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फ्रांस से लौटे राजनाथ, राफेल शस्त्र पूजा के बवाल पर कहा- पूजा पद्धति पर सवाल उठाना ठीक नहीं


हाईलाइट

  • तीन दिवसीय यात्रा पर फ्रांस गए राजनाथ सिंह गुरुवार को वापस अपने देश लौट आए
  • राजनाथ राफेल विमान रिसीव करने के लिए फ्रांस के दौरे पर थे
  • राफेल की शस्त्र पूजा के बवाल पर राजनाथ बोले- पूजा पद्धति पर सवाल उठाना ठीक नहीं

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तीन दिवसीय यात्रा पर फ्रांस गए रक्षामंत्री राजनाथ सिंह गुरुवार को वापस अपने देश लौट आए। राजनाथ राफेल विमान रिसीव करने के लिए फ्रांस के दौरे पर थे। राफेल विमान की शस्त्र पूजा पर मचे बवाल को लेकर भी राजनाथ का बयान सामने आया है। राजनाथ ने कहा कि पूजा पद्धति पर सवाल उठाना ठीक नहीं है।

राजनाथ सिंह ने कहा, 'मैंने वही किया जो मुझे सही लगा। यह हमारा विश्वास है, कि एक सुपरपावर है और मैंने बचपन से ही यह माना है। मुझे लगता है कि कांग्रेस भी इस मुद्दे पर बंटी हुई होगी, यह हर किसी की राय नहीं रही होगी।' बता दें कि विजयादशमी पर फ्रांस के भारत को राफेल सौंपे जाने के बाद रक्षामंत्री ने पूरे विधि विधान से शस्त्र पूजा की थी। इस शस्त्र पूजा को कांग्रेस के कई नेताओं ने तमाशा करार दिया था।

कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा था कि इस तरह का ड्रामा करने की बिल्कुल भी आवश्‍यकता नहीं थी। इससे पहले जब हमने बोफोर्स डील की थी, पार्टी ने इतना दिखावा नहीं किया था। अब ये हमारे वायुसेना के अधिकारी बता सकते हैं कि यह ठीक हो रहा है या नहीं। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने भी खड़गे की ही तरह शस्त्र पूजा को तमाशा बताया था।

हालांकि कांग्रेस नेता संजय निरुपम खड़गे के बयान पर असहमति जताते हुए कहा था, 'शस्त्र पूजा को ड्रामा या तमाशा कहा जाना बिल्‍कुल गलत है। शस्त्र पूजा हमारे देश की पुरानी परंपराओं में से एक है। दरअसल, समस्या यह है कि खड़गेजी नास्तिक हैं, उनका ईश्‍वर में विश्‍वास नहीं है, लेकिन कांग्रेस पार्टी में हर कोई नास्तिक नहीं है।'

कांग्रेस नेताओं की तरफ से आए इस तरह के बयानों पर गृहमंत्री अमित शाह ने जोरदार हमला बोला था। शाह ने कहा था, 'अभी-अभी मुझे पता चला कि कांग्रेस के खड़गे साहब ने बयान दिया है कि राफेल की शस्त्र पूजा का तमाशा करने की क्या जरूरत थी? लेकिन इसमें इनका दोष नहीं है, क्योंकि इनको इटली की संस्कृति की ज्यादा जानकारी है, भारत की संस्कृति की नहीं।'

बीजेपी नेता मनोज तिवारी ने भी कहा था, 'कांग्रेस के नेताओं ने शस्त्र पूजा पर टिप्पणी करते हुए नींबू रखने का मजाक बनाया। इसकी जितनी भी निंदा की जाए वह कम है। शस्त्र पूजा करना रोली चंदन से शस्त्रों को तिलक कर शुभ करना, नारियल, नींबू लगाना भारतीय संस्कृति का प्रमुख हिस्सा है। हिन्दू धर्म में माने जाने वाले शुभ रिवाज है जिनके पश्चात ही कोई शुभ कार्य किया जाता है।

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Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

Real Estate: खरीदना चाहते हैं अपने सपनों का घर तो रखे इन बातों का ध्यान, भास्कर प्रॉपर्टी करेगा मदद

डिजिटल डेस्क, जबलपुर। किसी के लिए भी प्रॉपर्टी खरीदना जीवन के महत्वपूर्ण कामों में से एक होता है। आप सारी जमा पूंजी और कर्ज लेकर अपने सपनों के घर को खरीदते हैं। इसलिए यह जरूरी है कि इसमें इतनी ही सावधानी बरती जाय जिससे कि आपकी मेहनत की कमाई को कोई चट ना कर सके। प्रॉपर्टी की कोई भी डील करने से पहले पूरा रिसर्च वर्क होना चाहिए। हर कागजात को सावधानी से चेक करने के बाद ही डील पर आगे बढ़ना चाहिए। हालांकि कई बार हमें मालूम नहीं होता कि सही और सटीक जानकारी कहा से मिलेगी। इसमें bhaskarproperty.com आपकी मदद कर सकता  है। 

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ध्यान रखें की प्रॉपर्टी RERA अप्रूव्ड हो 
कोई भी प्रॉपर्टी खरीदने से पहले इस बात का ध्यान रखे कि वो भारतीय रियल एस्टेट इंडस्ट्री के रेगुलेटर RERA से अप्रूव्ड हो। रियल एस्टेट रेगुलेशन एंड डेवेलपमेंट एक्ट, 2016 (RERA) को भारतीय संसद ने पास किया था। RERA का मकसद प्रॉपर्टी खरीदारों के हितों की रक्षा करना और रियल एस्टेट सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना है। राज्य सभा ने RERA को 10 मार्च और लोकसभा ने 15 मार्च, 2016 को किया था। 1 मई, 2016 को यह लागू हो गया। 92 में से 59 सेक्शंस 1 मई, 2016 और बाकी 1 मई, 2017 को अस्तित्व में आए। 6 महीने के भीतर केंद्र व राज्य सरकारों को अपने नियमों को केंद्रीय कानून के तहत नोटिफाई करना था।