दैनिक भास्कर हिंदी: RSS प्रमुख बोले - विपक्षी दल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का विरोध नहीं कर सकते

October 2nd, 2018

हाईलाइट

  • मोहन भागवत ने कहा की देश का बहुसंख्यक समुदाय भगवान राम की पूजा करता है।
  • इसीलिए विपक्षी दल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का खुलेआम विरोध नहीं कर सकते हैं।
  • मोहन भागवत ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए RSS और BJP प्रतिबद्ध हैं लेकिन कुछ चीजों में समय लगता है।

डिजिटल डेस्क, हरिद्वार। अगले साल यानी 2019 में लोकसभा चुनाव होना है। इससे पहले एक बार फिर राम मंदिर निर्माण को लेकर सियासी बयानबाजी ने जोर पकड़ लिया है। मंगलवार को पतंजलि योगपीठ में आयोजित एक कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (RSS) के सर संघचालक मोहन भागवत ने कहा की देश का बहुसंख्यक समुदाय भगवान राम की पूजा करता है। इसीलिए विपक्षी दल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण का खुलेआम विरोध नहीं कर सकते हैं।

मोहन भागवत ने इस दौरान ये भी कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए RSS और BJP प्रतिबद्ध हैं लेकिन कुछ चीजों में समय लगता है। उन्होंने कहा, सरकार को सीमाओं में रहकर काम करना पड़ता है, लेकिन संत इन सब सीमाओं से आजाद होते है। उन्हें धर्म, देश और समाज के उत्थान के लिए काम करने की सलाह भागवत ने दी। उन्होंने कहा, जो सरकार अच्छा काम कर रही है उसे सत्ता में बना रहना चाहिए। वहीं उन्होंने कार्यक्रम में मौजूद साधु-संतों और पतंजलि विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को कहा कि उनके (छात्र-छात्राओं) साथ स्वामी रामदेव का आशीर्वाद है, इसीलिए आपको किसी दिशा-निर्देशन की जरुरत नहीं है।

बता दें कि पतंजलि योगपीठ में 'साधु स्वाध्याय संगम' नाम के एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया था। इसके समापन में शामिल होने के लिए मोहन भागवत पहुंचे थे। पतंजलि पहुंचने पर संघ प्रमुख का स्वामी रामदेव ने माल्यार्पण कर स्वागत किया। इस दौरान स्वामी रामदेव ने कहा, साधु अकसर उन जगहों पर सफल होते है जहां पर धनी और मंत्री लोग असफल होते हैं। रामदेव ने कहा, साधु-संत मंत्रियों और धनी लोगों से ज्यादा सफल है ये बात धनी लोगों का समझना होगा।

उन्होंने कहा संघ परिवार ने देश को ना जाने कितने सात्विक प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, सांसद और विधायक दिए हैं। इसके साथ समाजिक जीवन के विभिन्न क्षेत्रों में शिक्षा, एकल विद्यालय, चरित्र निर्माण, व्यक्ति निर्माण एवं राष्ट्र निर्माण से लेकर राष्ट्र आराधना की एक बहुत बड़ी सेवा की साधना संघ के द्वारा हुई है।

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