारी ने विश्वास जताया है कि कांग्रेस पार्टी की सरकार एक संवेदनशील सरकार है जो लड़ाई में नहीं विश्वास जीतने में भरोसा करती है।  श्री तिवारी ने आगे कहा कि जितने हमारे फोर्स हैं, उसके 10 प्रतिशत से भी कम नक्सली हैं. उनसे लड़ लेना कोई बड़ी बात नहीं है, लेकिन विश्वास जीतना बहुत कठिन है. हम लोगों ने 2 साल में बहुत विश्वास जीता है और मुख्यमंत्री के दावों पर विश्वास जताया है कि नक्सलवाद को यही सरकार खत्म कर सकती है।  

बरहाल अभय तिवारी छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री बघेल के नक्सलवाद के खात्मे और छत्तीसगढ़ के विकास के संबंध में चलाई जा रही योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं. ज्ञात हो कि छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री ने यह कई बार कहा है कि अगर हथियार छोड़ते हैं नक्सली तो किसी भी मंच पर बातचीत के लिए तैयार है सरकार। वहीं अभय तिवारी  सर्कार के समर्थन में कहा कि नक्सली भारत के संविधान पर विश्वास करें और हथियार छोड़कर संवैधानिक तरीके से बात करें।  कांग्रेस सरकार संवेदनशीलता का परिचय देते हुए हर संभव नक्सलियों को सामाजिक  देने का प्रयास करेगी।  

बीते 6 महीने से ज्यादा लंबे चल रहे किसान आंदोलन में भी प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से अभय तिवारी की खासी महत्वपूर्ण भूमिका हैं। युवा कांग्रेस के बैनर तले वे लगातार किसानों की मदद के लिए लगे हुए हैं। वहीं मौजूदा वक्त में कोरोना की दूसरी लहर के बाद बिगड़ी स्थितियों में मरीजों को ऑक्सीजन और जरूरी दवाऐं निशुल्क उपलब्ध करवाने से लेकर जरूरतमंद लोगों को राशन की व्यवस्था करना। राजनीति से इतर बेहद जरूरी और मानव जीवन की रक्षा के लिए प्रयासरत हैं।

बहरहाल उम्मीद है कि देश जल्दी करोना से मुक्त होगा और छत्तीसगढ़ जैसा राज्य नक्सलवाद को जड़ से उखाड़ देगा। देश के बाकी संपन्न और विकासशील राज्यों की सूची में जल्द शामिल होगा। लेकिन ऐसा तभी संभव होगा जब अभय तिवारी जैसे युवा और विजनरी नेता निरंतर रणनीति के साथ काम करेंगे तो जल्द ही छत्तीसगढ़ भी देश के संपन्न राज्यों की सूची में शामिल होगा।