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शिरडी बंद: विवाद सुलझाने उद्धव ने बुलाई बैठक, मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए खुला प्रसादालय  

शिरडी बंद: विवाद सुलझाने उद्धव ने बुलाई बैठक, मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए खुला प्रसादालय  

हाईलाइट

  • विवाद सुलझाने के लिए सोमवार को सीएम उद्धव करेंगे बैठक
  • शिवसेना सांसद सदाशिव लोखंडे ने भी बंद को अपना समर्थन दिया

डिजिटल डेस्क, शिरडी। महाराष्ट्र सीएम उद्धव ठाकरे के सांई बाबा के जन्मस्थान को लेकर दिए गए बयान पर विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। रविवार को शिरडी पूरी तरह से बंद रहा और लोग सड़कों पर प्रदर्शन करते दिखाई दिए। इस विवाद में घिरे सीएम उद्धव ने सोमवार को चर्चा के लिए मुं​बई सचिवालय में एक बैठक बुलाई है। 

वहीं श्री साईं बाबा संस्थान न्यास ने श्रद्धालुओं के लिए मंदिर खुला रखा है। इस वजह से मंदिर में श्रद्धालुओं की काफी भीड़ जमा हो गई है। श्री साईबाबा संस्थाव ट्रस्ट के सीईओ डीएम मुगलीकर ने कहा कि, 'आज बंद के बावजूद आज बंद साईं मंदिर आने वाले भक्तों के लिए भोजन और आवास की पर्याप्त व्यवस्था है। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कल एक बैठक बुलाई है।'

इस बीच शिरडी के शिवसेना सांसद सदाशिव लोखंडे ने भी बंद को अपना समर्थन दिया है।

श्रद्धालुओं के लिए खोला प्रसादालय और रसोई
वहीं शिरडी में बाजार पूरी तरह से बंद होने के कारण श्रद्धालुओं की परेशानी को देखते हुए मंदिर प्रशासन ने 'प्रसादालय' और 'मंदिर की रसोई' पर विशेष व्यवस्था की है। मंदिर ट्रस्ट और अहमद नगर प्रशासन ने बताया कि शहर में सभी दुकानें बंद हैं। ऐसे में श्रद्धालुओं की सुविधा का ख्याल रखते हुए प्रसादालय और मंदिर की रसोई को भी खुला रखा गया है।

पाथरी को बताया था साईं बाबा का जन्मस्थान
गौरतलब है कि परभणी जिले के पाथरी को साईं बाबा का जन्मस्थान बताते हुए सीएम उद्धव ठाकरे ने 'साईं जन्मस्थान' के विकास के लिए 100 करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की थी। तब से ही 19वीं सदी के संत साईं बाबा के समर्थकों में गुस्सा देखा जा रहा है। साईं बाबा के अनुयायियों का कहना है कि सीएम उद्धव ठाकरे को अपना बयान वापस लेना चाहिए।

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