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कर्नाटक में सियासी ड्रामा जारी, स्पीकर ने 3 बागी विधायकों को किया अयोग्य घोषित


हाईलाइट

  • रमेश कुमार ने गुरुवार को तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया
  • 15 वीं विधानसभा के कार्यकाल के अंत तक इन विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया है
  • अयोग्य विधायकों में आर शंकर, रमेश जारकीहोली और महेश कुमथल्ली है

डिजिटल डेस्क, बेंगलुरु। कर्नाटक में कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार गिरने के दो दिन बाद, स्पीकर रमेश कुमार ने गुरुवार को तीन बागी विधायकों को अयोग्य घोषित कर दिया। 15 वीं विधानसभा के कार्यकाल के अंत तक इन विधायकों को अयोग्य घोषित किया गया है। अयोग्य विधायकों में निर्दलीय विधायक आर शंकर, कांग्रेस विधायक रमेश जारकीहोली और महेश कुमथल्ली है।

रमेश जरकिहोली गोकक से और कुमथल्ली अथानी से विधायक हैं। जबकि आर शंकर राणेबेन्नूर से विधायक है।  रमेश कुमार ने कहा कि तीनों विधायकों ने सही तरीके से इस्तीफा नहीं दिया था और इसलिए दल-बदल कानून के तहत उन्हें अयोग्य ठहराने की कार्रवाई की गई है। स्पीकर ने कहा कि कुछ अन्य लोगों की भी शिकायतें उन्हें मिली हैं जिन पर वे फैसला लेने के लिए वक्त लेंगे। इसके लिए उन्हें काफी पढ़ना पड़ेगा। कर्नाटक के स्पीकर ने कहा कि अयोग्य करार दिए गए विधायकों के सामने दो विकल्प हैं। या तो सुप्रीम कोर्ट जाएं या हाई कोर्ट।

रमेश कुमार ने कहा, सुप्रीम कोर्ट ने जो भरोसा उनमें दिखाया है, उसे वह बरकरार रखेंगे। बागी विधायकों के मेरे पास आने की समयसीमा खत्म हो चुकी है। कानून सभी के लिए बराबर है। फिर वो मजदूर हो या फिर भारत का राष्ट्रपति। बता दें कि कुल 17 विधायकों ने एच डी कुमारस्वामी सरकार से बगावत कर स्पीकर को अपना इस्तीफा सौंप दिया था। 17 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि विधानसभा अध्यक्ष दल-बदल विरोधी कानून के अनुसार बागियों के इस्तीफे पर फैसला लेने के लिए स्वतंत्र हैं। हालांकि तीन जजों की बेंच ने ये भी साफ कर दिया था कि बागियों को सदन में भाग लेने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता।

बीजेपी के दल की उनसे मुलाकात पर पूछे गए एक सवाल के जवाब में, रमेश कुमार ने कहा, 'वे फाइनेंस बिल पर चर्चा के लिए आए थे - आज की तारीख 25 (जुलाई) है। 31 तारीख तक अगर हम फाइनेंस बिल को पारित नहीं करते हैं तो सरकार एक ठहराव पर आ जाएगी और हम यहां तक ​​कि वेतन देने की स्थिति में भी नहीं होंगे। ऐसी आवश्यकता आ गई है, क्या करना है?' 'मैंने कहा, जैसे ही सरकार बनती है 48 घंटों के भीतर हम एक सत्र बुलाएंगे ताकि काम चल सके।' हालांकि भाजपा ने अभी तक सरकार बनाने का दावा पेश नहीं किया है।

उधर, कार्यवाहक मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने दावा किया कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में राज्य में कोई भी स्थिर सरकार प्रदान नहीं कर सकता है। कुमारस्वामी ने कहा, 'आप या तो विकासात्मक गतिविधियों पर ध्यान दें या 20 से 25 जगहों में उपचुनाव पर, भाजपा ने एक ऐसा माहौल बना दिया है? हम यह नहीं मान सकते कि चुनावों के बाद भी सरकार स्थिर रहेगी।'

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