दैनिक भास्कर हिंदी: शाहीन बाग: चौथे दिन भी प्रदर्शनकारियों से नहीं बनी बात, खाली हाथ लौंटी वार्ताकार साधना

February 22nd, 2020

हाईलाइट

  • प्र​दर्शनकारियों ने वार्ताकार के सामने रखीं सात मांगें
  • प्रदर्शन के कारण 70 दिन से लोगों को हो रही दिक्कतें

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली के शाहीन बाग में नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों से सुप्रीम कोर्ट की ओर से नियुक्त वार्ताकार साधना रामचंद्रन की चौथे दिन की बातचीत भी बेनतीजा रही। इससे पहले लगातार चौथे दिन शनिवार सुबह वार्ताकार रामचंद्रन यहां पहुंचीं और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को रास्ता खोलने के लिए समझाया। प्रदर्शनकारियों ने वार्ताकार के समक्ष सात मांगे रखते हुए कहा कि जब तक सीएए वापस नहीं लिया जाता, तब तक रास्ते को खाली नहीं किया जाएगा।

सुबह 10.30 बजे यहां पहुंची साधना रामचंद्रन ने कहा कि यदि मार्ग नहीं खुला तो हम आपकी मदद नहीं कर पाएंगे। हम प्रदर्शन खत्म करने को नहीं कह रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैं यहां सरकार की ओर से नहीं आई हूं। हम सुप्रीम कोर्ट से कहेंगे की आपको सुरक्षा दी जाए। आपको एक पार्क दे दिया जाएगा, जहां आप प्रदर्शन को जारी रख सकते हैं।

प्र​दर्शनकारियों ने वार्ताकार के सामने रखीं सात मांगें
हालांकि, वार्ताकार की इस बात का सभी प्रदर्शनकारियों ने एक स्वर में खंडन कर दिया और उनके समक्ष सात मांगे रखीं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि हमारी मांग है कि यदि आधी सड़क खुलती है तो सुरक्षा और एल्युमिनियम शीट चाहिए। साथ ही शाहीनबाग के लोगों और जामिया के विद्यार्थियों पर दर्ज किए गए मुकदमें वापस लिए जाने चाहिए।

प्रदर्शनकारियों ने आगे की मांग रखते हुए कहा कि राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को लागू नहीं किया जाए। केंद्रीय मंत्रियों के विवादित बयानों पर कार्रवाई होनी चाहिए। आंदोलन में मारे गए लोगों के परिजनों को मुआवजा राशि दी जानी चाहिए व प्रदर्शन के दौरान घायल हुए लोगों के इलाज का खर्च सरकार वहन करे। हमें दिल्ली पुलिस पर भरोसा नहीं है, सुप्रीम कोर्ट हमारी सुरक्षा को लेकर आश्वासन दे।

प्रदर्शन के कारण 70 दिन से लोगों को हो रही दिक्कतें
वार्ताकार साधना ने प्रदर्शन स्थल से निकलते समय पत्रकारों से कहा कि यहां आने को लेकर मैं वकील संजय हेगड़े से बात करुंगी। जाहिर है 70 दिन से सीएए और एनआरसी को लेकर विरोध प्रदर्शन चल रहा है और जिसकी वजह से जिस रास्ते पर प्रदर्शन हो रहा है, उससे आसपास के लोगों को दिक्कत हो रही है।