दैनिक भास्कर हिंदी: मप्र में फिर शुरू हुई प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना

September 26th, 2020

हाईलाइट

  • मप्र में फिर शुरू हुई प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना

डिजिटल डेस्क, भोपाल। मध्य प्रदेश की प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 16 हजार से प्रतिभावान विद्यार्थियों के खातों में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सिंगल क्लिक के जरिए लैपटॉप खरीदने करने के लिए साढ़े 40 करोड़ से ज्यादा की राशि अंतरित की। इस वर्ष कुल 40 हजार 542 विद्यार्थियों को प्रोत्साहन राशि दी जानी है। इस योजना में प्रति विद्यार्थी 25 हजार रुपये की राशि का प्रावधान है।

राजधानी के मिंटो हॉल में शुक्रवार को आयोजित समारोह में मुख्यमंत्री चौहान ने राशि अंतरित करते हुए छात्र-छात्राओं से कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए हर संभव कोशिश करें। राज्य सरकार हर कदम पर उनके साथ है। मुख्यमंत्री चौहान ने आगे कहा कि यह योजना बंद कर दी गई थी। पं़ दीनदयाल उपाध्याय के जन्म दिवस के अवसर पर छात्रों को प्रोत्साहन देने, हौसला बढ़ाने और प्रतिस्पर्धी भाव पैदा करने वाली यह योजना फिर शुरू की जा रही है। कोविड-19 के कारण विद्यार्थियों को यह प्रोत्साहन वर्चुअल आधार पर दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री चौहान द्वारा प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए 16 हजार 208 विद्यार्थियों के खाते में 25 हजार रुपये प्रति छात्र के हिसाब से 40 करोड़ 52 लाख रुपये सिंगल क्लिक द्वारा अंतरित किए गए। इस योजना के तहत वर्तमान वर्ष 40 हजार 542 विद्यार्थियों को 101 करोड़ रूपये की राशि प्रदान की जानी है। मुख्यमंत्री चौहान ने मिंटो हाल में भोपाल के छह विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और चेक प्रदान किए। स्कूल शिक्षा मंत्री इंदरसिंह परमार ने योजना को पुन आरंभ करने पर मुख्यमंत्री का आभार जताया।

उल्लेखनीय है कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना 2009 में आरंभ हुई थी। प्रारंभ में माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 85 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले शासकीय स्कूलों के विद्यार्थियों को लैपटॉप लेने के लिए राशि प्रदान की जाती थी। वर्ष 2013 से अशासकीय विद्यार्थियों को भी इस योजना का लाभ प्रदान किया जाने लगा। इस बार वर्ष 2020 की कक्षा 12वीं की परीक्षा में 80 प्रतिशत तथा उससे अधिक अंक हासिल करने वाले कुल 40 हजार 542 विद्यार्थियों को 25 हजार प्रति विद्यार्थी के हिसाब से 101 करोड़ रुपये से अधिक की राशि प्रदान की जानी है।