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एनकाउंटर: तेलंगाना हाईकोर्ट का आदेश, चारों आरोपियों के शव को 13 तारीख तक रखे सुरक्षित

एनकाउंटर: तेलंगाना हाईकोर्ट का आदेश, चारों आरोपियों के शव को 13 तारीख तक रखे सुरक्षित

हाईलाइट

  • चारों आरोपियों के शवों को 13 तारीख तक सुरक्षित रखने का तेलंगाना HC का आदेश
  • इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी
  • SC भी इस मामले की जांच की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करेगी

डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। तेलंगाना हाईकोर्ट ने सोमवार को आदेश दिया कि मुठभेड़ में मारे गए वेटनरी डॉक्टर के रेप और हत्या के मामले के चारों आरोपियों के शवों को 13 दिसंबर तक सुरक्षित रखा जाए। इस मामले की सुनवाई 12 दिसंबर को होगी। इससे पहले कोर्ट ने शवों को 9 दिसंबर को शाम 8 बजे तक सुरक्षित रखने के आदेश दिए थे। बता दें कि गैंगरेप मामले के चारों आरोपियों का पुलिस ने 7 दिसंबर को एनकाउंटर कर दिया था।

उधर, सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले की एसआईटी जांच की मांग करने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई करने पर सहमति व्यक्त की। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को इस मामले की सुनवाई की तारीख तय की है। याचिका में आरोप लगाया गया है कि एनकाउंटर पर सुप्रीम कोर्ट के दिशानिर्देशों का पालन नहीं किया गया है। साइबराबाद पुलिस कमिश्नर वीसी सज्जनार और एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग भी की गई है।

चीफ जस्टिस एस ए बोबडे की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि कोर्ट यह भी जांच करेगी कि तेलंगाना हाईकोर्ट मामले की किस तरह से निगरानी कर रही है। शनिवार को दो वकीलों ने इस याचिका को दायर किया था। याचिकाकर्ताओं जी.एस. मणि और प्रदीप कुमार यादव ने एनकाउंटर की जांच कराने के लिए FIR दर्ज करने और फिर सीबीआई, एसआईटी, सीआईडी ​​या अन्य राज्यों के पुलिस अधिकारियों की टीम से जांच के लिए निर्देश देने की मांग की।

एडवोकेट मनोहर लाल शर्मा की ओर से दायर याचिका दायर की गई है। इस याचिका को अभी कोर्ट में लिस्ट नहीं किया गया है। याचिका में कहा गया है कि पुलिस हिरासत में 4 आरोपियों की हत्या कथित तौर पर राजनीतिक मांग और मीडिया ट्रायल के कारण की गई थी। मीडिया में लगातार आरोपियों को फांसी देने की मांग की जा रही थी। ये आर्टिकल 21 का गंभीर उल्लंघन है।

बता दें कि सभी चार आरोपियों को पुलिस ने शुक्रवार सुबह चटनपल्ली में गोली मार दी थी। इन चारों आरोपियों को रिक्रिएशन के लिए घटनास्थल पर ले जाया गया था। आरोपियों ने पुलिस के हथियार छीनकर वहां से भागने की कोशिश की थी। इसी वजह से पुलिस को आरोपियों पर गोली चलाना पड़ा था। इन चारों पर महिला पशुचिकित्सक के साथ गैंगरेप और फिर जिंदा जलाकर मारने का आरोप लगा था।

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